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Kisan Andolan Update: बॉर्डर सील होने से दिल्ली पहुंचना चुनौती, श्रमिकों के सामने रोजी का संकट गहराने लगा
Fri, 16 Feb 2024 09:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 16 Feb 2024 09:35 AM IST
सार
किसान आंदोलन का असर सोनीपत में दिखने लगा है। राई व कुंडली क्षेत्र में श्रमिकों के सामने रोजी का संकट गहराने लगा है। कुंडली-सिंघु बॉर्डर लगातार चार दिन से पूरी तरह सील है। रोडवेज व निजी बस दिल्ली नहीं भेजी जा रही हैं।
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सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 स्थित कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) की ओर से दिल्ली कूच के आह्वान के बाद तीन दिन से कुंडली-सिंघु बॉर्डर को बंद किया गया है। ऐसे में दिल्ली से आवागमन आसपास के लोगों समेत उद्योगपतियों व दुकानदारों के लिए चुनौती बना हुआ है। वाहनों को केजीपी-केएमपी के रास्ते निकाला जा रहा है। कुंडली बॉर्डर पर सुरक्षा को लगातार चौकस किया जा रहा है। ध्वन्यास्त्र तैनात करने के साथ ही दिशा सूचक व स्वागत बोर्ड तक उतारे गए हैं। जिससे आंसू गैस के गोले प्रयोग करने में किसी तरह की परेशानी न आ सके।
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कुंडली-सिंघु बॉर्डर लगातार तीसरे दिन पूरी तरह सील रहा। दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवान डटे रहे। हालांकि शंभू बॉर्डर पर कोई हलचल नहीं होने के चलते जवान आराम की मुद्रा में रहे। नेशनल हाईवे पर बना फ्लाईओवर और संपर्क मार्ग बैरिकेड से भरे हुए हैं। सीसीटीवी लगाकर निगरानी रखी जा रही है। छोटे वाहनों को कुंडली से जांटी कलां और सिंघु गांव भेजा जा रहा है। हाईवे बंद होने से दिल्ली से आने वाले उद्योगपति व कर्मियों को गांवों के रास्ते आवागमन करना पड़ रहा है। राई व कुंडली क्षेत्र में श्रमिकों के सामने रोजी का संकट गहराने लगा है।
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ट्रेन, निजी वाहन या पैदल यात्रा
दिल्ली में कार्यरत सोनीपत के सरकारी विभागों के कर्मियों को भी परेशानी हो रही है। सोनीपत शहर में रहने वाले अधिकारी व कर्मचारी ट्रेन का सहारा लेकर दिल्ली जा रहे है। हाईवे से सटे गांवों में रहने वालों को मुसीबत हो रही है। उन्हें अपने वाहनों में गांवों की गलियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। निजी वाहनों से सफर करने वाले कर्मियों को कुंडली बॉर्डर के पास ढाई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। उन्हें दिल्ली की सीमा में सिंघोला तक जाकर वाहन पकड़ने पड़ रहे है। निजी वाहन चालक चांदी कूट रहे हैं। रोडवेज व निजी बस दिल्ली नहीं भेजी जा रही हैं।
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ध्वन्यास्त्र लगाया गया, दिशा सूचक व स्वागत बोर्ड हटाए
कुंडली की सीमा में ध्वन्यास्त्र स्थापित कर दिया गया है। इसके प्रयोग से काफी तेज ध्वनि निकलती है। जिससे व्यक्ति विचलित हो सकता है। वहीं हाईवे पर लगाए गए दिशा सूचक व स्वागत बोर्ड तक उतारे जा चुके हैं। आंसू गैस गोले दागने के दौरान दिशा सूचक व स्वागत बोर्ड बाधा बन सकते थे। दिल्ली पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवान लगातार कुंडली बॉर्डर पर रिहर्सल कर रहे हैं।
कच्चा माल हो रहा खत्म, श्रमिकों की रोजी पर आ सकता है संकट
राई व कुंडली क्षेत्र के उद्योगों में दिल्ली से कच्चा माल आता है। ऐसे में कुंडली-सिंघु बॉर्डर बंद होने से कच्चा माल पहुंचने में दिक्कत आ रही है। अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कच्चा माल खत्म हो सकता है।