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आरक्षण आंदोलन : जिले में धारा 144 लागू पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स ने निकाला फ्लैग मार्च
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 28 Jan 2017 12:59 AM IST
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आरक्षण आंदोलन के लिए आयोजित हुई बैठक को संबोधित करते खाप प्रधान राजेंद्र खत्री।
- फोटो : sonipat
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आरक्षण आंदोलन की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। 29 जनवरी से आरक्षण आंदोलन की चेतावनी को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। हालांकि, जिले में माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण है, फिर भी ऐहतियात के तौर पर धारा 144 लगा दी गई है। साथ ही अर्धसैनिक बलों ने शुक्रवार शाम से शहर में फ्लैग मार्च निकाला। सोनीपत में पैरा मिलिट्री फोर्स की आठ टुकड़ियां पहुंच गई हैं। वहीं, आर्म्ड फोर्स की छह टुकड़ियों को तैनात किया गया है। मुनक नहर, हाईवे व शहर में सुरक्षा पुख्ता कर दी गई है। सभी सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी है और सर्च ऑपरेशन शुरू किए गए हैं। वहीं अर्धसैनिक बलों ने मोर्चा संभाल लिया है।
29 जनवरी को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से प्रदेश के 19 जिलों में अनिश्चितकालीन धरने शुरू करने की घोषणा कर रखी है। यशपाल मलिक के नेतृत्व वाले संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि, जिले में खाप पंचायतों द्वारा आंदोलन का बहिष्कार किया जा चुका है। हवासिंह सांगवान के नेतृत्व वाले संगठन ने भी मलिक के इस आंदोलन से दूरी बनाई हुई है। इसके बावजूद प्रशासन जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। उपायुक्त केएम पांडुरंग के अलावा उपमंडलों में एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने गांवों का दौरा किया व ग्रामीणों को सचेत किया। ग्रामीणों को किसी प्रकार के आंदोलन में शामिल न होने की हिदायत के साथ कानून अपने हाथों में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
मुनक नहर की अभेद सुरक्षा
दिल्ली की जीवन रेखा कही जाने वाली मुनक नहर से ही दिल्ली में पेयजल की सप्लाई होती है। फरवरी, 2016 में आरक्षण आंदोलन के दौरान मुनक नहर को तोड़ दिया गया था। इससे दिल्ली में पेयजल संकट गहरा गया था। इस बार मुनक नहर पर पहले से ही आरएएफ की टुकड़ी सुरक्षा में तैनात कर दी गई हैं।
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सुरक्षा में कोताही नहीं होगी सहन : एसपी
पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने कहा कि सुरक्षा में किसी तरह की कोताही सहन नहीं होगी। पैरा मिलिट्री फोर्स की आठ टुकड़ी पहुुंच गई हैं। इनमें आरएएफ की पांच और सीआरपीएफ की तीन टुकड़ी शामिल हैं। वहीं, आर्म्ड फोर्स की छह टुकड़ी आ चुकी हैं। सुरक्षा से कोई समझौता मंजूर नहीं है। माहौल को हर हाल में शांतिपूर्ण बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। देर शाम शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया है।
सुरक्षा कड़ी, माहौल शांतिपूर्ण
उपायुक्त केएम पांडुरंग ने कहा कि जिले में माहौल शांतिपूर्ण है और माहौल न बिगड़ने देने का आश्वासन ग्रामीणों ने दिया है। इसके बावजूद सुरक्षात्मक लिहाज से कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। गोहाना के चौ. देवीलाल स्टेडियम में पंच-सरपंचों की बैठक ली गई हैं। उन्होंने जब आरक्षण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो आंदोलन का औचित्य नहीं बनता। प्रशासन ने कहा कि आंदोलनकर्ताओं को धरने के लिए जगह देने वाले सरपंच ही नुकसान होने पर उसकी भरपाई करेंगे।
29 को हर हाल में होगा धरना
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष आजाद लठवाल ने कहा कि समिति आरक्षण आंदोलन की लड़ाई हर हाल में लड़ेगी। सोनीपत में लाठ जौली चौक पर 29 जनवरी को धरना दिया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के कुछ नुमाइंदे उनके आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन समुदाय अपने हक की लड़ाई लड़ेगा भी और जीतेगा भी। रोहतक के नांदल भवन में शुक्रवार को खापों की पंचायत हुई, जिसमें खाप प्रतिनिधियों ने समिति का साथ देने का फैसला लिया है।
आंदोलन के दौरान जेल में बंद रहे युवा करेंगे नेतृत्व
सोनीपत। छोटूराम धर्मशाला में हुई खापों के प्रतिनिधियों की महापंचायत के दौरान दहिया खाप के पदाधिकारी सुरेंद्र दहिया ने कहा कि बैठक में लिए निर्णय के मुताबिक, रोहतक में धरने की शुरुआत की जाएगी। इसका नेतृत्व जेलों से रिहा किए गए 125 युवा करेंगे। धरने के दौरान ही 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें सभी जिलों से एक-एक सदस्य रखा जाएगा। यही मिल बैठकर आगे की रणनीति पर फैसले लेंगे। इसी बीच सरकार से बातचीत भी जारी रहेगी। समाधान न होने की स्थिति में 26 फरवरी को जींद में रैली कर सरकार को ताकत दिखाई जाएगी। महापंचायत में दहिया खाप से सुरेंद्र दहिया, राजेश दहिया, समैण खाप से सर्वखाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से हवा सिंह, मूलचंद दहिया, हुड्डा खाप से धर्मपाल हुड्डा आदि मौजूद रहे।
यशपाल मलिक पर जमकर साधा निशाना
महापंचायत में जाट नेता यशपाल मलिक पर निशाना साधा गया। जाटों ने कहा कि जाट युवा किसी के हाथों में नहीं खेलेंगे और अपने हक के लिए स्वयं लड़ेंगे। कई खाप प्रतिनिधियों ने उनके खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। कई ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पिछली बार प्रदेश में जितना बवाल हुआ, इसके लिए यशपाल मलिक जिम्मेदार है। आरोप लगाया कि हरियाणा के लोगों की जान जाती है, यशपाल मलिक यूपी में बैठक केवल बयानबाजी करते हैं। अगर सही में समुदाय हितैषी है तो यूपी के लोगों को साथ लेकर चुनाव का बहिष्कार करे। खापों ने स्पष्ट किया कि इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। महापंचायत में मांग उठाई गई कि उन पर दर्ज मामले खत्म किए जाएं, जान गंवाने वाले युवाओं के परिजनों को नौकरी दी जाए। जिन नेताओं ने समाज को तोड़ने का काम किया है, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं। समुदाय को राज्य व केंद्र में आरक्षण दिया जाए। पूरे मामले की नए सिरे से जांच की जाए।
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29 जनवरी को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से प्रदेश के 19 जिलों में अनिश्चितकालीन धरने शुरू करने की घोषणा कर रखी है। यशपाल मलिक के नेतृत्व वाले संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है। हालांकि, जिले में खाप पंचायतों द्वारा आंदोलन का बहिष्कार किया जा चुका है। हवासिंह सांगवान के नेतृत्व वाले संगठन ने भी मलिक के इस आंदोलन से दूरी बनाई हुई है। इसके बावजूद प्रशासन जोखिम उठाने के मूड में नहीं है। उपायुक्त केएम पांडुरंग के अलावा उपमंडलों में एसडीएम व अन्य अधिकारियों ने गांवों का दौरा किया व ग्रामीणों को सचेत किया। ग्रामीणों को किसी प्रकार के आंदोलन में शामिल न होने की हिदायत के साथ कानून अपने हाथों में लेने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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मुनक नहर की अभेद सुरक्षा
दिल्ली की जीवन रेखा कही जाने वाली मुनक नहर से ही दिल्ली में पेयजल की सप्लाई होती है। फरवरी, 2016 में आरक्षण आंदोलन के दौरान मुनक नहर को तोड़ दिया गया था। इससे दिल्ली में पेयजल संकट गहरा गया था। इस बार मुनक नहर पर पहले से ही आरएएफ की टुकड़ी सुरक्षा में तैनात कर दी गई हैं।
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सुरक्षा में कोताही नहीं होगी सहन : एसपी
पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने कहा कि सुरक्षा में किसी तरह की कोताही सहन नहीं होगी। पैरा मिलिट्री फोर्स की आठ टुकड़ी पहुुंच गई हैं। इनमें आरएएफ की पांच और सीआरपीएफ की तीन टुकड़ी शामिल हैं। वहीं, आर्म्ड फोर्स की छह टुकड़ी आ चुकी हैं। सुरक्षा से कोई समझौता मंजूर नहीं है। माहौल को हर हाल में शांतिपूर्ण बनाए रखना पुलिस की जिम्मेदारी है। देर शाम शहर में फ्लैग मार्च भी निकाला गया है।
सुरक्षा कड़ी, माहौल शांतिपूर्ण
उपायुक्त केएम पांडुरंग ने कहा कि जिले में माहौल शांतिपूर्ण है और माहौल न बिगड़ने देने का आश्वासन ग्रामीणों ने दिया है। इसके बावजूद सुरक्षात्मक लिहाज से कोई कोताही नहीं बरती जा रही है। गोहाना के चौ. देवीलाल स्टेडियम में पंच-सरपंचों की बैठक ली गई हैं। उन्होंने जब आरक्षण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो आंदोलन का औचित्य नहीं बनता। प्रशासन ने कहा कि आंदोलनकर्ताओं को धरने के लिए जगह देने वाले सरपंच ही नुकसान होने पर उसकी भरपाई करेंगे।
29 को हर हाल में होगा धरना
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष आजाद लठवाल ने कहा कि समिति आरक्षण आंदोलन की लड़ाई हर हाल में लड़ेगी। सोनीपत में लाठ जौली चौक पर 29 जनवरी को धरना दिया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के कुछ नुमाइंदे उनके आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन समुदाय अपने हक की लड़ाई लड़ेगा भी और जीतेगा भी। रोहतक के नांदल भवन में शुक्रवार को खापों की पंचायत हुई, जिसमें खाप प्रतिनिधियों ने समिति का साथ देने का फैसला लिया है।
आंदोलन के दौरान जेल में बंद रहे युवा करेंगे नेतृत्व
सोनीपत। छोटूराम धर्मशाला में हुई खापों के प्रतिनिधियों की महापंचायत के दौरान दहिया खाप के पदाधिकारी सुरेंद्र दहिया ने कहा कि बैठक में लिए निर्णय के मुताबिक, रोहतक में धरने की शुरुआत की जाएगी। इसका नेतृत्व जेलों से रिहा किए गए 125 युवा करेंगे। धरने के दौरान ही 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें सभी जिलों से एक-एक सदस्य रखा जाएगा। यही मिल बैठकर आगे की रणनीति पर फैसले लेंगे। इसी बीच सरकार से बातचीत भी जारी रहेगी। समाधान न होने की स्थिति में 26 फरवरी को जींद में रैली कर सरकार को ताकत दिखाई जाएगी। महापंचायत में दहिया खाप से सुरेंद्र दहिया, राजेश दहिया, समैण खाप से सर्वखाप के राष्ट्रीय प्रवक्ता सूबे सिंह, अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति से हवा सिंह, मूलचंद दहिया, हुड्डा खाप से धर्मपाल हुड्डा आदि मौजूद रहे।
यशपाल मलिक पर जमकर साधा निशाना
महापंचायत में जाट नेता यशपाल मलिक पर निशाना साधा गया। जाटों ने कहा कि जाट युवा किसी के हाथों में नहीं खेलेंगे और अपने हक के लिए स्वयं लड़ेंगे। कई खाप प्रतिनिधियों ने उनके खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया। कई ने स्पष्ट तौर पर कहा कि पिछली बार प्रदेश में जितना बवाल हुआ, इसके लिए यशपाल मलिक जिम्मेदार है। आरोप लगाया कि हरियाणा के लोगों की जान जाती है, यशपाल मलिक यूपी में बैठक केवल बयानबाजी करते हैं। अगर सही में समुदाय हितैषी है तो यूपी के लोगों को साथ लेकर चुनाव का बहिष्कार करे। खापों ने स्पष्ट किया कि इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। महापंचायत में मांग उठाई गई कि उन पर दर्ज मामले खत्म किए जाएं, जान गंवाने वाले युवाओं के परिजनों को नौकरी दी जाए। जिन नेताओं ने समाज को तोड़ने का काम किया है, उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं। समुदाय को राज्य व केंद्र में आरक्षण दिया जाए। पूरे मामले की नए सिरे से जांच की जाए।