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खानपुर मेडिकल कालेज में जूनियर डॉक्टरों का प्रबंधन पर गंभीर आरोप, सीएम को शिकायत भेजी
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सोनीपत। बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जूनियर डॉक्टरों ने सीएम को भेजी शिकायत में लिखा है कि उन्हें कोरोना महामारी से बचाव के उपकरण दिए बिना ही कोविड अस्पताल में काम कराया जा रहा है। आरोप है कि सीनियर डॉक्टर अस्पताल भी नहीं आते और उनसे ही कोरोना जांच के सैंपल भी कराए जा रहे है। इस मामले में जहां एक शिकायत पहले भेजी गई थी, वहीं अब दोबारा से जूनियर डॉक्टरों ने शिकायत भेजी है।
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में तीन महीने के अनुबंध पर आए जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि उनसे बिना पीपीई किट के कोविड अस्पताल में काम कराया जा रहा है। जूनियर डाक्टरों ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका हेल्थ बीमा भी नहीं है और बिना पीपीई किट के कोरोना पीड़ितों का इलाज करने से वह भी संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में यदि वह प्रबंधन से शिकायत करते है तो डॉक्टर उनके साथ बदसलूकी करते है। जूनियर डॉक्टरों द्वारा कॉलेज प्रबंधन से कई बार शिकायत करने के बाद भी जब उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने सीएम मनोहर लाल को पत्र लिखा है। जिसमें जूनियर डॉक्टरों ने लिखा है कि सीनियर डॉक्टरों ने कोविड अस्पताल से दूरी बना रखी है। वह जूनियर डॉक्टरों को ड्यूटी का रोस्टर भेजकर एक तरफ हो जाते हैं। उनका कहना है कि फिलहाल अस्पताल में उनकी संख्या 73 है, जबकि विभिन्न जिलों से प्रतिदिन 100 से अधिक कोरोना संदिग्ध अस्पताल पहुंच रहे है।
वर्जन
यह मामला सामने आया था और इसका निपटारा कर दिया गया था। इसमें डीसी भी जांच करने पहुंचे थे और अब वहां किसी तरह का ऐसा कोई मामला नहीं है।
- डॉ. रेनू गर्ग, डायरेक्टर बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर कलां
वर्जन
बीपीएस मेडिकल कालेेज खानपुर कलां के जूनियर डाक्टरों की शिकायत मिली थी, जिसमें डीसी खुद जांच करने के लिए गए थे। उस समय जूनियर डॉक्टर सामने नहीं आए थे। अब दोबारा से कोई शिकायत की गई है तो उसकी दोबारा जांच कराई जाएगी।
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- केएम पांडुरंग, चार्ज अधिकारी सोनीपत
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बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में तीन महीने के अनुबंध पर आए जूनियर डॉक्टरों का आरोप है कि उनसे बिना पीपीई किट के कोविड अस्पताल में काम कराया जा रहा है। जूनियर डाक्टरों ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका हेल्थ बीमा भी नहीं है और बिना पीपीई किट के कोरोना पीड़ितों का इलाज करने से वह भी संक्रमित हो सकते हैं। ऐसे में यदि वह प्रबंधन से शिकायत करते है तो डॉक्टर उनके साथ बदसलूकी करते है। जूनियर डॉक्टरों द्वारा कॉलेज प्रबंधन से कई बार शिकायत करने के बाद भी जब उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने सीएम मनोहर लाल को पत्र लिखा है। जिसमें जूनियर डॉक्टरों ने लिखा है कि सीनियर डॉक्टरों ने कोविड अस्पताल से दूरी बना रखी है। वह जूनियर डॉक्टरों को ड्यूटी का रोस्टर भेजकर एक तरफ हो जाते हैं। उनका कहना है कि फिलहाल अस्पताल में उनकी संख्या 73 है, जबकि विभिन्न जिलों से प्रतिदिन 100 से अधिक कोरोना संदिग्ध अस्पताल पहुंच रहे है।
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यह मामला सामने आया था और इसका निपटारा कर दिया गया था। इसमें डीसी भी जांच करने पहुंचे थे और अब वहां किसी तरह का ऐसा कोई मामला नहीं है।
- डॉ. रेनू गर्ग, डायरेक्टर बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर कलां
वर्जन
बीपीएस मेडिकल कालेेज खानपुर कलां के जूनियर डाक्टरों की शिकायत मिली थी, जिसमें डीसी खुद जांच करने के लिए गए थे। उस समय जूनियर डॉक्टर सामने नहीं आए थे। अब दोबारा से कोई शिकायत की गई है तो उसकी दोबारा जांच कराई जाएगी।
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- केएम पांडुरंग, चार्ज अधिकारी सोनीपत