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Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Five Years Later, Gorad Village's Sex Ratio Is Once Again the Best; It Will Receive the 'Best Village' Award.

Sonipat News: पांच साल बाद फिर गोरड़ गांव का लिंगानुपात सर्वश्रेष्ठ, मिलेगा बेस्ट विलेज अवार्ड

Tue, 21 Apr 2026 03:15 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 21 Apr 2026 03:15 AM IST
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Five Years Later, Gorad Village's Sex Ratio Is Once Again the Best; It Will Receive the 'Best Village' Award.
फोटो : सोनीपत के नागरिक अस्पताल ​स्थित जच्चा बच्चा वार्ड में भर्ती महिलाएं। संवाद
सोनीपत। पांच साल बाद फिर गोरड़ गांव को लिंगानुपात के मामले में बेस्ट विलेज अवार्ड मिलने वाला है। वर्ष 2025 में गांव में 28 बेटों व 50 बेटियों ने जन्म लिया। अब गांव का लिंगानुपात 1786 दर्ज किया गया है। इससे पहले गोरड़ गांव में वर्ष 2021 में सबसे ज्यादा बेटियां पैदा हुई थी। उस समय 34 बेटों व 50 बेटियों ने जन्म दिया था।
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गांव में प्रति हजार लड़कों पर 1470 लड़कियों ने जन्म लिया था। जिले में बेहतर लिंगानुपात वाले गांव गोरड़ को स्वास्थ्य विभाग ने बेस्ट विलेज स्कीम के तहत सर्वश्रेष्ठ गांव चुना है। सरकार ने लिंगानुपात में सुधार लाने को वर्ष 2002 से बेस्ट विलेज अवॉर्ड योजना चला रखी है।
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योजना के तहत लिंगानुपात में अव्वल रहने वाले गांव की उन छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है जो दसवीं कक्षा में टॉपर रहीं। वर्ष 2024 में लिंगानुपात के मामले में बढ़खालसा टाॅप पर रहा था लेकिन गांव में 10वीं तक का राजकीय स्कूल न होने के चलते उन्हें बेस्ट विलेज अवॉर्ड नहीं मिल सका था।
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पिछली बार भिगान में 1000 बेटों पर 1486 बेटियां रहीं तो गांव बढ़खालसा में 1000 बेटों पर 1700 बेटियां थीं। भिगान गांव में वर्ष 2024 में 52 बेटियों व 35 बेटों ने जन्म लिया था। दूसरे स्थान पर आए गांव भिगान के लिंगानुपात को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया था।
साल 2023 में गांव हलालपुर और साल 2022 में गांव रसोई का लिंगानुपात बेहतर रहा था। वर्ष 2021 में गांव गोरड़ में सबसे ज्यादा लिंगानुपात 1470 दर्ज किया था।
योजना के लिए यह है गांव के चयन का मापदंड

जनवरी से दिसंबर तक गांव के लिंगानुपात की जानकारी जुटाई जाती है। योजना के तहत 5000 से ज्यादा आबादी वाले गांवों की संस्थागत डिलीवरी 30 फीसदी होनी जरूरी है। वहीं गांव में दसवीं कक्षा का विद्यालय होना चाहिए।
जिले का लिंगानुपात
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में जिले में 24,910 बच्चों का जन्म हुआ है। इसमें 13,150 बेटे और 11,760 बेटियां शामिल हैं।
वर्ष - लिंगानुपात

2014 - 830
2015 - 867
2016 - 902
2017 - 937
2018 - 950
2019 - 909
2020 - 917
2021 - 888
2022 - 898
2023 - 894
2024 - 901
2025 - 894





लिंगानुपात में सुधार लाने के लिए प्रयास जारी है। वर्ष 2025 में फिर गोरड़ का लिंगानुपात सर्वश्रेष्ठ रहा है। अब ग्राम पंचायत को दोबारा बेस्ट विलेज अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2021 में भी यह अवार्ड गोरड़ को भी मिल चुका है। भ्रूण हत्या को बढ़ावा देने वालों पर लगातार शिकंजा कसा रहा है।

- डॉ. नितिन फलस्वाल, नोडल अधिकारी, पीसी-पीएनडीटी, स्वास्थ्य विभाग



बेटियां परिवार व समाज का मान-सम्मान होती हैं और समाज में इनका स्थान गौरवमयी है। बेटियों से घर का आंगन चहकता है। उनके विकास के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं कर सकते। गोरड़ ने ऐसी मिसाल कायम की है। यहां का लिंगानुपात एक बार फिर सर्वश्रेष्ठ रहा है।

- डॉ. ज्योत्सना, सिविल सर्जन
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