{"_id":"312715561c20bf197215aca653322f7c","slug":"three-year-sentence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाइनमैन सोनू को 3 साल की कैद ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लाइनमैन सोनू को 3 साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 24 Dec 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्यूबवेल पर बिजली चोरी का केस बनाने की धमकी देकर रिश्वत लेने के मामले में बिजली विभाग के लाइनमैन को जिला अदालत ने दोषी ठहराया है। दोषी लाइनमैन को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 3 वर्ष कैद की सजा सुनाई है। लाइनमैन पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
राज्य चौकसी ब्यूरो रोहतक के प्रवक्ता ने बताया कि 19 जून 2014 को अजीत निवासी गांव बुटाना जिला सोनीपत ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि बिजली विभाग के लाइनमैन सोनू ने उससे 3 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। आरोप लगाया कि सोनू ने ट्यूबवेल पर बिजली चोरी का केस बनाने की धमकी देते रुपये मांगे हैं। शिकायत पर विजिलेंस टीम ने रेड की और 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सोनू को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी सोनू के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में न्यायाधीश जगदीप सिंह द्वारा आरोपी सोनू लाइनमैन के दोषी पाए जाने पर धारा 7, 13 भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम में 3 वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
राज्य चौकसी ब्यूरो रोहतक के प्रवक्ता ने बताया कि 19 जून 2014 को अजीत निवासी गांव बुटाना जिला सोनीपत ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में उसने बताया था कि बिजली विभाग के लाइनमैन सोनू ने उससे 3 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की है। आरोप लगाया कि सोनू ने ट्यूबवेल पर बिजली चोरी का केस बनाने की धमकी देते रुपये मांगे हैं। शिकायत पर विजिलेंस टीम ने रेड की और 3 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए सोनू को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी सोनू के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में न्यायाधीश जगदीप सिंह द्वारा आरोपी सोनू लाइनमैन के दोषी पाए जाने पर धारा 7, 13 भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम में 3 वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन