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मोबाइल कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर 1.
Updated Fri, 23 Nov 2018 01:51 AM IST
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1.82 करोड़ की ठगी में एक और गिरफ्तार, 16.90 लाख बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। शहर के एक व्यापारी को मोबाइल कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने व मोबाइल आयात करने के नाम पर 1.82 करोड़ की ठगी किए जाने के मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी को काबू किया है। गिरफ्तार आरोपी दिल्ली के रोहिणी स्थित सेक्टर-7 का रहने वाला विशाल देवगन है। पुलिस ने उसे दिल्ली से काबू किया है। उसकी निशानदेही पर 16.90 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। मामले में पुलिस पीतमपुरा दिल्ली निवासी दीपक गुप्ता को पहले ही प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। दोनों आरोपियों को तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
विदित रहे कि काठ मंडी निवासी जय इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी के मालिक जितेंद्र कुमार ने कोर्ट में इस्तगासा दायर कर कहा था कि उनके पड़ोस में रहने वाले मैसर्स अगन्या ट्रैडर्स के मालिक रूपेश मंगला के माध्यम से दिल्ली निवासी दीपक गुप्ता के संपर्क में आया था। दीपक ने बताया था कि उनकी कंपनी मोबाइल फोन, बैटरी व अन्य सामान का विदेशों से आयात करती है। साथ ही जोश ब्रांड के मोबाइल का हरिद्वार में निर्माण भी करती है। मार्च, 2016 में वह उनके कार्यालय में आया था। उसने दिल्ली में दीपक की पत्नी पल्लवी गुप्ता, बहन सुनीता, सोनल गुप्ता व विशाल देवगन और विनीत से मिलवाया था। सुनीता ने स्वयं को कंपनी हरि ओवरसीज की चेयरपर्सन व सोनम को सीईओ बताया गया था। मुनाफा कमाने के लिए उसने आरोपियों को 1.82 करोड़ की राशि अलग-अलग माध्यम से दी थी। बाद में उसे मैसर्स रिगिंग बेल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के जानकारों से भी जान पहचान कराई थी। बताया गया कि कंपनी ने 4जी मोबाइल की कीमत 2,999 रखी है। कंपनी प्रतिनिधियों से संपर्क करने के बाद उससे अशोक चड्ढा, सुमित, मोहित गोयल, अनमोल गोयल आदि से मिलवाया तो उन्होंने कहा था यह डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसमें 251 रुपये में मोबाइल फोन मुहैया कराया जाना है। इसके लिए सरकार से भी उन्हें अनुमति मिल चुकी है। वह आरोपियों के झांसे में आ गया था। उसने उन्हें नकदी दे दी। बाद में उनके चेक बाउंस हो गए और वह धमकी देने लगे। दिसंबर, 2017 में उसके पड़ोसी रूपेश मंगला ने भी आरोपियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। बाद में उसने भी कोर्ट के माध्यम से मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने 4 मई को दीपक गुप्ता व अन्य पर मामला दर्ज किया था।
कोलकाता-हावड़ा जाएगी पुलिस टीम
आर्थिक अपराध शाखा के एसआई सुभाष आरोपी दीपक गुप्ता को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए थे। दीपक दिल्ली में पीएनबी के साथ 100 करोड़ के घोटाले का भी आरोपी है। पुलिस ने विशाल देवगन को भी काबू कर लिया है। पुलिस ने विशाल देवगन की निशानदेही पर दिल्ली स्थित कार्यालय से 16.90 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस ने विशाल व उसके साथ ही पहले काबू दीपक को फिर से अदालत में पेशकर तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। बताया गया है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उसने करीब एक करोड़ की नकदी अलग-अलग स्थानों पर कोलकाता शहर व हावड़ा में छिपाकर रखी है। पुलिस टीम जल्द उस नकदी को भी बरामद करने जाएगी।
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वर्जन
व्यापारी को मोबाइल कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर ठगी के मामले में एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया है। आरोपी से 16.90 लाख रुपये बरामद किए हैं। मामले में दो आरोपियों को तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में 12 आरोपी नामजद है। अन्य को भी जल्द काबू किया जाएगा।
एसआई सुभाष, आर्थिक अपराध शाखा सोनीपत।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। शहर के एक व्यापारी को मोबाइल कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने व मोबाइल आयात करने के नाम पर 1.82 करोड़ की ठगी किए जाने के मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी को काबू किया है। गिरफ्तार आरोपी दिल्ली के रोहिणी स्थित सेक्टर-7 का रहने वाला विशाल देवगन है। पुलिस ने उसे दिल्ली से काबू किया है। उसकी निशानदेही पर 16.90 लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। मामले में पुलिस पीतमपुरा दिल्ली निवासी दीपक गुप्ता को पहले ही प्रोडक्शन वारंट पर लाई थी। दोनों आरोपियों को तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
विदित रहे कि काठ मंडी निवासी जय इंटरनेशनल ट्रेडिंग कंपनी के मालिक जितेंद्र कुमार ने कोर्ट में इस्तगासा दायर कर कहा था कि उनके पड़ोस में रहने वाले मैसर्स अगन्या ट्रैडर्स के मालिक रूपेश मंगला के माध्यम से दिल्ली निवासी दीपक गुप्ता के संपर्क में आया था। दीपक ने बताया था कि उनकी कंपनी मोबाइल फोन, बैटरी व अन्य सामान का विदेशों से आयात करती है। साथ ही जोश ब्रांड के मोबाइल का हरिद्वार में निर्माण भी करती है। मार्च, 2016 में वह उनके कार्यालय में आया था। उसने दिल्ली में दीपक की पत्नी पल्लवी गुप्ता, बहन सुनीता, सोनल गुप्ता व विशाल देवगन और विनीत से मिलवाया था। सुनीता ने स्वयं को कंपनी हरि ओवरसीज की चेयरपर्सन व सोनम को सीईओ बताया गया था। मुनाफा कमाने के लिए उसने आरोपियों को 1.82 करोड़ की राशि अलग-अलग माध्यम से दी थी। बाद में उसे मैसर्स रिगिंग बेल्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के जानकारों से भी जान पहचान कराई थी। बताया गया कि कंपनी ने 4जी मोबाइल की कीमत 2,999 रखी है। कंपनी प्रतिनिधियों से संपर्क करने के बाद उससे अशोक चड्ढा, सुमित, मोहित गोयल, अनमोल गोयल आदि से मिलवाया तो उन्होंने कहा था यह डिजिटल इंडिया प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसमें 251 रुपये में मोबाइल फोन मुहैया कराया जाना है। इसके लिए सरकार से भी उन्हें अनुमति मिल चुकी है। वह आरोपियों के झांसे में आ गया था। उसने उन्हें नकदी दे दी। बाद में उनके चेक बाउंस हो गए और वह धमकी देने लगे। दिसंबर, 2017 में उसके पड़ोसी रूपेश मंगला ने भी आरोपियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। बाद में उसने भी कोर्ट के माध्यम से मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने 4 मई को दीपक गुप्ता व अन्य पर मामला दर्ज किया था।
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आर्थिक अपराध शाखा के एसआई सुभाष आरोपी दीपक गुप्ता को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए थे। दीपक दिल्ली में पीएनबी के साथ 100 करोड़ के घोटाले का भी आरोपी है। पुलिस ने विशाल देवगन को भी काबू कर लिया है। पुलिस ने विशाल देवगन की निशानदेही पर दिल्ली स्थित कार्यालय से 16.90 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस ने विशाल व उसके साथ ही पहले काबू दीपक को फिर से अदालत में पेशकर तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। बताया गया है कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उसने करीब एक करोड़ की नकदी अलग-अलग स्थानों पर कोलकाता शहर व हावड़ा में छिपाकर रखी है। पुलिस टीम जल्द उस नकदी को भी बरामद करने जाएगी।
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व्यापारी को मोबाइल कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाने के नाम पर ठगी के मामले में एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया है। आरोपी से 16.90 लाख रुपये बरामद किए हैं। मामले में दो आरोपियों को तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में 12 आरोपी नामजद है। अन्य को भी जल्द काबू किया जाएगा।
एसआई सुभाष, आर्थिक अपराध शाखा सोनीपत।