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किसान आंदोलन का बढ़ रहा समर्थन, सरोहा खाप भी साथ खड़ी हुई तो महिलाएं नाचते-गाते पहुंचीं
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कुंडली बॉर्डर पर किसानों का समर्थन करने नाचते हुए जाती महिलाएं।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली धरना स्थल पर किसानों का आंदोलन लगातार तेजी से बढ़ने लगा है। इसे लेकर लगातार किसानों के समर्थन पंचायत हो रही हैं। खाप प्रतिनिधि किसानों के धरने पर पहुंचकर हौसला बढ़ा रहे हैं। इससे यह आंदोलन पहले लगातार मजबूत होता जा रहा है। सरोहा खाप भी किसानों के साथ खड़ी हो गई है। सरोहा खाप की महापंचायत में निर्णय लिया गया कि सोमवार को खाप के गांवों से करीब 500 वाहन धरना स्थल पर पहुंचेंगेे। वहीं बढख़ालसा की महिलाएं नाचते हुए कुंडली धरना पर पहुंचीं और किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया।
कुंडली बॉर्डर पर किसानों का धरना 66 दिनों से चला आ रहा है। किसान कृषि कानूनों को रद्द करने व एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के बीच 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान आंदोलन प्रभावित हो गया था। यहां से काफी संख्या में लोग वापस लौट गए थे। दो दिन बाद यह सिलसिला बंद हो पाया था। इसके बाद फिर से आंदोलन गति पकडने लगा। अब खास बात यह है कि आंदोलन में पंजाब के साथ हरियाणा के लोगों की संख्या बराबर हो रही है। गांव से अधिक से अधिक लोग समर्थन में पहुंच रहे हैं। यहां तक की खाप लगातार समर्थन देने की घोषणा के साथ ही धरना स्थल पर जाकर डट गई है। दहिया खाप, आंतिल खाप के साथ ही सरोहा व बालियाण खाप किसानों का समर्थन करने की घोषणा कर चुकी है।
आज 500 वाहनों के साथ मार्च निकालकर धरना स्थल पर जाएगी सरोहा खाप
रविवार को सरोहा खाप बारहा की छोटूराम धर्मशाला में महापंचायत हुई। जिसमें आंदोलन का समर्थन करने तथा सरकार की ओर से फैलाए जाए रहे भ्रम की आलोचना की गई। जाट जोशी से मास्टर दयानंद ने पंचायत की अध्यक्षता करते हुए कहा कि किसानों की मांग जायज है और उन्हें पूरा जाएगा। सरोहा खाप की महापंचायत में अब तक शहीद हुए किसानों के लिए सबसे पहले मौन रखा गया। इसके बाद महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला हुआ कि खाप के प्रतिनिधि व पदाधिकारी 1 फरवरी को 500 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ कुंडली बॉर्डर पर जाएंगे और आंदोलन का समर्थन करेंगे। इससे पहले अनाज मंडी में खाप के सदस्य एकत्रित होंगे और यहां से ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से तिरंगा सदभावना यात्रा निकालते हुए धरनास्थल पर पहुंचेगे। महापंचायत में किसानों के साथ सरकार की ओर से की जा रही ज्यादती को लेकर भी निंदा प्रस्ताव पास किया गया। महापंचायत को प्रवक्ता अशोक सरोहा ने कहा कि कुंडली बॉर्डर पर जाते हुए सभी पूर्ण शांतिपूर्ण तरीके से जाएंगे। किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए वह उनके साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगे। महापंचायत में गांव कालूपुर, लहराडा, बैंयापुर, हरसाना, जठेडी, जाटजोशी, राठधना, लिवासपुर गढ़ शहजानपुर, अहमदपुर के ग्रामीण शामिल हुए।
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बढख़ालसा से महिलाएं नाचते हुए धरनास्थल पर पहुंची
कुंडली धरना स्थल पर रविवार को बढख़ालसा गांव से सैकड़ों महिलाएं व पुरुष ढोल नगाडों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और कहा कि वह किसानों के साथ है। ग्रामीण ओम सिंह प्रधान, गुरुवेंद्र प्रधान और आनंद दहिया ने बताया कि गांव बढख़ालसा के ग्रामीण किसानों के साथ है। गांव में किसानों का कोई विरोध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज गांव से महिलाएं व पुरुष ढोल बाजे पर नाचते-गाते किसानों के धरनास्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी सूरत में किसानों के आंदोलन को कमजोर नहीं होने देंगे। किसानों की सुरक्षा से लेकर हर जरूरत का पूरा ध्यान रखेंगे।
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कुंडली बॉर्डर पर किसानों का धरना 66 दिनों से चला आ रहा है। किसान कृषि कानूनों को रद्द करने व एमएसपी पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के बीच 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान आंदोलन प्रभावित हो गया था। यहां से काफी संख्या में लोग वापस लौट गए थे। दो दिन बाद यह सिलसिला बंद हो पाया था। इसके बाद फिर से आंदोलन गति पकडने लगा। अब खास बात यह है कि आंदोलन में पंजाब के साथ हरियाणा के लोगों की संख्या बराबर हो रही है। गांव से अधिक से अधिक लोग समर्थन में पहुंच रहे हैं। यहां तक की खाप लगातार समर्थन देने की घोषणा के साथ ही धरना स्थल पर जाकर डट गई है। दहिया खाप, आंतिल खाप के साथ ही सरोहा व बालियाण खाप किसानों का समर्थन करने की घोषणा कर चुकी है।
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आज 500 वाहनों के साथ मार्च निकालकर धरना स्थल पर जाएगी सरोहा खाप
रविवार को सरोहा खाप बारहा की छोटूराम धर्मशाला में महापंचायत हुई। जिसमें आंदोलन का समर्थन करने तथा सरकार की ओर से फैलाए जाए रहे भ्रम की आलोचना की गई। जाट जोशी से मास्टर दयानंद ने पंचायत की अध्यक्षता करते हुए कहा कि किसानों की मांग जायज है और उन्हें पूरा जाएगा। सरोहा खाप की महापंचायत में अब तक शहीद हुए किसानों के लिए सबसे पहले मौन रखा गया। इसके बाद महापंचायत में सर्वसम्मति से फैसला हुआ कि खाप के प्रतिनिधि व पदाधिकारी 1 फरवरी को 500 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ कुंडली बॉर्डर पर जाएंगे और आंदोलन का समर्थन करेंगे। इससे पहले अनाज मंडी में खाप के सदस्य एकत्रित होंगे और यहां से ट्रैक्टर व अन्य वाहनों से तिरंगा सदभावना यात्रा निकालते हुए धरनास्थल पर पहुंचेगे। महापंचायत में किसानों के साथ सरकार की ओर से की जा रही ज्यादती को लेकर भी निंदा प्रस्ताव पास किया गया। महापंचायत को प्रवक्ता अशोक सरोहा ने कहा कि कुंडली बॉर्डर पर जाते हुए सभी पूर्ण शांतिपूर्ण तरीके से जाएंगे। किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए वह उनके साथ मिलकर लड़ाई लड़ेगे। महापंचायत में गांव कालूपुर, लहराडा, बैंयापुर, हरसाना, जठेडी, जाटजोशी, राठधना, लिवासपुर गढ़ शहजानपुर, अहमदपुर के ग्रामीण शामिल हुए।
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बढख़ालसा से महिलाएं नाचते हुए धरनास्थल पर पहुंची
कुंडली धरना स्थल पर रविवार को बढख़ालसा गांव से सैकड़ों महिलाएं व पुरुष ढोल नगाडों के साथ धरनास्थल पर पहुंचे और कहा कि वह किसानों के साथ है। ग्रामीण ओम सिंह प्रधान, गुरुवेंद्र प्रधान और आनंद दहिया ने बताया कि गांव बढख़ालसा के ग्रामीण किसानों के साथ है। गांव में किसानों का कोई विरोध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आज गांव से महिलाएं व पुरुष ढोल बाजे पर नाचते-गाते किसानों के धरनास्थल पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी सूरत में किसानों के आंदोलन को कमजोर नहीं होने देंगे। किसानों की सुरक्षा से लेकर हर जरूरत का पूरा ध्यान रखेंगे।