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धर्म-कर्म : रवि पुष्य के साथ तीन योग में आज मनाई जाएगी हरियाली अमावस्या
Sat, 03 Aug 2024 09:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 03 Aug 2024 09:56 PM IST
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सोनीपत चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक।
सोनीपत। सावन के कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर व्रत व दान-पुण्य का विशेष महत्व है। 4 अगस्त को मनाई जाने वाली हरियाली अमावस्या पर इस बार रवि पुष्य योग सहित तीन शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन तीर्थ स्थलों पर स्नान कर पूजा-अर्चना व दान-पुण्य करने से सुख-समृद्धि का आगमन होगा।
चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि इस बार हरियाली अमावस्या 3 अगस्त को दोपहर 3:50 बजे से प्रारंभ होकर 4 अगस्त को शाम 4:41 बजे तक रहेगी। मुख्य रूप से 4 अगस्त को मनाई जाने वाली हरियाली अमावस्या पर रवि पुष्य योग के साथ सिद्धि व सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। हरियाली अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए हरिद्वार, पांडु पिंडारा, पेहवा जैसे तीर्थ स्थलों पर स्नान कर पितृ पूजन, पिंड दान, पूजा-अर्चना, दान-पुण्य का विशेष महत्व है। सावन में बारिश होने से धरती पर चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। ऐसे में इसे हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पौधरोपण करने से भगवान व पितर प्रसन्न होते हैं। इससे मनुष्य को सुखी जीवन की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान शिव की उपासना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
रवि पुष्य योग रविवार व वीरवार के दिन आता है। इस योग में वाहन व आभूषण खरीदने से लाभ की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस योग में मरीज भगवान शिव दरबार में दवाई रखकर सेवन कर लें तो उसका परिणाम जल्द मिलता है।
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यह रहेगा शुभ मुहूर्त
हरियाली अमावस्या पर रविवार को सुबह 5:44 से दोपहर 1:26 बजे तक स्नान, दान व पितृ पूजा के लिए शुभ समय रहेगा। इसके अलावा सुबह 4:20 से 5:02 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त व दोपहर 12 से 12:54 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। पंचांग के अनुसार हरियाली अमावस्या पर इन शुभ मुहूर्त में व्रत रख भगवान शिव की उपासना करने व दान-दक्षिणा देने से मनवांछित फल की प्राप्ति होगी।
यह कर सकते हैं उपाय
- पितृ दोष दूर करने, धन, अन्न व सुख प्राप्ति के लिए जरूरतमंद का सहयोग कर दान-दक्षिणा दें।
- पवित्र नदियों में स्नान के बाद दान करना, जरूरतमंदों व साधु-संतों को भोजन करना शुभ फलदायी रहेगा।
- राहु का दुष्प्रभाव कम करने के लिए सरसों के तेल का दीपक पीपल के पेड़ पर जलाएं और उसमें लौंग अवश्य डालें।
- अमावस्या पर बाल धोना, काटना व नाखून काटने से घर की दरिद्रता व क्लेश बढ़ता है।
- मानसिक शांति के लिए व सूर्य कमजोर होने पर गोमाता को गुड़ व हरा चारा खिलाएं।
- बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए काले कुत्ते को रोटी खिलाएं, मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर डालें।
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चिटाने वाली माता मंदिर के पुजारी पंडित अमित शौनक ने बताया कि इस बार हरियाली अमावस्या 3 अगस्त को दोपहर 3:50 बजे से प्रारंभ होकर 4 अगस्त को शाम 4:41 बजे तक रहेगी। मुख्य रूप से 4 अगस्त को मनाई जाने वाली हरियाली अमावस्या पर रवि पुष्य योग के साथ सिद्धि व सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। हरियाली अमावस्या पर पितरों की शांति के लिए हरिद्वार, पांडु पिंडारा, पेहवा जैसे तीर्थ स्थलों पर स्नान कर पितृ पूजन, पिंड दान, पूजा-अर्चना, दान-पुण्य का विशेष महत्व है। सावन में बारिश होने से धरती पर चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। ऐसे में इसे हरियाली अमावस्या कहा जाता है। इस दिन पौधरोपण करने से भगवान व पितर प्रसन्न होते हैं। इससे मनुष्य को सुखी जीवन की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान शिव की उपासना करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
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रवि पुष्य योग रविवार व वीरवार के दिन आता है। इस योग में वाहन व आभूषण खरीदने से लाभ की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इस योग में मरीज भगवान शिव दरबार में दवाई रखकर सेवन कर लें तो उसका परिणाम जल्द मिलता है।
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यह रहेगा शुभ मुहूर्त
हरियाली अमावस्या पर रविवार को सुबह 5:44 से दोपहर 1:26 बजे तक स्नान, दान व पितृ पूजा के लिए शुभ समय रहेगा। इसके अलावा सुबह 4:20 से 5:02 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त व दोपहर 12 से 12:54 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा। पंचांग के अनुसार हरियाली अमावस्या पर इन शुभ मुहूर्त में व्रत रख भगवान शिव की उपासना करने व दान-दक्षिणा देने से मनवांछित फल की प्राप्ति होगी।
यह कर सकते हैं उपाय
- पितृ दोष दूर करने, धन, अन्न व सुख प्राप्ति के लिए जरूरतमंद का सहयोग कर दान-दक्षिणा दें।
- पवित्र नदियों में स्नान के बाद दान करना, जरूरतमंदों व साधु-संतों को भोजन करना शुभ फलदायी रहेगा।
- राहु का दुष्प्रभाव कम करने के लिए सरसों के तेल का दीपक पीपल के पेड़ पर जलाएं और उसमें लौंग अवश्य डालें।
- अमावस्या पर बाल धोना, काटना व नाखून काटने से घर की दरिद्रता व क्लेश बढ़ता है।
- मानसिक शांति के लिए व सूर्य कमजोर होने पर गोमाता को गुड़ व हरा चारा खिलाएं।
- बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए काले कुत्ते को रोटी खिलाएं, मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर डालें।