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मुरथल विवि : शिक्षकों ने रजिस्ट्रार को अपनी यूनियन से किया बाहर
Tue, 06 Aug 2024 11:56 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 06 Aug 2024 11:56 PM IST
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सोनीपत के मुरथल स्थित विवि में कुलपति कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करते शिक्षक। स्रोत : यून
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल की शिक्षक यूनियन डीक्रूटा ने विवि के रजिस्ट्रार डाॅ. अजय मोंगा को डीक्रूटा से निष्कासित कर दिया है। इसी बीच शिक्षक व कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षक व कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर कुलपति कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
डीक्रूटा के प्रधान डाॅ. अजय कुमार के नेतृत्व में विवि प्रशासन के खिलाफ शिक्षकों व कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षक व कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन के साथ काले बिल्ले लगाकर विद्यार्थियों के हितों में कार्य किया। डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि रजिस्ट्रार डाॅ. अजय मोंगा विवि की शैक्षिक यूनियन के सदस्य हैं। डीक्रूटा विरोधी गतिविधियों के चलते यूनियन ने डाॅ. अजय मोंगा विवि की शैक्षिक यूनियन डीक्रूटा से बाहर कर दिया है। डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों व विवि के हित में शिक्षक व कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रो. रवि वैश, डाॅ. आनंद चौहान, डाॅ. बृजनंदन, डाॅ. कृष्ण कुमार, डाॅ. ललित यादव समेत शिक्षक व गैर शिक्षक यूनियन के सदस्य शामिल रहे।
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संघर्ष जारी : कुलपति व विवि प्रशासन के साथ शोधार्थियों की बैठकें रही बेनतीजा
डीसीआरयूएसटी के शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन धरना 27वें दिन और अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। आरोप है कि विवि प्रशासन शोधार्थियों की जायज मांगों को पूरा करने के बजाय उनके साथ कमेटी-कमेटी का खेल खेल रहा है। कुलपति व विवि प्रशासन के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। कुछ मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से कुछ भी लिखित में नहीं दिया।
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शोधार्थियों ने शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा व राज्यपाल के सलाहकार बीए भानुशंकर से भी मुलाक़ात की है। यही नहीं ई-मेल के माध्यम से सीएमओ, पीएमओ, यूजीसी, एआईसीटीई हर जगह अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों का कोई समाधान नहीं निकला है। शोधार्थियों का आरोप है कि 18वीं अकादमिक काउंसिल की मिनट्स के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इसके खिलाफ अकादमिक काउंसिल के ही सदस्यों ने ईमेल करके आपत्ति जताई थी, लेकिन उनकी आपत्ति को दरकिनार कर दिया गया। विवि प्रशासन से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। छात्रावास संबंधी ज्यादातर मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन लिखित में अभी तक कोई नोटिस नहीं निकाला है। चीफ वार्डन को बर्खास्त करने की मांग को नहीं माना गया है। शोधार्थियों का कहना है कि 7 अगस्त को वह सभी सभा करेंगे और कुलपति के विरोध में काला रिबन बांधकर मोर्चा निकालेंगे। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक धरना जारी रहेगा।
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डीक्रूटा के प्रधान डाॅ. अजय कुमार के नेतृत्व में विवि प्रशासन के खिलाफ शिक्षकों व कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। शिक्षक व कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन के साथ काले बिल्ले लगाकर विद्यार्थियों के हितों में कार्य किया। डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि रजिस्ट्रार डाॅ. अजय मोंगा विवि की शैक्षिक यूनियन के सदस्य हैं। डीक्रूटा विरोधी गतिविधियों के चलते यूनियन ने डाॅ. अजय मोंगा विवि की शैक्षिक यूनियन डीक्रूटा से बाहर कर दिया है। डाॅ. अजय कुमार ने कहा कि विद्यार्थियों व विवि के हित में शिक्षक व कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रो. रवि वैश, डाॅ. आनंद चौहान, डाॅ. बृजनंदन, डाॅ. कृष्ण कुमार, डाॅ. ललित यादव समेत शिक्षक व गैर शिक्षक यूनियन के सदस्य शामिल रहे।
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संघर्ष जारी : कुलपति व विवि प्रशासन के साथ शोधार्थियों की बैठकें रही बेनतीजा
डीसीआरयूएसटी के शोधार्थियों का अनिश्चितकालीन धरना 27वें दिन और अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। आरोप है कि विवि प्रशासन शोधार्थियों की जायज मांगों को पूरा करने के बजाय उनके साथ कमेटी-कमेटी का खेल खेल रहा है। कुलपति व विवि प्रशासन के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। कुछ मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से कुछ भी लिखित में नहीं दिया।
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शोधार्थियों ने शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा व राज्यपाल के सलाहकार बीए भानुशंकर से भी मुलाक़ात की है। यही नहीं ई-मेल के माध्यम से सीएमओ, पीएमओ, यूजीसी, एआईसीटीई हर जगह अपनी बात पहुंचाई है, लेकिन अभी तक उनकी मांगों का कोई समाधान नहीं निकला है। शोधार्थियों का आरोप है कि 18वीं अकादमिक काउंसिल की मिनट्स के साथ छेड़छाड़ की गई थी। इसके खिलाफ अकादमिक काउंसिल के ही सदस्यों ने ईमेल करके आपत्ति जताई थी, लेकिन उनकी आपत्ति को दरकिनार कर दिया गया। विवि प्रशासन से कई दौर की बातचीत हो चुकी है। छात्रावास संबंधी ज्यादातर मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन लिखित में अभी तक कोई नोटिस नहीं निकाला है। चीफ वार्डन को बर्खास्त करने की मांग को नहीं माना गया है। शोधार्थियों का कहना है कि 7 अगस्त को वह सभी सभा करेंगे और कुलपति के विरोध में काला रिबन बांधकर मोर्चा निकालेंगे। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक धरना जारी रहेगा।