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सबूत मिले फिर भी भाजपा समर्थित चेयरपर्सन के पति को नहीं गिरफ्तार कर रही पुलिस, अब एसआईटी करेगी जांच
Updated Tue, 13 Mar 2018 01:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। सेक्टर-15 में शिक्षिका पत्नी और दो बेटों की बेरहमी से हत्या कर आत्महत्या करने वाले ईंट सप्लायर के मामले में पुलिस अभी तक जांच पर अटकी है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस भाजपा पदाधिकारियों के दबाव के चलते आरोपी ब्लॉक समिति के चेयरपर्सन के पति को गिरफ्तार नहीं कर रही है। सोमवार को सतीश के परिजनों और ग्रामीणों ने एसएसपी सतेंद्र गुप्ता और एएसपी डीके भारद्वाज से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं परिजनों की मांग पर एएसपी ने एसआईटी गठित करके जांच कराने का फैसला लिया है।
मूलरूप से गांव भदाना निवासी ईंट सप्लायर सतीश दहिया (40), पत्नी ज्योति (36), बेटे लक्ष्य (14) और आर्यन (11) के साथ सेक्टर-15 में किराए पर रहता था। सतीश ने 23 फरवरी की रात को पत्नी और दोनों बच्चों की गला काटकर हत्या करने के बाद फंदे पर लटक जान दे दी थी। वहीं पुलिस को सुसाइड नोट मिला था, जिसमें सतीश ने ब्लॉक समिति चेयरपर्सन के पति के साथ ही ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। सुसाइड नोट में लिखा था कि वह वर्ष 2014 में वर्धमान गार्डन स्थित फ्लैट में किराए पर रहता था। उसके घर से जाने के बाद ब्लॉक समिति चेयरपर्सन के पति प्रदीप महला आता था। उसके उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे। सितंबर, 2017 में उसने अपनी पत्नी को प्रदीप महला नाम के व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा था। उसके विरोध करने पर प्रदीप ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। उसने घर भी बदल लिया था, लेकिन आरोपी व उसके पत्नी के बीच संबंध बने रहे। आरोपी उसे धमकी देता था। जिससे तंग आकर वह यह कदम उठा रहा है। उसने वर्धमान गार्डन की सीसीटीवी फुटेज व रजिस्टर का जिक्र कर उनमें सबूत की बात कही थी। पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
सारे सबूत चेयरपर्सन पति के खिलाफ
सतीश के चाचा रामकरण ठेकेदार ने बताया कि चेयरपर्सन पति के भाजपा में अच्छे संबंध हैं। पुलिस बंद कमरे से सुसाइड नोट बरामद कर चुकी है। इतना ही नहीं वर्धमान गार्डन का रजिस्टर और फुटेज भी सबूत के रूप में मिले है। साथ ही तीन मोबाइल भी बरामद हुए। सुसाइड नोट की लिखाई की जांच के नाम पर मामले को लटका दिया गया है। सारे सबूत चेयरपर्सन के पति के खिलाफ हैं। इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है।
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नहीं खुला मोबाइल तो कॉल डिटेल से करें कार्रवाई
परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर ज्योति का मोबाइल नहीं खुल सका है तो पुलिस उसकी कॉल डिटेल तो तुरंत निकाल सकती है। उसकी डिटेल से भी आरोपी व ज्योति के संबंधों के बारे में पता लगाया जा सकता है। ऐसे में मोबाइल को खुलवाने के नाम पर गिरफ्तारी को रोकना सही नहीं हैं।
स्कूल में रखी अलमारी में भी हो सकते हैं सबूत
परिजनों ने बताया कि ज्योति की स्कूल में रखी अलमारी में भी काफी सबूत मिल सकते हैं। अलमारी बंद है और उसकी चाबी उनके पास है। पुलिस उनके साथ अलमारी खोलकर देख सकते हैं। उसमें भी प्रदीप महला से जुड़े सबूत होने की संभावना है।
वर्जन
पुलिस मामले में सबूत जुटा रही है। किसी तरह का कोई राजनीतिक व अन्य दबाव हम पर नहीं हैं। परिजनों ने एसआईटी की मांग की है। जल्द ही एसआईटी का गठन कराया जाएगा। दोषी कोई भी उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस मामले से जुड़ा छोटे से छोटा सबूत जुटा रही है।
- डीके भारद्वाज, एएसपी सोनीपत।
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सोनीपत। सेक्टर-15 में शिक्षिका पत्नी और दो बेटों की बेरहमी से हत्या कर आत्महत्या करने वाले ईंट सप्लायर के मामले में पुलिस अभी तक जांच पर अटकी है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस भाजपा पदाधिकारियों के दबाव के चलते आरोपी ब्लॉक समिति के चेयरपर्सन के पति को गिरफ्तार नहीं कर रही है। सोमवार को सतीश के परिजनों और ग्रामीणों ने एसएसपी सतेंद्र गुप्ता और एएसपी डीके भारद्वाज से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं परिजनों की मांग पर एएसपी ने एसआईटी गठित करके जांच कराने का फैसला लिया है।
मूलरूप से गांव भदाना निवासी ईंट सप्लायर सतीश दहिया (40), पत्नी ज्योति (36), बेटे लक्ष्य (14) और आर्यन (11) के साथ सेक्टर-15 में किराए पर रहता था। सतीश ने 23 फरवरी की रात को पत्नी और दोनों बच्चों की गला काटकर हत्या करने के बाद फंदे पर लटक जान दे दी थी। वहीं पुलिस को सुसाइड नोट मिला था, जिसमें सतीश ने ब्लॉक समिति चेयरपर्सन के पति के साथ ही ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे। सुसाइड नोट में लिखा था कि वह वर्ष 2014 में वर्धमान गार्डन स्थित फ्लैट में किराए पर रहता था। उसके घर से जाने के बाद ब्लॉक समिति चेयरपर्सन के पति प्रदीप महला आता था। उसके उसकी पत्नी से अवैध संबंध थे। सितंबर, 2017 में उसने अपनी पत्नी को प्रदीप महला नाम के व्यक्ति के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा था। उसके विरोध करने पर प्रदीप ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। उसने घर भी बदल लिया था, लेकिन आरोपी व उसके पत्नी के बीच संबंध बने रहे। आरोपी उसे धमकी देता था। जिससे तंग आकर वह यह कदम उठा रहा है। उसने वर्धमान गार्डन की सीसीटीवी फुटेज व रजिस्टर का जिक्र कर उनमें सबूत की बात कही थी। पुलिस ने मामला दर्ज किया था। हालांकि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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सारे सबूत चेयरपर्सन पति के खिलाफ
सतीश के चाचा रामकरण ठेकेदार ने बताया कि चेयरपर्सन पति के भाजपा में अच्छे संबंध हैं। पुलिस बंद कमरे से सुसाइड नोट बरामद कर चुकी है। इतना ही नहीं वर्धमान गार्डन का रजिस्टर और फुटेज भी सबूत के रूप में मिले है। साथ ही तीन मोबाइल भी बरामद हुए। सुसाइड नोट की लिखाई की जांच के नाम पर मामले को लटका दिया गया है। सारे सबूत चेयरपर्सन के पति के खिलाफ हैं। इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है।
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नहीं खुला मोबाइल तो कॉल डिटेल से करें कार्रवाई
परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर ज्योति का मोबाइल नहीं खुल सका है तो पुलिस उसकी कॉल डिटेल तो तुरंत निकाल सकती है। उसकी डिटेल से भी आरोपी व ज्योति के संबंधों के बारे में पता लगाया जा सकता है। ऐसे में मोबाइल को खुलवाने के नाम पर गिरफ्तारी को रोकना सही नहीं हैं।
स्कूल में रखी अलमारी में भी हो सकते हैं सबूत
परिजनों ने बताया कि ज्योति की स्कूल में रखी अलमारी में भी काफी सबूत मिल सकते हैं। अलमारी बंद है और उसकी चाबी उनके पास है। पुलिस उनके साथ अलमारी खोलकर देख सकते हैं। उसमें भी प्रदीप महला से जुड़े सबूत होने की संभावना है।
वर्जन
पुलिस मामले में सबूत जुटा रही है। किसी तरह का कोई राजनीतिक व अन्य दबाव हम पर नहीं हैं। परिजनों ने एसआईटी की मांग की है। जल्द ही एसआईटी का गठन कराया जाएगा। दोषी कोई भी उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। पुलिस मामले से जुड़ा छोटे से छोटा सबूत जुटा रही है।
- डीके भारद्वाज, एएसपी सोनीपत।