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6 मार्च को केएमपी जाम करेंगे किसान, चुनाव वाले पांच राज्यों में भाजपा व सहयोगी दलों का विरोध करने जाएंगे

Wed, 03 Mar 2021 12:22 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 03 Mar 2021 12:22 AM IST
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farmers protest, road jam, meeting
सोनीपत। कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान 6 मार्च को पांच घंटे तक केएमपी को जाम रखेंगे और टोल प्लाजा भी फ्री कराया जाएगा। इसके साथ ही देशभर में लोगों से आह्वान किया गया है कि वह घरों व प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराएं। किसानों ने 15 मार्च तक आंदोलन के नए कार्यक्रम तय किए हैं, जिनमें चुनाव वाले पांचों राज्यों में भी किसान पंचायतें करके लोगों को जागरूक करेंगे। इसके साथ ही इनमें भाजपा और सहयोगी दलों के बहिष्कार की अपील भी किसान करेंगे।
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कुंडली बॉर्डर पर मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें आंदोलन के आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की गई। जिसके बाद किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़, धर्मेंद्र मलिक, रमजान चौधरी, जोगेंद्र नैन व डॉ. दर्शन पाल ने बताया कि 6 मार्च को आंदोलन के 100 तीन पूरे हो रहे हैं। इसलिए किसान नेताओं ने तय किया है कि सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक केएमपी एक्सप्रेस-वे को कई जगह जाम किया जाएगा। इसके साथ ही देश में काले झंडे लगाकर विरोध जताएंगे और धरनास्थल पर किसान काली पट्टी बांधेंगे। किसान नेताओं ने इससे पहले पांच मार्च को कर्नाटक से एमएसपी दिलाओ अभियान शुरू करने के लिए कहा है। इसमें किसान अपनी फसल लेकर मंडी में जाएंगे और देश के पीएम मोदी से मांग करेंगे कि एमएसपी दिलाओ। अगर देश में एमएसपी लागू है तो उनकी फसल कम दाम पर क्यों बिक रही है। यह अभियान इसके बाद महाराष्ट्र, तेलंगाना व मध्य प्रदेश से होते हुए देशभर में चलेगा। ताकि किसान को सच का पता चले कि आखिर एमएसपी को लेकर क्यों लड़ाई लड़ी जा रही है।
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चुनाव वाले पांच राज्यों में भाजपा व सहयोगी दलों के विरोध में अभियान चलाएंगे
किसान नेताओं ने कहा कि जिन पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं, वहां भी संयुक्त मोर्चा के सदस्य जाएंगे। यहां किसानों और मजदूरों से अपील की जाएगी कि वह भाजपा और उसके सहयोगी दलों को वोट न दें। इसकी शुरुआत 12 मार्च को कलकत्ता से होगी, यहां पंचायत आयोजित की जाएगी। इसके बाद किसान मोर्चा के सदस्य दूसरे राज्यों में जाएंगे और एक-एक विधानसभा में लोगों को कृषि कानूनों के प्रति जागरूक किया जाएगा। किसानों ने तय किया है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आठ मार्च को धरनास्थलों पर महिलाओं के हाथ में कमान रहेगी।
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ट्रेड यूनियनों के साथ 15 मार्च को रेलवे स्टेशन पर धरना देंगे
देश की बड़ी दस ट्रेन यूनियनों के साथ किसान मोर्चा की बैठक हो चुकी है। इसमें तय हुआ है कि 15 मार्च को देशभर में ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर किसान निजीकरण, कृषि कानूनों और कारपोरेट जगत के खिलाफ रेलवे स्टेशन के बाहर धरना देंगे। इस कार्यक्रम में किसानों ने यूनियनों का साथ देने का आह्वान कर दिया है। इस दिन मेवात में महापंचायत का आयोजन भी होगा। किसान मोर्चा के सदस्यों ने कहा कि किसी तरह का टकराव उनके आंदोलन को लेकर नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर नया प्रस्ताव सरकार देगी तो वह वार्ता के लिए जाएंगे।
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