{"_id":"6092e7f18ebc3e8d5708ee3c","slug":"dmo-s-crying-video-viral-accusation-bjp-leader-suspended-from-indecency-suspended-sonipat-news-rtk6073356154","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएमओ का रोते हुए वीडियो वायरल, आरोप - भाजपा नेता को अभद्रता से रोका तो सस्पेंड कराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएमओ का रोते हुए वीडियो वायरल, आरोप - भाजपा नेता को अभद्रता से रोका तो सस्पेंड कराया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खानपुर कलां के बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज के डीएमओ डॉ. कपिल देव ने सस्पेंड होने के अगले दिन ही अपना एक वीडियो जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल भी किया जा रहा है। इसमें डीएमओ (डिस्टिक मेडिकल ऑफिसर) ने एक भाजपा नेता पर आरोप लगाया है कि वह उनकी जांच कर रहे थे और भाजपा नेता अभद्रता करने लगे तो उनको रोकने पर सस्पेंड करा दिया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन पर भी एकतरफा कार्रवाई करते हुए सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। डीएमओ का रोते हुए का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह खुद को डिप्रेशन में होने की बात भी कह रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के निदेशक ने स्पेशल कोविड अस्पताल में नियुक्त डीएमओ डॉ. कपिल देव को मंगलवार को सस्पेंड किया था। डॉ. कपिल पर आरोप था कि उन्होंने वार्ड में मरीज के साथ दुर्व्यवहार किया है। इसके आरोप में निदेशक डॉ. एपीएस बत्रा ने उन्हें सस्पेंड करते हुए उनको मेडिकल उपाधीक्षक के कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद बुधवार को सस्पेंड होने वाले डीएमओ की सोशल मीडिया पर रोते हुए वीडियो वायरल हुआ। उन्होंने अपना स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनकी कोई गलती नहीं, बल्कि भाजपा नेता पर जांच के दौरान अभद्रता करने के साथ ही सस्पेंड कराने और प्रशासनिक अधिकारियों पर सुनवाई न करने के आरोप लगाए।
वीडियो में यह बोले डीएमओ
वायरल वीडियो में डीएमओ डॉ. कपिल देव ने रोते हुए कहा कि उनकी कोविड अस्पताल में ड्यूटी थी, लेकिन मेडिकल प्रशासन ने उन्हें सस्पेंड कर दिया, जबकि उनकी एक प्रतिशत भी गलती नहीं थी। यह सब एक वीआईपी के कारण हुआ है। मंगलवार को वह वार्ड में सामान्य तरीके से अपना काम कर रहा था। इसी बीच यहां दाखिल गोहाना के एक भाजपा नेता का ऑक्सीजन लेवल जांच रहा था। इस पर उन्होंने उससे अभद्रता करते हुए बात की। इसके साथ ही नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। डीएमओ ने आगे कहा है कि वह अपनी शिकायत लेकर विभागाध्यक्ष के पास गया। उन्होंने सीनियर से मार्क करवाकर लाने की बात कही। जब तक वह सीनियर से शिकायत मार्क कराकर लाता, तब तक उनके हाथ में सस्पेंड का नोटिस पकड़ा दिया। इसको लेकर बार-बार दोस्तों और घर वालों के फोन आ रहे हैं। मैं अपने आपको डिप्रेशन में महसूस कर रहा हूं। उन्होंने रोते हुए कहा कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। मैं हमेशा ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता हूं। ऐसे में लोगों से अपील है कि वह मेरी सहायता करें।
विज्ञापन
वर्जन
सस्पेंड होने के बाद डीएमओ की वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली है। डीएमओ का पक्ष सुनने के लिए उन्हें वीरवार को कार्यालय में बुलाया है। उनकी शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. धीरज, प्रवक्ता, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के निदेशक ने स्पेशल कोविड अस्पताल में नियुक्त डीएमओ डॉ. कपिल देव को मंगलवार को सस्पेंड किया था। डॉ. कपिल पर आरोप था कि उन्होंने वार्ड में मरीज के साथ दुर्व्यवहार किया है। इसके आरोप में निदेशक डॉ. एपीएस बत्रा ने उन्हें सस्पेंड करते हुए उनको मेडिकल उपाधीक्षक के कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद बुधवार को सस्पेंड होने वाले डीएमओ की सोशल मीडिया पर रोते हुए वीडियो वायरल हुआ। उन्होंने अपना स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उनकी कोई गलती नहीं, बल्कि भाजपा नेता पर जांच के दौरान अभद्रता करने के साथ ही सस्पेंड कराने और प्रशासनिक अधिकारियों पर सुनवाई न करने के आरोप लगाए।
विज्ञापन
वीडियो में यह बोले डीएमओ
वायरल वीडियो में डीएमओ डॉ. कपिल देव ने रोते हुए कहा कि उनकी कोविड अस्पताल में ड्यूटी थी, लेकिन मेडिकल प्रशासन ने उन्हें सस्पेंड कर दिया, जबकि उनकी एक प्रतिशत भी गलती नहीं थी। यह सब एक वीआईपी के कारण हुआ है। मंगलवार को वह वार्ड में सामान्य तरीके से अपना काम कर रहा था। इसी बीच यहां दाखिल गोहाना के एक भाजपा नेता का ऑक्सीजन लेवल जांच रहा था। इस पर उन्होंने उससे अभद्रता करते हुए बात की। इसके साथ ही नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। डीएमओ ने आगे कहा है कि वह अपनी शिकायत लेकर विभागाध्यक्ष के पास गया। उन्होंने सीनियर से मार्क करवाकर लाने की बात कही। जब तक वह सीनियर से शिकायत मार्क कराकर लाता, तब तक उनके हाथ में सस्पेंड का नोटिस पकड़ा दिया। इसको लेकर बार-बार दोस्तों और घर वालों के फोन आ रहे हैं। मैं अपने आपको डिप्रेशन में महसूस कर रहा हूं। उन्होंने रोते हुए कहा कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है। मैं हमेशा ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करता हूं। ऐसे में लोगों से अपील है कि वह मेरी सहायता करें।
विज्ञापन
वर्जन
सस्पेंड होने के बाद डीएमओ की वीडियो वायरल होने की जानकारी मिली है। डीएमओ का पक्ष सुनने के लिए उन्हें वीरवार को कार्यालय में बुलाया है। उनकी शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. धीरज, प्रवक्ता, बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज।