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पेरिस पैरालंपिक : पावर लिफ्टिंग में पदक के लिए बाजुओं का जोर लगाएंगे अशोक मलिक

Thu, 05 Sep 2024 05:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 05 Sep 2024 05:39 AM IST
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Paris Paralympics: Ashok Malik will try his best to win a medal in power lifting
फोटो 08- सोनीपत के गोहाना के गांव मिर्जापुर खेड़ी के पैरालंपिक अशोक मलिक।
सोनीपत गोहाना। पेरिस पैरालंपिक में सोनीपत के गांव मिर्जापुर खेड़ी निवासी अशोक कुमार वीरवार को पावर लिफ्टिंग स्पर्धा में अपनी बाजुओं का दम दिखाने को तैयार हैं। अशोक मलिक का मुकाबला आज रात 10 बजे से शुरू होगा। अशोक मलिक से देश भर के साथ जिले के खेल प्रेमियों को स्वर्ण पदक की उम्मीद है। पेरिस जाने से पहले अशोक ने मां को कहा था कि इस बार देश के लिए सोना जीतकर लौटूंगा।
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पेरिस पैरालंपिक में पहली बार देश का प्रतिनिधित्व कर रहे अशोक मलिक का हालिया प्रदर्शन काफी शानदार रहा है। उन्होंने इस साल मार्च में हुए पैरा पावर लिफ्टिंग विश्व कप में रजत पदक जीता था। उन्होंने पेरिस पैरालंपिक के लिए जी तोड़ मेहनत की है। अशोक मलिक ने पेरिस रवाना होने से पहले कहा था कि पैरालंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात हैं। देश की झोली में पदक डालने के लिए मैं जी जान लगा दूंगा। अशोक मलिक का मुकाबला 5 सितंबर को रात 10:05 पर होगा।
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अशोक मलिक की मां केला देवी ने बताया कि बेटे ने जाने से पहले कहा था कि तैयारी बेहतरीन है। उन्होंने बताया कि अशोक ने कहा था कि पेरिस में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करुंगा। अशोक मलिक ने जुलाई में थाईलैंड के पटाया में हुए विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता था। खेल प्रेमियों को भी अशोक से स्वर्ण पदक की आस होगी। मां केला देवी ने बताया कि अशोक मलिक को तीन साल की उम्र में तेज बुखार हो गया था। उसके बाद उनके पैर पैरालाइज हो गए थे, लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। बेटे के साथ मेरा आशीर्वाद है कि वह पदक जीतकर देश, प्रदेश व जिले का नाम ऊंचा करे।
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छोटे भाई सुनील ने बताया कि अशोक ने पैरालंपिक के लिए कड़ा अभ्यास किया है। वह सुबह शाम करीब छह से सात घंटे अभ्यास करते थे। उन्होंने बताया कि साल 2018 में प्रतियोगिता के दौरान हाथ की हड्डी टूट गई थी। उसके बाद डॉ. ने कहा था कि खेल तो भूल जाओ अब अशोक हाथ से एक किलो वजन तक नहीं उठा सकता, लेकिन अशोक का मनोबल नहीं हारा। उन्होंने दोबारा बेंच पर वापसी की। अब पेरिस पैरालंपिक में पदक के प्रबल दावेदार हैं।
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