फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Farmer dies due to bee sting

Sonipat News: मधुमक्खियों के काटने से किसान की मौत

Fri, 26 May 2023 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Fri, 26 May 2023 01:00 AM IST
विज्ञापन
Farmer dies due to bee sting
किसान जितेंद्र का फाइल फोटो।
गोहाना। गांव खानपुर कलां में मधुमक्खियों के काटने से किसान की मौत हो गई। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को आर्थित सहायता देने की मांग की है।
विज्ञापन

गांव खानपुर कलां निवासी बिजेंद्र ने बताया कि वह और उनका भाई जितेंद्र (51) रविवार को सुबह 6 बजे ककाना रोड स्थित खेत में काम कर रहे थे। वह खेत में नाली बना रहा था, जबकि भाई को ट्यूबवेल चलाने के लिए भेज दिया। जब जितेंद्र कमरा खोलकर पाइप निकालने लगा तो कमरे में छत्ता लगा रखी मधुमक्खियों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों के काटने से वह वहीं पर बेहोश होकर गिर गया। काफी देर तक जब वह नहीं आया तो वह ट्यूबवेल पर गया। उसने देखा कि जितेंद्र बेहोश पड़ा है। उसे उपचार के लिए बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल करवाया गया। करीब 30 घंटे तक चले इलाज के बाद मंगलवार रात करीब 2.30 बजे उसने दम तोड़ दिया। जितेंद्र की दो बेटियां और एक बेटा है।
मधुमक्खियों का नहीं हुआ अभी तक समाधान
ग्रामीण इंद्र सिंह, सतपाल, सुरेश, रूपल, छोटू, यशपाल व अमित ने बताया कि उन्होंने मधुमक्खियों से राहत दिलाने के लिए प्रशासन से मदद मांगी है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। अभी तक मधुमक्खियां खेत में बने कमरे में ही हैं और कई किसानों को काट चुकी हैं। जिससे किसान भयभीत हैं। किसान खेत में जाने से डरते हैं। किसानों ने प्रशासन से मधुमक्खियों से छुटकारा दिलाने की मांग की है।
विज्ञापन

खानपुर कलां के 2 व अन्य गांव के कई लोगों को भी मधुमक्खियों ने काटा
खानपुर कलां के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के ही सतपाल को मधुमक्खियों ने सोमवार को काटा था। मंगलवार को खेत में गए कुलदीप को भी मधुमक्खियों ने काट लिया था। ककाना से खानपुर कलां की तरफ आने वाले कई अन्य गांव के लोगों को भी मधुमक्खियों ने काट लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

घुट जाता है दम
वरिष्ठ चिकित्सक शैलेंद्र राणा ने बताया कि मधुमक्खियों के एक साथ काटने पर शरीर की गतिविधि प्रभावित हो जाती हैं। कभी-कभी खून में जहर फैलने से सांस की नलियां जाम हो जाती हैं। इससे दम घुट जाता है और समय रहते इलाज न मिलने पर व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। डाॅ. राणा ने बताया कि यदि एपिनेफ्रीन ऑटो इंजेक्टर का उपयोग करने को कहा है तो उसका तुरंत इस्तेमाल करें। यदि समय पर इस्तेमाल नहीं किया जाए तो पीड़ित की मौत हो सकती है।
डंक मारने पर यह करें
मधुमक्खियों के घेरने पर पीड़ित को कंबल या मोटे कपड़े से ढक देना चाहिए।
मधुमक्खियों के हमले होने पर डंक को कभी सीधे हाथों से निकालने की कोशिश न करें। इससे उसका विष फैलने का खतरा बना रहता है।
मधुमक्खी के हमले से घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाएं। यदि अस्पताल दूर है या ले जाने में देरी लग रही है तो डंक मारने की जगह पर तुलसी के ताजे पत्ते रगड़ें।

यदि घर में शहद हो तो उसे रगड़ें। इसमें एंटीसेप्टिक पाई जाती है।
गेंदे के फूल को पीस कर पेस्ट बनाकर डंक मारने की जगह पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
बर्फ की सिकाई या फिर चूने का लेप लगाने से राहत मिल सकती है।
टूथपेस्ट के लेप को डंक वाली जगह पर पूरी तरह से ढक देने से भी मधुमक्खी के जहर का असर कम हो जाता है।

मधुमक्खियों के काटने से घायल हुए व्यक्ति को ग्रामीणों ने रविवार को दाखिल कराया था। जिसके हृदय की गति धीमी थी। चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, मगर 30 घंटे के बाद किसान का निधन हो गया। -डाॅ. राजीव महेंद्रू, निदेशक, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed