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रेल रोकने के दौरान चलेगा लंगर, यात्री जल्दी में होने पर वाहन भी उपलब्ध कराएंगे, शांति व्यवस्था बनाना चुनौती
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अंकित चौहान
सोनीपत। कृषि कानून रद्द कराने के लिए चल रहे किसानों के आंदोलन के तहत वीरवार को देशभर में रेल रोकी जाएगी और किसान इसकी तैयारी में जुटे हुए हैं। वहीं किसानों के चक्का जाम के दौरान आम जनता को परेशानी होने के कारण आंदोलन पर सवाल उठाए गए तो इस बार उससे बचने के लिए भी किसानों ने पूरी तैयारी की हुई है। रेल रोकने के दौरान किसी जगह पर चाय तो कहीं खाने का लंगर लगाया जाएगा और किसी को जरूरी काम होने पर जल्दी जाना होगा तो उसको अन्य वाहनों से भेजने में मदद की जाएगी। किसान नेताओं के लिए रेल रोकने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी होगी और इसके लिए शांतिपूर्ण तरीके से रेल रोकने की अपील की गई है।
सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों ने वीरवार को देशभर में दोपहर 12 से 4 बजे तक रेल रोकने का एलान किया हुआ है। जिसकी किसान तैयारी करने में लगे है और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को निर्धारित रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। जिस तरह से चक्का जाम के दौरान आम लोगों को परेशानी होने पर किसान आंदोलन को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस बार किसान नेता इससे बचना चाहते हैं और इसके लिए ही ऐसी व्यवस्थाएं करने की तैयारी की गई है, जिससे यात्रियों व आम जनता की परेशानी को कुछ कम किया जा सके। इसके लिए किसान नेताओं ने कुछ रेलवे स्टेशनों पर चाय व कई जगहों पर खाने का लंगर लगाने के लिए कहा है। जिससे उन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को रेल रुकने पर चाय व खाने के लिए परेशानी नहीं होना पड़े। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर ट्रेन में कोई ऐसा यात्री है, जिसको किसी जगह पर जल्दी पहुंचना है और रेल रोकने से चार घंटे में उसका काम नहीं हो पाएगा। ऐसे यात्रियों को निजी वाहन में भेजने में मदद की जाएगी। रेल में कोई बीमार होगा तो उसके लिए भी मदद की जाएगी। इस तरह से किसानों ने पूरी व्यवस्था करने की बात कही है।
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रेल रोकने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना चुनौती
ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल होने से पहले ही किसान आंदोलन को बड़ा झटका लग चुका है और अब किसान कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते है। इसलिए ही पहले चक्का जाम तो अब रेल रोकने के दौरान सबसे ज्यादा शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। किसान नेताओं के सामने शांति व्यवस्था बनाए रखना ही बड़ी चुनौती है तो युवाओं में धैर्य कायम रखने के लिए कहा जा रहा है। किसान नेताओं ने कहा है कि अगर आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से रहेगा तो आंदोलन मजबूत होगा और इसमें किसी तरह की हिंसा होने पर यह कमजोर हो जाएगा।
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जिन रेलवे स्टेशनों पर रेल रोकी जाएगी, वहां यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ही किसानों से कहा गया है कि स्टेशनों पर चाय व खाने की व्यवस्था की जाए और इसके लिए लंगर की जरूरत पड़ती है तो वहां लंगर लगाया जाए। इसके साथ ही किसानों को एकजुटता बनाकर स्टेशन निर्धारित करके रेल रोकने के लिए कहा गया है, जिससे सरकार को बताया जा सके कि किसान एकजुट है। वहीं शांति व्यवस्था किसानों को खुद ही बनानी होगी और उसके लिए सभी से अपील की गई है। जगजीत सिंह दल्लेवाल, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा
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सोनीपत। कृषि कानून रद्द कराने के लिए चल रहे किसानों के आंदोलन के तहत वीरवार को देशभर में रेल रोकी जाएगी और किसान इसकी तैयारी में जुटे हुए हैं। वहीं किसानों के चक्का जाम के दौरान आम जनता को परेशानी होने के कारण आंदोलन पर सवाल उठाए गए तो इस बार उससे बचने के लिए भी किसानों ने पूरी तैयारी की हुई है। रेल रोकने के दौरान किसी जगह पर चाय तो कहीं खाने का लंगर लगाया जाएगा और किसी को जरूरी काम होने पर जल्दी जाना होगा तो उसको अन्य वाहनों से भेजने में मदद की जाएगी। किसान नेताओं के लिए रेल रोकने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी होगी और इसके लिए शांतिपूर्ण तरीके से रेल रोकने की अपील की गई है।
सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों ने वीरवार को देशभर में दोपहर 12 से 4 बजे तक रेल रोकने का एलान किया हुआ है। जिसकी किसान तैयारी करने में लगे है और इसके लिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को निर्धारित रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। जिस तरह से चक्का जाम के दौरान आम लोगों को परेशानी होने पर किसान आंदोलन को लेकर सवाल उठाए गए थे। इस बार किसान नेता इससे बचना चाहते हैं और इसके लिए ही ऐसी व्यवस्थाएं करने की तैयारी की गई है, जिससे यात्रियों व आम जनता की परेशानी को कुछ कम किया जा सके। इसके लिए किसान नेताओं ने कुछ रेलवे स्टेशनों पर चाय व कई जगहों पर खाने का लंगर लगाने के लिए कहा है। जिससे उन रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को रेल रुकने पर चाय व खाने के लिए परेशानी नहीं होना पड़े। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर ट्रेन में कोई ऐसा यात्री है, जिसको किसी जगह पर जल्दी पहुंचना है और रेल रोकने से चार घंटे में उसका काम नहीं हो पाएगा। ऐसे यात्रियों को निजी वाहन में भेजने में मदद की जाएगी। रेल में कोई बीमार होगा तो उसके लिए भी मदद की जाएगी। इस तरह से किसानों ने पूरी व्यवस्था करने की बात कही है।
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रेल रोकने के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना चुनौती
ट्रैक्टर परेड के दौरान दिल्ली में बवाल होने से पहले ही किसान आंदोलन को बड़ा झटका लग चुका है और अब किसान कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहते है। इसलिए ही पहले चक्का जाम तो अब रेल रोकने के दौरान सबसे ज्यादा शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की जा रही है। किसान नेताओं के सामने शांति व्यवस्था बनाए रखना ही बड़ी चुनौती है तो युवाओं में धैर्य कायम रखने के लिए कहा जा रहा है। किसान नेताओं ने कहा है कि अगर आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से रहेगा तो आंदोलन मजबूत होगा और इसमें किसी तरह की हिंसा होने पर यह कमजोर हो जाएगा।
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जिन रेलवे स्टेशनों पर रेल रोकी जाएगी, वहां यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ही किसानों से कहा गया है कि स्टेशनों पर चाय व खाने की व्यवस्था की जाए और इसके लिए लंगर की जरूरत पड़ती है तो वहां लंगर लगाया जाए। इसके साथ ही किसानों को एकजुटता बनाकर स्टेशन निर्धारित करके रेल रोकने के लिए कहा गया है, जिससे सरकार को बताया जा सके कि किसान एकजुट है। वहीं शांति व्यवस्था किसानों को खुद ही बनानी होगी और उसके लिए सभी से अपील की गई है। जगजीत सिंह दल्लेवाल, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा