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Sonipat News: राम वन गमन से दुखी महाराज दशरथ ने त्यागे प्राण
Sat, 21 Oct 2023 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 21 Oct 2023 01:17 AM IST
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फोटो 36- कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला मंचन करते कलाकार। संवाद
सोनीपत। कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में श्री रामलीला सभा के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन के छठे दिन दशरथ देह त्याग, भरत मनावन व शूर्पणखा नासा भंग की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। आचार्य सौरभ द्विवेदी के निर्देशन में वृंदावन से आए कलाकारों ने अपनी कला से मंचन को सजीव कर दिया। धर्मशाला नियामत राय केदारनाथ सोसाइटी के प्रधान व पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर मंचन का प्रारंभ किया। अध्यक्षता बैंयापुर से सामाजिक कार्यकर्ता हरी प्रकाश मंगला ने की।
शुक्रवार को श्रीराम, माता जानकी व लक्ष्मण के साथ 14 वर्षों के लिए वन को जाते हैं तो महाराज दशरथ उनके वियोग में प्राण त्याग देते हैं। जब भगवान राम भरत को समय से पहले अयोध्या जाने से मना कर देते है तो भरत श्रीराम की खड़ाऊ को राज प्रतिनिधि के रूप में अयोध्या ले आते हैं व भगवान श्रीराम की खड़ाऊ का राजतिलक करके प्रण लेते हैं कि जब तक श्रीराम अयोध्या वापस नहीं आते, तब तक वनवासी जीवन व्यतीत करूंगा।
एक दिन वहां रावण की बहन शूर्पणखा पहुंच जाती है। श्रीराम की सुंदरता पर मोहित हो वह सुंदर रूप धारण करके श्रीराम के सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है, जिसे प्रभु राम यह कहकर रद्द कर देते हैं कि उन्होंने पत्नीव्रत लिया हुआ है। तब शूर्पणखा लक्ष्मण को रिझाने की कोशिश करती है, यहां भी उसे निराशा मिलती है तो वह गुस्से में अपने असली रूप में आकर माता जानकी को खत्म करने के लिए आगे बढ़ती है, इस पर लक्ष्मण को गुस्सा आ जाता है और वह तलवार से शूर्पणखा के नाक और कान काट देते हैं।
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इस दौरान सुरेश गुप्ता, संजय शर्मा, वरिष्ठ अधिकारी, दिल्ली सरकार, सतीश माथुर, महेंद्र वर्मा, अरुण जैन, प्रवीण गोयल, विजय गौतम, अनिल जैन, प्रधान महेन्द्र मंगला, कोषाध्यक्ष अमित कुच्छल, पं. अमित शोनक, प्रेस प्रभारी ने सभी दर्शकों का अभिनंदन किया।
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भरत मनावन देख हुए भाव विभोर, शूर्पणखा नासिका भग्न पर लगे जय श्री राम के जयकारे
फोटो :40: सोनीपत के सेक्टर-12 में रामलीला मंचन के दौरान उपस्थित आयोजक व अन्य। स्रोत : क्लब के सदस्य
सोनीपत। सेक्टर-12 स्थित श्याम पार्क में वीरवार को शिव ड्रामेटिक क्लब, राई की तरफ से आयोजित रामलीला में भरत मनावन व शूर्पणखा नासिका भग्न सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। इसमें भरत ने भगवान राम को वापस ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। रामलीला में शूर्पणखा नासिका भग्न के मंचन में भगवान राम और लक्ष्मण को मोहित करने के लिए शूर्पणखा ने शादी का प्रस्ताव रखा। क्रोध में लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काट दी। इस मौके पर विक्की कौशिक, सामाजिक कार्यकर्ता मनीष राई, अधिवक्ता मोहन कौशिक, लीलू कौशिक, रामलाल, अधिवक्ता अमित कौशिक, मनीष त्यागी, राजू कौशिक, मंजीत तिहाड़, भूषण, रमेश जांगड़ा, प्रमोद कौशिक मौजूद रहे।
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रामलीला में सीता हरण के साथ रावण जटायु युद्ध का मंचन
फोटो 39- टीटू धर्मशाला में आयोजित रामलीला में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
गोहाना। श्री रामलीला कमेटी की तरफ से मुगलपुरा रोड पर स्थित टीटू धर्मशाला में आयोजित रामलीला में सातवें दिन सीता हरण व जटायु वध लीला का मंचन किया गया।
कलाकारों ने दिखाया कि पंचवटी आश्रम में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता अपना आश्रम बनाते है। इसके बाद रावण अपने पुष्पक विमान से ऋषि का वेश बना आश्रम पहुंच जाता है और द्वार पर खड़े होकर भिक्षा मांगने लगता है। ऋषि (रावण) के वापस लौटने के डर से सीता रेखा पार कर देती है और रावण अपने असली रूप में आकर सीता का हरण कर लेता है। रास्ते में रावण का सामना जटायु से होता है। जिससे रावण को युद्ध करना पड़ता है। आखिर में रावण जटायु को लहूलुहान कर नीचे गिरा देता है और सीता को लंका लेकर जाता है।
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शुक्रवार को श्रीराम, माता जानकी व लक्ष्मण के साथ 14 वर्षों के लिए वन को जाते हैं तो महाराज दशरथ उनके वियोग में प्राण त्याग देते हैं। जब भगवान राम भरत को समय से पहले अयोध्या जाने से मना कर देते है तो भरत श्रीराम की खड़ाऊ को राज प्रतिनिधि के रूप में अयोध्या ले आते हैं व भगवान श्रीराम की खड़ाऊ का राजतिलक करके प्रण लेते हैं कि जब तक श्रीराम अयोध्या वापस नहीं आते, तब तक वनवासी जीवन व्यतीत करूंगा।
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एक दिन वहां रावण की बहन शूर्पणखा पहुंच जाती है। श्रीराम की सुंदरता पर मोहित हो वह सुंदर रूप धारण करके श्रीराम के सामने विवाह का प्रस्ताव रखती है, जिसे प्रभु राम यह कहकर रद्द कर देते हैं कि उन्होंने पत्नीव्रत लिया हुआ है। तब शूर्पणखा लक्ष्मण को रिझाने की कोशिश करती है, यहां भी उसे निराशा मिलती है तो वह गुस्से में अपने असली रूप में आकर माता जानकी को खत्म करने के लिए आगे बढ़ती है, इस पर लक्ष्मण को गुस्सा आ जाता है और वह तलवार से शूर्पणखा के नाक और कान काट देते हैं।
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इस दौरान सुरेश गुप्ता, संजय शर्मा, वरिष्ठ अधिकारी, दिल्ली सरकार, सतीश माथुर, महेंद्र वर्मा, अरुण जैन, प्रवीण गोयल, विजय गौतम, अनिल जैन, प्रधान महेन्द्र मंगला, कोषाध्यक्ष अमित कुच्छल, पं. अमित शोनक, प्रेस प्रभारी ने सभी दर्शकों का अभिनंदन किया।
भरत मनावन देख हुए भाव विभोर, शूर्पणखा नासिका भग्न पर लगे जय श्री राम के जयकारे
फोटो :40: सोनीपत के सेक्टर-12 में रामलीला मंचन के दौरान उपस्थित आयोजक व अन्य। स्रोत : क्लब के सदस्य
सोनीपत। सेक्टर-12 स्थित श्याम पार्क में वीरवार को शिव ड्रामेटिक क्लब, राई की तरफ से आयोजित रामलीला में भरत मनावन व शूर्पणखा नासिका भग्न सहित विभिन्न लीलाओं का मंचन किया गया। इसमें भरत ने भगवान राम को वापस ले जाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। रामलीला में शूर्पणखा नासिका भग्न के मंचन में भगवान राम और लक्ष्मण को मोहित करने के लिए शूर्पणखा ने शादी का प्रस्ताव रखा। क्रोध में लक्ष्मण ने शूर्पणखा की नाक काट दी। इस मौके पर विक्की कौशिक, सामाजिक कार्यकर्ता मनीष राई, अधिवक्ता मोहन कौशिक, लीलू कौशिक, रामलाल, अधिवक्ता अमित कौशिक, मनीष त्यागी, राजू कौशिक, मंजीत तिहाड़, भूषण, रमेश जांगड़ा, प्रमोद कौशिक मौजूद रहे।
रामलीला में सीता हरण के साथ रावण जटायु युद्ध का मंचन
फोटो 39- टीटू धर्मशाला में आयोजित रामलीला में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
गोहाना। श्री रामलीला कमेटी की तरफ से मुगलपुरा रोड पर स्थित टीटू धर्मशाला में आयोजित रामलीला में सातवें दिन सीता हरण व जटायु वध लीला का मंचन किया गया।
कलाकारों ने दिखाया कि पंचवटी आश्रम में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण व माता सीता अपना आश्रम बनाते है। इसके बाद रावण अपने पुष्पक विमान से ऋषि का वेश बना आश्रम पहुंच जाता है और द्वार पर खड़े होकर भिक्षा मांगने लगता है। ऋषि (रावण) के वापस लौटने के डर से सीता रेखा पार कर देती है और रावण अपने असली रूप में आकर सीता का हरण कर लेता है। रास्ते में रावण का सामना जटायु से होता है। जिससे रावण को युद्ध करना पड़ता है। आखिर में रावण जटायु को लहूलुहान कर नीचे गिरा देता है और सीता को लंका लेकर जाता है।

फोटो 36- कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला मंचन करते कलाकार। संवाद

फोटो 36- कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला मंचन करते कलाकार। संवाद

फोटो 36- कामी रोड स्थित रामलीला मैदान में रामलीला मंचन करते कलाकार। संवाद