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करोड़ों के ड्यूज क्लीयर, फिर भी आ रहे नोटिस

Thu, 14 Jan 2016 11:36 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Thu, 14 Jan 2016 11:36 PM IST
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कंप्यूटराइज्ड होने के रास्ते में चल रहे हरियाणा अर्बन डेवलेपमेंट अथॉरिटी (हुडा) से इस समय सैकड़ों अलॉटी परेशान हैं। जिन अलॉटियों ने सालों पहले अपने ड्यूज क्लीयर कर दिए थे, उनको भी करोड़ों रुपये के ड्यूज बाकी होने का नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस मिलने के बाद अलॉटी को मजबूरन हुडा कार्यालय पहुंचना पड़ता है, लेकिन पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे विभाग में इस समय कर्मचारी भी ईद का चांद हो गए हैं। क्योंकि कई कर्मचारी एक महीने से चुनाव ड्यूटी में उलझे हैं। इस तरह नोटिस मिलने के बाद भी लोगों की दिक्कतें दूर नहीं हो रही हैं। वहीं जब इस संबंध में अधिकारियों से बात की जाती है तो वे रिकॉर्ड में गड़बड़ी के चलते ये समस्या आने की बात कहते हैं। अलॉटियों ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर इस समस्या के बारे में बताया।
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केस नंबर 1
सेक्टर-14 निवासी एक व्यक्ति को नोटिस मिला 89 लाख ड्यूज का। पीड़ित तुरंत हुडा कार्यालय पहुंचा। उसने बताया कि सेक्टर-14 सबसे पुराने सेक्टरों में से है, इस सेक्टर में सबसे पहले मकान बनाकर रहने वालों में वह शामिल है। इसके बावजूद उसे नोटिस दिया गया है। कुछ दिन पहले ही इस अलॉटी ने बैंक में जमा कराए गए पैसे की रसीद दिखाई तब जाकर उसका ड्यूज क्लीयर किया गया।
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केस नंबर 2
सेक्टर-15 की रहने वाली एक महिला कुछ दिनों से लगातार हुडा कार्यालय के चक्कर काट रही है। बताया गया कि इस महिला के नाम एक मकान है और कुछ दिन पहले ही नोटिस मिला कि मकान का 2 करोड़ रुपये का ड्यूज बकाया है। जबकि उसने काफी पहले मकान का नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी लिया था। इस महिला का 2 करोड़ रुपए का ड्यूज अभी तक क्लीयर नहीं हो पाया है, क्योंकि कर्मचारी चुनावी ड्यूटी के चलते व्यस्त हैं।
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यह है वजह
ड्यूज के नोटिस आने की सबसे बड़ी वजह विभाग का कंप्यूटराइज्ड होना है। जिन अलॉटियों के ड्यूज पहले क्लीयर हो चुके हैं, उनकी फाइलें कंप्यूटर में अपडेट की जा रही हैं। इस दौरान जो रसीद फाइल में लगी मिलती है, केवल वह ही कंप्यूटर में एंट्री की जाती है। कंप्यूटर में एंट्री न होने की वजह से अलॉटी के नाम ड्यूज का नोटिस जारी कर दिया जाता है। जो पुरानी फाइलें कंप्यूटराइज्ड की जा रही है, उनमें से अधिकतर फाइलें ऐसी हैं, जिसमें रसीदें पूरी नहीं होती।

यह है सोनीपत की स्थिति
सोनीपत में इस समय कुल 11 सेक्टर हैं, जिसमें 13 हजार 456 प्लॉट हैं। इसमें 11,901 रिहायशी, 1525 कामर्शियल और 10 इंडस्ट्रियल प्लॉट हैं। जिले में सिर्फ मुरथल में एक इंडस्ट्रियल सेक्टर है। इसके अलावा जिले में 7 रेजीडेंशियल सेक्टर सोनीपत में और गोहाना में 1 है। सोनीपत में दो इंस्टीट्यूशनल सेक्टर भी हैं।

चुनावी ड्यूटी ने और किया परेशान
बता दें कि इन दिनों चुनावी ड्यूटी में हुडा के कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई। जिसके कारण संपदा अधिकारी से लेकर अन्य कर्मचारियों तक सभी व्यस्त हैं। पिछले लगभग एक माह से ये ही स्थिति बनी हुई है। इसी वजह से जब कोई अलॉटी अपना नोटिस के एवज में रिकार्ड लेकर पहुंचता है तो कभी कोई कर्मचारी नहीं मिलता तो कभी कोई कर्मचारी नहीं मिलता। अधिकतर बार परेशान लोग को मायूस होकर ही वापस जाना पड़ता है।


कंप्यूटर में रसीद की एंट्री करने के बाद नो-ड्यूज दे दिया जाता है। तकनीकी खराबी से यह दिक्कत आ रही है। अलॉटी अपना पूरा रिकार्ड दिखाता है तो उसके बाद ड्यूज क्लीयर कर दिए जाते हैं।
-विजय राठी, संपदा अधिकारी, सोनीपत।
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