{"_id":"e45342f772a02435697686bf7b286b96","slug":"governer-hindi-news-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवभूमि में भी छुआछूत, अब हर खूंटे पर बांधेंगे गाय ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवभूमि में भी छुआछूत, अब हर खूंटे पर बांधेंगे गाय
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला सोनीपत
Updated Mon, 09 Nov 2015 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का कहना है कि हरियाणा ही नहीं, देवभूमि हिमाचल में भी छुआछूत है। कई इलाके तो ऐसे हैं, जहां मिड डे मील के लिए अब भी जाति के आधार पर विद्यार्थियों की अलग से लाइन लगवाई जाती हैं, लेकिन तत्काल इस भेदभाव को खत्म करने की हिदायत दी गई है।
विज्ञापन
किसी भी सूरत में छुआछूत व लड़कियों से भेदभाव नहीं होने देंगे। वे रविवार को अपनी ससुराल सोनीपत जिले के गांव नाहरी में पत्नी दर्शना देवी के साथ बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ की अलख जगाने पहुंचे थे। अमर उजाला से खास बातचीत में आचार्य देवव्रत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि देवभूमि के हर हिस्से में ऐसा हो रहा है।
विज्ञापन
शिमला से आगे ऊपरी पहाड़ी इलाकों में लोगों के आदर्श आज भी उच्च हैं। लोग घरों को ताला तक नहीं लगाते। बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा है, लेकिन पंजाब व हरियाणा से लगते हिस्से में भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई पनप रही है। उनका पूरा प्रयास है कि संस्कृति, शिक्षा के ढांचे में बदलाव लाकर बुराइयों को खत्म किया जाए। क्योंकि आज की आधुनिक शिक्षा अक्षर ज्ञान तो दे सकती है, लेकिन संस्कार नहीं दे पा रही।
विज्ञापन
हिमाचल में गाय के माध्यम से विशेष विचारधारा थोपने के आरोप पर राज्यपाल ने कहा कि बस समझने का फर्क है। उनकी इच्छा है कि हर घर के खूंटे पर गाय बंधी हो, लेकिन इसके लिए किसी परिवार को मजबूर नहीं किया जाएगा, बल्कि गाय के गुणों को समझकर खुद ही परिवार गाय पालने के लिए मजबूर हो जाएंगे। राज्यपाल ने बताया कि पालम में उनकी मौजूदगी के बीच वैज्ञानिकों ने शोध करके साबित किया कि गाय वास्तव में कामधेनु हैं। इसके दूध ही नहीं, मूत्र से भी दवाइयां बन सकती हैं, वहीं इसके गोबर से बनी खाद सर्वोत्तम है।
आम आदमी के लिए हर समय राजभवन के दरवाजे खुले
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बताया कि हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए राजभवन के दरवाजे हर समय खुले हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी समय अपनी समस्या लेकर आ सकता है। इसके लिए वे ज्यादा से ज्यादा समय अपने कार्यालय में व्यतीत करते हैं।