सोनीपत: खेल कोटे में कटौती के विरोध में खिलाड़ियों ने किया विरोध प्रदर्शन, विजेंद्र सिंह बोले- खेल मंत्री खिलाड़ियों का साथ दें
खिलाड़ियों ने संयुक्त किसान मोर्चा की तर्ज पर संयुक्त खेल मोर्चा बनाया। प्रदेशभर में प्रदर्शन किए जाएंगे। डब्ल्यूडब्ल्यूई की प्रथम भारतीय महिला कविता दलाल ने कहा कि इस नीति से फिर घरों में कैद हो जाएंगी हरियाणा की छोरियां।
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हरियाणा के सोनीपत में ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने कहा कि खेल मंत्री संदीप सिंह सरकार की बजाय खिलाड़ियों का साथ दें और मंत्री पद से इस्तीफा देकर खिलाड़ियों के साथ खड़े हों। सरकार की खेल कोटा खत्म करने की नीति ने खिलाड़ियों को निरुत्साहित किया है। सरकार को अपना फैसला बदलना होगा अन्यथा प्रदेश भर में प्रदर्शन किए जाएंगे। विजेंद्र सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की तर्ज पर खिलाड़ियों की आवाज उठाने के लिए संयुक्त खेल मोर्चा गठित किया गया है। इस संघर्ष में खिलाड़ियों के साथ अन्य संगठन भी खड़े हैं।
खेल कोटा खत्म करने के विरोध में वीरवार को ओलंपिक पदक विजेता विजेंद्र सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी, प्रशिक्षक सुभाष स्टेडियम में इकट्ठा हुए। यहां से सभी सड़क पर उतरे और विरोध प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां सीटीएम डॉ. अनमोल को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा।
इससे पूर्व लघु सचिवालय के गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और मुख्य गेट से किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। नगर निगम के मेयर निखिल मदान, कांग्रेस के युवा जिलाध्यक्ष ललित पंवार सहित सैकड़ों खिलाड़ियों ने गेट पर ही विरोध जताया।
विरोध प्रदर्शन में मुक्केबाज विजेंद्र सिंह के साथ भारत की प्रथम महिला डब्ल्यूडब्ल्यूई पहलवान कविता दलाल ने कहा कि हरियाणा सरकार अपनी खेल नीति को देश की सबसे अच्छी खेल नीति बता रही है, जो ढकोसला है। अब सरकार ने सरकारी नौकरियों से खेल कोटा खत्म कर दिया है। हमारी सरकार से मांग है कि 3 प्रतिशत खेल कोटा तुरंत बहाल करते हुए इसे 5 प्रतिशत किया जाए।
कविता दलाल ने कहा कि हरियाणा में जिन लड़कियों ने खेल के माध्यम से बाहर निकलना शुरू किया था, इस नीति से वे फिर से घरों में कैद हो जाएंगी। सरकार खेल कोटा खत्म करने के पीछे जो तर्क दे रही है, वह बेबुनियाद है। जिस चतुर्थ श्रेणी में गड़बड़ी की बात कही जा रही है उसमें तो अभी भी खेल कोटा 10 प्रतिशत है।
जहां तक गड़बड़ी की बात है तो क्या एचसीएस व अन्य परीक्षाओं में गड़बड़ी की बातें सामने नहीं आ रही? तो सरकार क्या इन भर्तियों को खत्म कर रही है। सरकार की इस नीति के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी और प्रदेश स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
विजेंद्र सिंह ने कहा कि अन्य खिलाड़ियों से भी बात हुई हैं, वे भले ही प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए हों, लेकिन हमारे साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि वे खेल मंत्री संदीप सिंह के विधानसभा क्षेत्र में एक प्रदर्शन करेंगे और वहीं पर पत्रकारवार्ता की जाएगी।
इस दौरान द्रोणाचार्य अवॉर्डी प्रशिक्षक जगदीश सिंह, विनोद पहलवान, युवा अध्यक्ष रवि दहिया, पार्षद मनजीत दहिया, पार्षद सूर्य दहिया, लवीश, मनोज बेनीवाल, विकास बैनीवाल, जगबीर, निरंजन जाटान फौजी, भलेराम जांगड़ा, डॉ. सतबीर निर्माण, हरिप्रकाश मंडल, अधिवक्ता कृष्ण, पुनीत राणा, बिन्नी भारद्वाज, मोंटी मंडल, सुभाष रिढाऊ, अनिल रिढाऊ, शमेशर मलिक, अजमेर मलिक, हरदीप, नरेंद्र, प्रवीन मोर, संजीव मोर, अनिल कादियान, अमित करेला, पवन, सोनू, साहिल मौजूद रहे।