{"_id":"60e9f8248ebc3ec30a398d70","slug":"murthal-dhabas-famous-for-parathas-sonipat-news-rtk617062343","type":"story","status":"publish","title_hn":"पराठों के लिए विख्यात मुरथल के ढाबों को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पराठों के लिए विख्यात मुरथल के ढाबों को
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरथल के ढाबों के पराठों का स्वाद देश-विदेश तक विख्यात है। लोग यहां परिवार के साथ पार्टी व पारिवारिक कार्यक्रम आयोजित करने आते हैं, लेकिन अब कुछ ढाबों पर देह व्यापार और जुआ का अवैध धंधा पकड़े जाने के बाद पराठों से पहचान बनाने वाले इन ढाबा संचालकों की छवि प्रभावित हो सकती है।
अवैध धंधे में पकड़े गए ढाबे ज्यादा बड़े नहीं हैं, लेकिन इनके कारण बदनामी का डर ढाबा संचालकों को सता रहा है। ढाबा एसोसिएशन ने इसको रोकने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। मुरथल में दूर-दराज से रोजाना हजारों लोग यहां के पराठे खाने आते हैं।
हाईवे स्थित मुरथल की पहचान यहां के ढाबों से है। वैश्णव खाने के लिए विख्यात ढाबों पर रोजाना हजारों लोग खाना खाने आते हैं। सबसे ज्यादा विख्यात मुरथल के पराठे हैं। यहां पर 200 किमी दूर से लोग जन्मदिन व पार्टी में पराठा खाने के लिए आते हैं। दिल्ली में आने वाले विदेशी यहां के पराठों का स्वाद लेना नहीं भूलते। जीटी रोड से गुजरने वाले अधिकारी से लेकर यात्री तक यहां के ढाबों पर पराठे खाकर निकलते हैं। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर व मुजफ्फरनगर-मुरादाबाद तक के लोग यहां पर पहुंचते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मुरथल के ढाबों पर लोग परिवार के साथ आते हैं।
विज्ञापन
ढाबों पर नशे का धंधा पहले चर्चाओं में आया था। उसके बाद कुछ ढाबों पर जुआ खेलने की जानकारी भी पुलिस को मिली। करीब एक महीने से कई ढाबों पर देह व्यापार का धंधा चल रहा था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की कार्रवाई में देह व्यापार का खुलासा होने से ढाबा संचालकों के सामने अपनी छवि बचाना बड़ा सवाल बन गया है। नामचीन ढाबा संचालकों को सबसे बड़ी चिंता यह है कि बदनामी हो जाने पर कारोबार प्रभावित हो सकता है। कुछ ढाबा संचालकों की करतूत का असर ढाबा इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।
ढाबों की छवि बचाने के लिए ढाबा एसोसिएशन ने भी पहल शुरू कर दी है। एसोसिएशन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध धंधों में लिप्त ढाबा संचालकों की पहचान कर उन पर कार्रवाई कराने की है। दरअसल स्थानीय पुलिस भी अवैध धंधा करने वालों के सामने एसोसिएशन के पदाधिकारियों की शिकायत को ठंडे बस्ते में डालती रही है। इसको लेकर एसपी ने भी स्थानीय पुलिस की कार्यशैली की जांच के आदेश दिए हैं।
वर्जन
ढाबा एसोसिएशन की बैठक बुलाई
दशकों से बनाई गई ढाबों की छवि को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए ढाबा एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई है। पुलिस-प्रशासन के साथ ही एसोसिएशन भी लगातार निगरानी करेगी। अवैध धंधा करने वालों को बेनकाब किया जाएगा। ऐसे लोगों को ढाबों का संचालन कतई नहीं करने दिया जाएगा। जल्द ही ढाबा संचालन की गाइडलाइन तैयार कर उनका पालन कराएंगे।
- मंजीत सिंह, प्रधान ढाबा एसोसिएशन मुरथल।
विज्ञापन
अवैध धंधे में पकड़े गए ढाबे ज्यादा बड़े नहीं हैं, लेकिन इनके कारण बदनामी का डर ढाबा संचालकों को सता रहा है। ढाबा एसोसिएशन ने इसको रोकने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। मुरथल में दूर-दराज से रोजाना हजारों लोग यहां के पराठे खाने आते हैं।
विज्ञापन
हाईवे स्थित मुरथल की पहचान यहां के ढाबों से है। वैश्णव खाने के लिए विख्यात ढाबों पर रोजाना हजारों लोग खाना खाने आते हैं। सबसे ज्यादा विख्यात मुरथल के पराठे हैं। यहां पर 200 किमी दूर से लोग जन्मदिन व पार्टी में पराठा खाने के लिए आते हैं। दिल्ली में आने वाले विदेशी यहां के पराठों का स्वाद लेना नहीं भूलते। जीटी रोड से गुजरने वाले अधिकारी से लेकर यात्री तक यहां के ढाबों पर पराठे खाकर निकलते हैं। दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, मेरठ, सहारनपुर व मुजफ्फरनगर-मुरादाबाद तक के लोग यहां पर पहुंचते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मुरथल के ढाबों पर लोग परिवार के साथ आते हैं।
विज्ञापन
ढाबों पर नशे का धंधा पहले चर्चाओं में आया था। उसके बाद कुछ ढाबों पर जुआ खेलने की जानकारी भी पुलिस को मिली। करीब एक महीने से कई ढाबों पर देह व्यापार का धंधा चल रहा था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की कार्रवाई में देह व्यापार का खुलासा होने से ढाबा संचालकों के सामने अपनी छवि बचाना बड़ा सवाल बन गया है। नामचीन ढाबा संचालकों को सबसे बड़ी चिंता यह है कि बदनामी हो जाने पर कारोबार प्रभावित हो सकता है। कुछ ढाबा संचालकों की करतूत का असर ढाबा इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है।
ढाबों की छवि बचाने के लिए ढाबा एसोसिएशन ने भी पहल शुरू कर दी है। एसोसिएशन के सामने सबसे बड़ी चुनौती अवैध धंधों में लिप्त ढाबा संचालकों की पहचान कर उन पर कार्रवाई कराने की है। दरअसल स्थानीय पुलिस भी अवैध धंधा करने वालों के सामने एसोसिएशन के पदाधिकारियों की शिकायत को ठंडे बस्ते में डालती रही है। इसको लेकर एसपी ने भी स्थानीय पुलिस की कार्यशैली की जांच के आदेश दिए हैं।
वर्जन
ढाबा एसोसिएशन की बैठक बुलाई
दशकों से बनाई गई ढाबों की छवि को बदनाम नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए ढाबा एसोसिएशन की बैठक बुलाई गई है। पुलिस-प्रशासन के साथ ही एसोसिएशन भी लगातार निगरानी करेगी। अवैध धंधा करने वालों को बेनकाब किया जाएगा। ऐसे लोगों को ढाबों का संचालन कतई नहीं करने दिया जाएगा। जल्द ही ढाबा संचालन की गाइडलाइन तैयार कर उनका पालन कराएंगे।
- मंजीत सिंह, प्रधान ढाबा एसोसिएशन मुरथल।