सोनीपत: दूसरी लहर से मजबूती से जूझ रहे नौनिहाल, तीन माह में मिले 258 संक्रमित, सभी सुरक्षित
चिकित्सकों के अनुसार अभी तक कोई बच्चा भले ही गंभीर हालत तक भी नहीं पहुंचा हो, लेकिन फिर भी बचाव जरूरी है। बच्चों को बचाना जरूरी है।
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कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा बताया जा रहा है, वहीं कोरोना की दूसरी लहर में मासूम ही सबसे ज्यादा मजबूती से कोरोना से लड़ रहे हैं। हालात यह है कि अभी तक जितने बच्चे संक्रमित हुए हैं, उनमें से अधिकतर ठीक हो चुके हैं। जितने अभी होम आइसोलेट हैं उनमें भी कोई गंभीर हालत में नहीं हैं। सोनीपत में पिछले तीन महीने में 258 बच्चे संक्रमित हुए हैं, जिनमें नवजात से लेकर आठ साल तक की उम्र वाले ज्यादा हैं तो अन्य उम्र के कम बच्चे हैं। इनमें से 226 अभी तक ठीक हो चुके हैं तो 32 होम आइसोलेट हैं।
तीन महीने की बेटी संक्रमित हुई तो मां ने खानपान बेहतर रखा
खेड़ी दमकन के रहने वाले मोहित दिल्ली में मेट्रो में नौकरी करते हैं। उन्होंने अपने साथ ही अपनी पत्नी व तीन महीने की बेटी अनायशा की जांच कराई थी। मोहित व उसकी पत्नी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई, लेकिन बच्ची को कोरोना संक्रमित बताया गया। ऐसे में तीन महीने की बच्ची की देखरेख घर में उसकी मां करती रही और अपना खानपान बेहतर रखा। क्योंकि बच्ची को मां का दूध ही पिलाया जाता था। मोहित ने बताया कि बच्ची की दोबारा जांच कराने पर रिपोर्ट निगेटिव आई है।
कोरोना संक्रमित हुए बच्चे को 103 तक बुखार हुआ, अब पूरी तरह ठीक
राजलूगढ़ी में रहने वाले पंकज के परिवार में सभी को बुखार आया तो परिवार के सभी सदस्यों ने कोरोना जांच कराई। लेकिन उनके भी परिवार में किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई, लेकिन उनका साढ़े तीन साल का बेटा लियान संक्रमित मिला। पंकज बताते है कि उनके बेटे को 103 तक बुखार आया। वह लगातार डाक्टरों के संपर्क में रहे और गन्नौर के एक अस्पताल में उपचार भी कराया गया। दवाएं देने के बाद बुखार नहीं आया और लियान ठीक हो गया। इस दौरान लियान के खानपान का ध्यान भी काफी रखा गया और लियान ने कोरोना को हरा दिया।
10 महीने की बच्ची बीमार हुई, भाप देने के साथ ही डाइट भी सही रखी
गन्नौर की गांधी नगर में रहने वाली बुजुर्ग महिला विद्या देवी अपनी दस महीने की पोती रूतवी को लेकर पड़ोस में गई थी। इसके बाद विद्या देवी व उनकी पोती रूतवी बीमार हो गई। उनकी जांच कराई गई तो दोनों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। दोनों को अलग-अलग आइसोलेट किया गया और बच्ची की देखभाल उसकी मां मोनिका करती रही। मोनिका ने बताया कि बच्ची को लगातार भाप देते रहे और उसे केला व दही खिलाते रहे। उसकी जब दोबारा जांच कराई गई तो उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई।
3 साल की बच्ची को भाप देते रहे, दूध व फल भी खिलाए
सोनीपत के न्यू तारा नगर में रहने वाले अमित ने बताया कि उनके साथ ही पत्नी व तीन साल की बेटी नायरा को बुखार, खांसी व जुकाम हो गया। जिसके बाद सभी ने कोरोना जांच कराई तो तीनों की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। वह सभी होम आइसोलेट हो गए, लेकिन अपनी जगह बेटी पर ज्यादा ध्यान दिया। क्योंकि वह केवल तीन साल की थी। उन्हें बताया गया था कि बच्ची को लगातार भाप देते रहे और दूध व फल भी खिलाए। जिसके बाद वह ठीक हो गई और अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
अगर कोई व्यक्ति बाहर से घर के अंदर जाता है तो वह खुद को सैनिटाइज करे और हाथ जरूर धोएं। कुछ देर के लिए बच्चों से दूर रहे। इस समय बच्चों को बाहर नहीं जाने दिया जाए और उनको खेलना है तो इंडोर गेम्स ही खेले। बच्चों को भी पौष्टिक खाना खिलाया जाए, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहे। नवजात को उसकी मां तक ही सीमित रखा जाए और इस समय उसके आसपास जाने से अन्य को बचना चाहिए। नवजात के लिए मां को अपना खानपान बेहतर रखना होगा और बच्चे की मां को हरी सब्जी व अन्य पौष्टिक खाना लेना चाहिए। -डॉ. आदर्श शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ, सामान्य अस्पताल सोनीपत।