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मानसून में पानी से लबालब होंगी सडक़ें, गंदगी से अटे हैं नाले

Sun, 26 Jun 2022 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 26 Jun 2022 12:18 AM IST
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Roads will be filled with water in monsoon
सोनीपत। मानसून में शहर की सड़कें पानी से लबालब हो जाएंगी। जुलाई माह के पहले सप्ताह में ही मानसून सक्रिय हो सकता है। बारिश के पानी की निकासी न होने से दुकानदारों व वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम ने मानसून सिर पर आने के बाद अब 38 लाख रुपये के टेंडर आवंटित किए हैं। वर्तमान में शहर के बीच गुजरने वाली ड्रेन नंबर छह व अधिकतर नाले गंदगी से अटे हुए हैं। निगम के अधिकारी मानसून शुरू होने से पहले ड्रेन व नालों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे तो कर रहे हैं, लेकिन अभी तेजी से सफाई शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में पिछले सीजन की तरह इस बार भी लोगों को सड़क पर पानी भरने का अंदेशा है।
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निगम क्षेत्र में 51 किलोमीटर में 32 नाले हैं। निगम प्रशासन की अनदेखी के कारण नालों की सफाई ठीक ढंग से नहीं कराई जाती। साथ ही ड्रेन नंबर छह भी गंदगी से अटी हुई है। उनकी सफाई न होने के कारण मानसून के दौरान शहर में हालात खराब हो जाते हैं। निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण शहर की सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं। इस समस्या को दूर कराने के लिए शहर के लोग हर वर्ष निगम अधिकारियों से मांग करते हैं। अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा शहर के लोगों को भुगतना पड़ता है। शहर के बीच ड्रेन नंबर छह पानी निकासी का मुख्य नाला है जो आधे से ज्यादा गंदगी से अटा पड़ा है। दो साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग के पास नालों व सीवरों की सफाई व्यवस्था थी। इस निगम कार्यालय में डेपुटेशन पर आए कर्मियों में ज्यादातर वापस चले गए हैं। निगम प्रशासन के पास 43 कर्मचारी हैं, जिनसे निगम के अधिकारी सीवरों व नालों की सफाई कराते हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण नगर निगम ने बारिश से पहले सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के लिए 25 लाख रुपये का टेंडर आवंटित किया है। जिस एजेंसी को नालों की सफाई कराने का काम दिया वह पहले ग्रामीण क्षेत्र में सफाई करा रही है। टेंडर भी इसी सप्ताह जारी किया गया है। जिससे निगम की गलती का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ सकता है।
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इंसेट
रैंपों की वजह से नालों की नहीं होती ठीक ढंग से सफाई
शहर में कई स्थानों पर दुकानदारों ने नालों पर रैंप बना रखे हैं। जिसकी वजह से सफाई ठीक ढंग से नहीं हो पाती। जिसके चलते उस हिस्से में कचरा रह जाता है। बारिश के दौरान निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण सड़कें पानी से लबालब हो जाती हैं। इसके बाद शहर में पानी निकासी में 3 से 4 घंटे लग जाते हैं। वहीं दुकानदारों ने गोहाना रोड, ओल्ड डीसी रोड, मुरथल अड्डा रोड, सब्जी मंडी के पास समेत कई अन्य मार्गों पर नालों के ऊपर रैंप बना रखे हैं। निगम अधिकारी इन रैंपों को हटवाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे।
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इंसेट
इन स्थानों पर भर जाता है बारिश का पानी
बारिश के दौरान गीता भवन चौक, शनि मंदिर अंडरपास, सारंग रोड अंडरपास, सेक्टर-14, सेक्टर-15, ओल्ड डीसी रोड, कालूपुर चुंगी, ककरोई चौक आदि जगहों पर पानी भर जाता है। निकासी व्यवस्था ठप होने के कारण सड़कों पर जाम लग जाता है। इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर निगम प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।

वर्जन
मानसून सीजन शुरू होने से पहले सफाई व्यवस्था दुरुस्त करा दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में नालों की सफाई का काम शुरू हो चुका है। बारिश के दौरान शहर के लोगों और वाहन चालकों को परेशानी न हो, इसको लेकर शहर में जलभराव की समस्या का समाधान कर लिया जाएगा।- साहब सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
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