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फर्जी पासपोर्ट बनाने के आरोपी पुलिस कर्मी और गिरोह के सदस्य से पूछताछ कर रही पुलिस, पंजाब में दी दबिश

Sat, 09 Jan 2021 12:17 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 09 Jan 2021 12:17 AM IST
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Police questioning a policeman and gang member accused of making fake passports, punishments in Punjab
एसटीएफ ने मोस्टवांटेड राजू बसौदी का फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें पंजाब के जीरकपुर थाने का हेड कांस्टेबल राजेंद्र, मुंशी सतवंत और डेराबस्सी का रहने वाला रमन है। आरोपी सतवंत को प्रोडक्शन वारंट पर लिया गया था। उसे शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। अब पुलिस राजेंद्र के साथ ही पुलिस कर्मियों से फर्जी पासपोर्ट का सत्यापन कराने के आरोपी रमन से पूछताछ कर रही है। एसटीएफ की टीम अब पंजाब के जीरकपुर थाने के रिकॉर्ड की भी जांच करेगी। पुलिस ने पंजाब में कई स्थानों पर दबिश भी दी है।
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एसटीएफ प्रभारी सतीश देशवाल की टीम ने पंजाब पुलिस के हेड कांस्टेबल राजेंद्र को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप था कि उसने कुख्यात राजू बसौदी का फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। उसने ही उसके पासपोर्ट में दिए गए पते की वेरिफिकेशन की थी। राजेंद्र के साथ काम करने वाला जीरकपुर थाने का मुंशी सुखवंत सिंह व उनसे पासपोर्ट के सत्यापन में गड़बड़ी कराने के आरोपी रमन को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया है कि राजू बसौदी को सरदार के रूप में फर्जी पासपोर्ट से विदेश भेजने वाले गैंग के सदस्यों ने कई संदिग्धों और अपराधियों के फर्जी पासपोर्ट तैयार किए हैं। इनमें से कई के विदेश भागने की आशंका है।
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मुंशी सुखवंत ने बताया कि उनको कुछ युवकों से संकेत कोड प्राप्त होते थे। उसके बाद पुलिस जांच करने के लिए कहीं पर नहीं जाती थी। थाने में बैठकर ही उनका सत्यापन कर दिया जाता था। इसके लिए तय राशि मिलती थी। सुखवंत ने बताया कि सामान्य पासपोर्ट के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे। वह यह बता पाने में नाकाम है कि फर्जी पासपोर्ट बनाने वालों के वास्तविक नाम, पते क्या थे। वहीं अब पुलिस जीरकपुर थाने के हेड कांस्टेबल राजेंद्र और फर्जी आईडी तैयार कराने वाले रमन से पूछताछ कर रही है। टीम उन्हें लेकर पंजाब में कई स्थानों पर दबिश दे रही है।
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पांच साल में बनाए सभी पासपोर्टों का कराया जाएगा सत्यापन
एसटीएफ अब जीरकपुर थाने के पासपोर्ट रिकार्ड की जांच करेगी। पांच साल में बनाए गए सभी पासपोर्ट का सत्यापन कराया जाएगा। इनमें से वास्विक पासपोर्ट वालों को अलग करके फर्जी का रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। उन पर लगे फोटो का मिलान बदमाशों के फोटो के साथ किया जाएगा। बदमाशों के चेहरे व शरीर के निशानों आदि के आधार पर उनकी पहचान का प्रयास किया जाएगा।

टीम का प्रयास फर्जी पासपोर्ट बनवाने वाले बदमाशों की पहचान करके उनकी तलाश करना है। इसमें गहनता से जांच करनी होगी। अभी दोनों आरोपियों से पूछताछ में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ रहे हैं। टीम पंजाब में दबिश दे रही है। जल्द मामले में अन्य गिरफ्तारी संभव है।
-सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ।
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