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Sonipat News: बिल का रिफंड न करने पर न्यायालय के आदेश पर बिजली निगम कार्यालय सील
Thu, 22 Aug 2024 10:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 Aug 2024 10:53 PM IST
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खरखौदा। स्थानीय न्यायालय के न्यायाधीश विक्रांत ने सैदपुर बिजली निगम और कामद गिरि एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बीच चल रहे रिफंड विवाद में सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। आदेश के तहत सैदपुर बिजली निगम कार्यालय को सील कर दिया गया है और कार्यालय के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। न्यायालय ने बिजली निगम की संपत्ति के रूप में कार्यालय के भवन को अटैच कर दिया है।
कामद गिरि एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को बिजली निगम ने 35,47,499 रुपये का बिल दिया था। बिजली बिल का भुगतान कर दिया गया था। साथ ही इसके खिलाफ कंपनी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले तत्कालीन न्यायाधीश डाॅ. कविता कंबोज ने भी बिजली निगम के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था, इसके बाद बिजली निगम ने केवल पांच लाख रुपये की राशि चुकाई थी। बाकी भुगतान न होने पर कंपनी ने फिर से अदालत में अपील की थी। न्यायाधीश विक्रांत के आदेशानुसार जब तक कंपनी को बकाया राशि नहीं मिलती तब तक सैदपुर बिजली निगम का कार्यालय सील रहेगा। इस आदेश के अनुपालन में कोर्ट के नुमाइंदे की उपस्थिति में वीरवार को बिजली निगम कार्यालय को सील कर दिया गया।
कंपनी के वकील अधिवक्ता राकेश दहिया ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट में बिजली निगम की दो बार अपील खारिज हो चुकी है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, वहां से भी किसी प्रकार का कोई स्थगन आदेश नहीं मिला है। वहीं, बिजली निगम के उपमंडल अभियंता आशीष ने बताया कि इस मामले में बिजली निगम सुप्रीम कोर्ट में गया हुआ है, स्थानीय अदालत ने जो आदेश दिए हैं उसकी जानकारी भी मुख्यालय भेज दी गई है।
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कामद गिरि एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को बिजली निगम ने 35,47,499 रुपये का बिल दिया था। बिजली बिल का भुगतान कर दिया गया था। साथ ही इसके खिलाफ कंपनी ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। इससे पहले तत्कालीन न्यायाधीश डाॅ. कविता कंबोज ने भी बिजली निगम के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया था, इसके बाद बिजली निगम ने केवल पांच लाख रुपये की राशि चुकाई थी। बाकी भुगतान न होने पर कंपनी ने फिर से अदालत में अपील की थी। न्यायाधीश विक्रांत के आदेशानुसार जब तक कंपनी को बकाया राशि नहीं मिलती तब तक सैदपुर बिजली निगम का कार्यालय सील रहेगा। इस आदेश के अनुपालन में कोर्ट के नुमाइंदे की उपस्थिति में वीरवार को बिजली निगम कार्यालय को सील कर दिया गया।
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कंपनी के वकील अधिवक्ता राकेश दहिया ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट में बिजली निगम की दो बार अपील खारिज हो चुकी है। अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, वहां से भी किसी प्रकार का कोई स्थगन आदेश नहीं मिला है। वहीं, बिजली निगम के उपमंडल अभियंता आशीष ने बताया कि इस मामले में बिजली निगम सुप्रीम कोर्ट में गया हुआ है, स्थानीय अदालत ने जो आदेश दिए हैं उसकी जानकारी भी मुख्यालय भेज दी गई है।
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