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रिश्वत के रुपये लेकर भागा पटवारी का सहायक गिरफ्तार

Tue, 29 Dec 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत Updated Tue, 29 Dec 2015 12:19 AM IST
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मुरथल पटवार भवन में 11 दिन पहले विजिलेंस के छापे के दौरान रिश्वत के 2 हजार रुपये लेकर भागे पटवारी के सहायक ने सोमवार को सरेंडर कर दिया। सहायक के कब्जे से रिश्वत के वह 2 हजार रुपये भी बरामद कर लिए गए हैं। विजिलेंस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस मामले में आरोपी सहायक को उसके मामा ने विजिलेंस के समक्ष पेश कराया था।
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दरअसल, 17 दिसंबर को मुरथल पटवार भवन से पटवारी पवन के नाम पर आए रिश्वत के 2 हजार रुपये लेकर सहायक आनंद उसी दिन से फरार था। 25 दिसंबर को आनंद पूठी, गोहाना निवासी अपने मामा राजपाल के पास गया था। आनंद ने उसी दिन रिश्वत के वह 2 हजार रुपये अपने मामा के हवाले कर दिए थे। राजपाल ने इसके बाद आनंद को समझाकर सोमवार को विजिलेंस के समक्ष उसे पेश कर दिया, साथ ही रिश्वत के 2 हजार रुपये भी दे दिए। विजिलेंस इंस्पेक्टर राजीव सोनी के समक्ष आनंद को पेश किया गया था। इसके बाद विजिलेंस टीम ने आनंद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। बता दें कि छापे के समय शिकायतकर्ता रमेश को आरोपी पटवारी पवन ने बातों में उलझा लिया था, इसी के चलते वह विजिलेंस टीम को इशारा करने में लेट हो गया। इसी दौरान पटवारी ने सहायक को पैसे देकर मौके से भगा दिया था।
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रुमाल में रखकर लाए थे रिश्वत के पैसे
विजिलेंस प्रभारी राजीव सोनी ने बताया कि राजपाल ने आनंद को पेश किया था। इसी के साथ रुमाल में लपेटकर रखे रिश्वत के लिए दिए गए 2 हजार रुपये भी दिए। नोट पर वह पाउडर तो नहीं लगा था, जो हम लगा देते हैं, लेकिन नोट वही थी, जो हमने दिए थे। नोट के नंबर और उन पर हस्ताक्षर मेल खा गए थे।
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यह है मामला
गांव कुमासपुर निवासी रमेश ने विजिलेंस को दी शिकायत में बताया था कि कुमासपुर का हलका पटवारी पवन और उसके सहायक आनंद पर म्यूटेशन ऑफ लैंड की कॉपी देने की एवज में 2 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इस मामले में 17 दिसंबर को राजीव सोनी के नेतृत्व में आईटीआई के प्रिंसिपल राजबीर सिंह, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और आईटीआई में इंस्ट्रक्टर संदीप कुमार, शेडो विटनेस के साथ मुरथल पटवार भवन में रेड की गई थी। रमेश ने पैसे देने के बाद जब विजिलेंस टीम को इशारा किया तो टीम ने अंदर पहुंचकर पटवारी पवन को काबू कर लिया, वहीं सहायक आनंद मौके से 2 हजार रुपये लेकर फरार हो गया था।
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