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Sonipat News: केमिकल रिसाव से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए किया मॉक ड्रिल
Thu, 26 Dec 2024 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 26 Dec 2024 01:04 AM IST
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सोनीपत। केमिकल रिसाव हादसे के दौरान औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत मजदूरों व लोगों बचाते हुए कैसे प्रभाव को कम किया जाए, लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एनडीआरएफ की 7वीं बटालियन ने मॉक ड्रिल की। यह मॉक ड्रिल गांव नाथूपुर स्थित क्रिस्टिल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड कंपनी में की गई। मजदूरों को बताया गया कि प्लांट में केमिकल रिसाव होने की स्थिति में कैसे अपनी जान बचा सकते हैं।
एनडीआरएफ टीम से सहायक कमांडेंट अनिल कुमार ने बताया कि अगर कोई रसायन आंखों में चला जाए तो आंख व पलक की अंदरूनी सतह को 15 मिनट तक पानी से धोते रहें और डॉक्टर की सलाह लें। प्रभावित क्षेत्र को तुरंत पानी से धोएं व दूषित कपड़े उतार दें। रसायन शरीर के बड़े हिस्से पर फैल गए हैं तो शॉवर का उपयोग करते समय कपड़े हटा दें। दर्द फिर से शुरू होने पर यही प्रक्रिया दोहराएं। हल्के डिटर्जेंट या साबुन और पानी का उपयोग कर रसायनों को धोएं, रसायनों को बेअसर न करें या मलहम न लगाएं, तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
कपड़ों में आग लगने पर व्यक्ति को जमीन पर लेटाएं व आग बुझाने के लिए उसे घुमाएं। सुरक्षित शॉवर उपलब्ध है तो पानी डालें, दूर न भागे। केमिकल रिसाव होने पर लोगों को सचेत करें। आवश्यक हो तो आंखों की सुरक्षा, दस्ताने, लैब कोट और अन्य पीपीई पहनें। इस दौरान नायब तहसीलदार अभिनव ने कहा कि आपदा कभी भी पूर्व सूचना देकर नही आती, ऐसे में आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित उपायों का ज्ञान होना चाहिए। परियोजना अधिकारी विनित कादियान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल जरूरी है। इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र से मंजीत दहिया, क्रिस्टिल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड कंपनी के प्रमुख जनार्दन प्रसाद, सेफ्टी प्रमुख अमित चौहान व एनडीआरएफ की टीम मौजूद रही।
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एनडीआरएफ टीम से सहायक कमांडेंट अनिल कुमार ने बताया कि अगर कोई रसायन आंखों में चला जाए तो आंख व पलक की अंदरूनी सतह को 15 मिनट तक पानी से धोते रहें और डॉक्टर की सलाह लें। प्रभावित क्षेत्र को तुरंत पानी से धोएं व दूषित कपड़े उतार दें। रसायन शरीर के बड़े हिस्से पर फैल गए हैं तो शॉवर का उपयोग करते समय कपड़े हटा दें। दर्द फिर से शुरू होने पर यही प्रक्रिया दोहराएं। हल्के डिटर्जेंट या साबुन और पानी का उपयोग कर रसायनों को धोएं, रसायनों को बेअसर न करें या मलहम न लगाएं, तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
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कपड़ों में आग लगने पर व्यक्ति को जमीन पर लेटाएं व आग बुझाने के लिए उसे घुमाएं। सुरक्षित शॉवर उपलब्ध है तो पानी डालें, दूर न भागे। केमिकल रिसाव होने पर लोगों को सचेत करें। आवश्यक हो तो आंखों की सुरक्षा, दस्ताने, लैब कोट और अन्य पीपीई पहनें। इस दौरान नायब तहसीलदार अभिनव ने कहा कि आपदा कभी भी पूर्व सूचना देकर नही आती, ऐसे में आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षित उपायों का ज्ञान होना चाहिए। परियोजना अधिकारी विनित कादियान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए मॉक ड्रिल जरूरी है। इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र से मंजीत दहिया, क्रिस्टिल क्रॉप प्रोटेक्शन लिमिटेड कंपनी के प्रमुख जनार्दन प्रसाद, सेफ्टी प्रमुख अमित चौहान व एनडीआरएफ की टीम मौजूद रही।

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद
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