सोनीपत: संयुक्त किसान मोर्चा में खींचतान लगातार जारी, चढूनी के बाद अब रुलदू सिंह मानसा सस्पेंड
रुलदू सिंह मानसा पर 21 जुलाई को दिए भड़काऊ भाषण के संबंध में कार्रवाई की गई है। इससे पहले मोर्चा भारतीय किसान यूनियन हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी को सस्पेंड किया गया था।
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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने कुछ दिन पहले भाकियू हरियाणा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी को सस्पेंड किया था। वहीं अब पंजाब किसान यूनियन के अध्यक्ष रूलदू सिंह मानसा को सस्पेंड कर दिया गया है। रूलदू सिंह मानसा को मंच से विवादित भाषण देने पर 15 दिन के लिए सस्पेंड किया गया है। आरोप है कि उन्होंने सिख शहीदों व खालिस्तानी संगठन को लेकर भाषण दिया था। मानसा 15 दिन तक किसी भी बैठक में शामिल नहीं हो सकेंगे साथ ही किसी मंच पर भी नहीं जा सकेंगे। इस तरह संयुक्त किसान मोर्चा में खींचतान लगातार जारी है।
कुंडली बॉर्डर धरनास्थल पर रविवार को पहले पंजाब के 32 किसान संगठनों की बैठक हुई और उसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई। इसके बाद फैसलों के बारे में किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल, युद्धवीर सिंह, हरेंद्र सिंह लखोवाल, सुमन हुड्डा ने बताया कि 21 जुलाई को पंजाब किसान यूनियन के अध्यक्ष रूलदू सिंह मानसा ने मंच से सिख शहीदों व खालिस्तानी संगठन को लेकर भड़काऊ भाषण दिया था।
इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने फैसला लिया कि उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए और उनको 15 दिन के लिए सस्पेंड किया गया। हरियाणा के किसान संगठनों के नाम से 15 अगस्त को ट्रैक्टर रैली निकालने का संदेश सोशल मीडिया पर वायरल होने को लेकर किसान नेताओं ने कहा कि इस तरह का कोई कार्यक्रम नहीं रखा गया है। अगर कोई संगठन खुद कार्यक्रम रखता है तो उसे संयुक्त किसान मोर्चा से बाहर कर दिया जाएगा।
जंतर-मंतर पर आज चलेगी महिला संसद
किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल व सुमन हुड्डा ने बताया कि किसान आंदोलन को आठ महीने पूरे हो गए हैं और उसके बाद भी किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया है। इसलिए ही किसान भी जंतर-मंतर पर संसद लगा रहे हैं। सोमवार को जंतर-मंतर पर महिला संसद लगाई जाएगी, जिसके लिए सोमवार सुबह 200 महिला किसान कुंडली बॉर्डर से बस में सवार होकर दिल्ली जाएगी। इनमें 100 महिला किसान पंजाब तो 100 अन्य राज्यों की होंगी और इन सभी के पहचान पत्र भी बन चुके हैं। इनके अलावा किसान नेता सोमवार को लखनऊ में जाएंगे और वहां पर कृषि कानूनों से होने वाले नुकसान व किसानों के प्रति सरकार के रवैये के बारे में बताया जाएगा।
नवजोत सिंह सिद्धू व सुनील जाखड़ के खिलाफ भड़के किसान
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य हरेंद्र सिंह लखोवाल ने कहा कि किसानों ने संसद के अंदर आवाज उठाने के लिए सांसदों को व्हिप दिया था कि वह संसद से बाहर नहीं आएं और अंदर रहकर ही किसानों की आवाज उठाएं। इसके बावजूद कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने नवजोत सिंह सिद्धू ने संसद चलने के बीच ही अपनी ताजपोशी का कार्यक्रम रखा और संसद छोड़कर उनके सभी सांसद वहां कार्यक्रम में शामिल हुए।
इसके अलावा नवजोत सिद्धू ने किसानों को लेकर बयान दिया कि प्यासे के पास कुआं नहीं जाता है, बल्कि कुएं के पास प्यासा जाता है। इसलिए अब नवजोत सिद्धू को 2022 में बताएंगे कि आखिर कौन कुआं है और कौन प्यासा। वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़ के उस बयान को लेकर भी किसानों ने आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों को अच्छे से समझाकर पंजाब से दिल्ली भेजा है। किसान नेताओं ने कहा कि इस तरह के बयान देने वाले नेताओं का गांवों में विरोध किया जाएगा।