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Sonipat News: ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था से इंतकाल प्रक्रिया होगी समयबद्ध
Fri, 28 Aug 2026 02:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 28 Aug 2026 02:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। राज्य सरकार राजस्व सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू कर रही है। इसका उद्देश्य पंजीकरण के बाद इंतकाल प्रक्रिया को समयबद्ध पूरा करना है। यह व्यवस्था नागरिकों को तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देगी।
उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि इंतकाल प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। पहले चार दिन तक इंतकाल पटवारी के लॉगिन में रहेगा। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पांचवें दिन यह स्वतः कानूनगो के लॉगिन में चला जाएगा। कानूनगो को दो दिन का समय मिलेगा। सातवें दिन तक मामला स्वतः सीआरओ के लॉगिन में पहुंचेगा, जिन्हें चार दिन मिलेंगे। यदि 10 दिन में कार्रवाई नहीं होती, तो 11वें दिन इंतकाल स्वतः जमाबंदी में दर्ज हो जाएगा। इसका लक्ष्य इंतकाल को किसी भी स्तर पर लंबित न रखना है।
सरकार लंबित इंतकाल के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू करेगी। नागरिक यहां अपनी शिकायतें और दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग 10 दिन के भीतर कार्रवाई करेगा। यदि इंतकाल संभव न हो तो सीआरओ स्पीकिंग ऑर्डर पारित करेंगे। इस ऑर्डर में इंतकाल न होने का कारण और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट बताई जाएगी।
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सोनीपत। राज्य सरकार राजस्व सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू कर रही है। इसका उद्देश्य पंजीकरण के बाद इंतकाल प्रक्रिया को समयबद्ध पूरा करना है। यह व्यवस्था नागरिकों को तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देगी।
उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि इंतकाल प्रक्रिया के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की गई है। पहले चार दिन तक इंतकाल पटवारी के लॉगिन में रहेगा। यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पांचवें दिन यह स्वतः कानूनगो के लॉगिन में चला जाएगा। कानूनगो को दो दिन का समय मिलेगा। सातवें दिन तक मामला स्वतः सीआरओ के लॉगिन में पहुंचेगा, जिन्हें चार दिन मिलेंगे। यदि 10 दिन में कार्रवाई नहीं होती, तो 11वें दिन इंतकाल स्वतः जमाबंदी में दर्ज हो जाएगा। इसका लक्ष्य इंतकाल को किसी भी स्तर पर लंबित न रखना है।
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सरकार लंबित इंतकाल के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू करेगी। नागरिक यहां अपनी शिकायतें और दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग 10 दिन के भीतर कार्रवाई करेगा। यदि इंतकाल संभव न हो तो सीआरओ स्पीकिंग ऑर्डर पारित करेंगे। इस ऑर्डर में इंतकाल न होने का कारण और आगे की प्रक्रिया स्पष्ट बताई जाएगी।
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