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सोनीपत में खाद के लिए मारामारी: घंटों लाइन में लगने के बाद भी नहीं मिल रहा खाद, चहेतों को देने का आरोप

Tue, 05 Nov 2024 02:44 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 05 Nov 2024 02:44 PM IST
सार

सोनीपत में धान की कटाई के साथ ही किसानों ने गेहूं की बिजाई भी शुरू कर दी है। गेहूं की बेहतर पैदावार के लिए बिजाई के समय प्रति एकड़ एक बैग डीएपी खाद की जरूरत पड़ती है। जिले में कई स्थानों पर अभी भी डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है।

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Fight for fertilizer in Sonipat, Fertilizer is not available even after standing in line for hours
लाइन में लगे लोग - फोटो : संवाद

विस्तार

सरकार का दावा है कि सभी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सोनीपत के गांव बैंयापुर स्थित पैक्स कार्यालय पर मंगलवार सुबह डीएपी खाद लेने वालों की लंबी लाइन लगी रही। सभी पहले खाद लेने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। डीएपी खाद के एक बैग के लिए महिलाओं व बुजुर्गों को भी घंटों लाइन में लगने को मजबूर होना पड़ा। जिस पर किसानों में रोष बना हुआ है। 

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जिले में धान की कटाई के साथ ही किसानों ने गेहूं की बिजाई भी शुरू कर दी है। गेहूं की बेहतर पैदावार के लिए बिजाई के समय प्रति एकड़ एक बैग डीएपी खाद की जरूरत पड़ती है। जिले में कई स्थानों पर अभी भी डीएपी खाद की किल्लत बनी हुई है। मंगलवार सुबह गांव बैंयापुर स्थित पैक्स पर 200 बैग डीएपी खाद पहुंचने की सूचना मिलते ही गांव से करीब 400 किसान खाद लेने के लिए पहुंच गए। हालांकि उन्हें एक आधार कार्ड पर एक ही बैग खाद दिया गया। इसके लिए भी घंटों लाइन में लगाए रखा। किसानों ने आरोप लगाया कि पैक्स के अधिकारी अपने चहेतों को पहले खाद उपलब्ध करवा रहे हैं, यही कारण है कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी खाद मिलने की उम्मीद कम ही नजर आ रही है। यही हालात रहे तो शायद इस बार बिना डीएपी खाद डाले ही बिजाई करनी पड़ेगी।
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34 में से 14 पैक्स पर नहीं पहुंचा खाद
कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में गेहूं बिजाई के सीजन के लिए करीब 14 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है। जिले में अब तक 9400 मीट्रिक टन डीएपी खाद पहुंचा है। यह खाद भी 34 में से महज 14 पैक्स पर ही पहुंचा है, अन्य को अभी खाद पहुंचने का इंतजार है। अधिकरियों ने सभी पैक्स प्रबंधकों को जरूरत के हिसाब से मांग भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर खाद पहुंचाई जा सके। कृषि अधिकारी का कहना है कि एक एकड़ भूमि में करीब 45 किलोग्राम डीएपी खाद की आवश्यकता होती है।
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प्रतिक्रिया
खाद लेने आई थी, तीन घंटे से लाइन में लगी हुई हूं। मेरे पति बीमार हैं, उन्हें साथ लेकर आई थी। खाद नहीं मिलने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। ठेके पर खेत लिए हैं, लगता है कि बिना डीएपी खाद के ही गेहूं की बिजाई करनी पड़ेगी।  -सरोज, ग्रामीण

बिना नहाए-खाए सुबह घर से डीएपी खाद लेने के लिए पैक्स कार्यालय पहुंचे थे। कई घंटे से लाइन में लगे हुए हैं, अभी तक खाद नहीं मिला। एक आधार कार्ड पर एक बैग ही दे रहे हैं, वो भी समय पर नहीं मिल रहा। अपने जानकारों को पहले दे रहे हैं। लगता है बिना डीएपी खाद डाले ही बिजाई करनी पड़ेगी। -रणजीत, किसान।


पैक्स में डीएपी खाद के अभी 200 बैग आए हैं और किसान 400 पहुंचे हुए हैं। सभी को डीएपी खाद मुहैया करवा पाना मुश्किल है। महिला व पुरुष की अलग-अलग लाइन बनवाकर एक-एक बैग दिया जा रहा है। छोटे किसान जिनके खेत बिजाई के लिए तैयार हैं, उन्हें पहले खाद उपलब्ध करवाया जा रहा है। विभाग को दो हजार बैग की और मांग भेजी गई है, कल या परसों फिर रैक लगेगा, किसानों के सामने डीएपी खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। -दिलबाग, प्रबंधक, पैक्स, बैंयापुर।

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