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गुंडागर्दी पर उतर आया था ठेकेदार, कई लोगों के प्लॉट के बीच डाल दी थी मिट्टी
Updated Tue, 20 Mar 2018 01:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। कैलाशपुर के पास टीडीआई ग्रीन सिटी के दो हिस्सों को मिलाने के लिए सड़क बनाने का ठेका कृष्ण राठी ने ले रखा था। सडक़ निर्माण का कार्य जबरन किया जा रहा है। अस्पताल में पहुंचे कैलाशपुर के लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार अब तो गुंडागर्दी पर उतार आया था। कई लोगों के प्लॉट से जबरन सडक़ बनाने के साथ ही खेतों से मिट्टी तक उठा लेता था। रिटायर्ड फौजी व उसके परिवार ने दंबगई का विरोध किया तो बाप-बेटे को जान गंवानी पड़ी। हमले में आरोपी ठेकेदार के पुलिस के सामने सरेंडर करने की चर्चा भी रही, हालांकि पुलिस ने इससे इंकार कर दिया।
कैलाशपुर के पास टीडीआई ग्रीन बिल्डर द्वारा फ्लैट बनाए गए हैं। टीडीआई के बीच किसानों की जमीन पर प्लॉट काटने से कई लोगों ने प्लॉट खरीद लिए थे। आंवली के नरेंद्र ने भी यहां प्लॉट खरीद रखा है। जिससे टीडीआई ग्रीन दो हिस्सों में बंट गई है। इसके दोनों हिस्सों को जोडने के लिए कंपनी की तरफ से कृष्ण को सडक़ बनाने का ठेका दिया गया है। आरोप है कि ठेका मिलने के बाद से कृष्ण जबरदस्ती लोगों के प्लॉट के बीच सडक़ बना रहा है। वह कई लोगों के प्लॉट के बीच मिट्टी डाल चुका है। हालांकि उसकी दंबगई के चलते लोग उसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहे थे। रिटायर्ड फौजी होने के चलते नरेंद्र मलिक उससे नहीं घबराया। जब सोमवार को नरेंद्र मलिक व उसके बेटों ने विरोध किया तो कृष्ण ने अन्य के साथ मिलकर उन पर गोली चला दी। हमले में टीडीआई ग्रीन के पास खेतों में बने ट्यूबवेल के पास नरेंद्र को गर्दन, कमर व हाथ पर चार गोली मारी गई। वहीं उसके बेटे विक्रम को दो गोली मारी। दूसरे बेटे विकास ने भागकर जान बचाई। बताया जा रहा है कि कृष्ण राठी के पास लाइसेंसी पिस्टल थी।
खड़ी फसल से उठा लेता था मिट्टी
सामान्य अस्पताल पहुंचे कैलाशपुर के लोगों ने बताया कि ठेेकेदार की गुंडागर्दी इस कदर बढ़ गई थी कि वह लोगों की गेहूं की फसल के बीच से ही सडक़ के लिए मिट्टी उठा लेता था। कोई विरोध करता तो वह हथियार दिखाकर डरा देता था। कुछ लोगों ने बताया कि चार दिन पहले खेत से जब जबरन मिट्टी उठाई जा रही थी कि किसान वहां पहुंच गए थे। उन्होंने विरोध किया था तो इस पर भी ठेेकेदार पिस्टल लेकर आ गया था। लोगों ने वहां से भागने में ही भलाई समझी थी।
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अस्पताल में रही सरेंडर की चर्चा
सामान्य अस्पताल में पहुंचे लोगों के बीच चर्चा थी कि वारदात को अंजाम देने के बाद कृष्ण राठी ने पुलिस के पास पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। हालांकि इस बारे में पुलिस ने सिरे से नकार दिया। थाना प्रभारी ने कहा कि किसी ने सरेंडर नहीं किया है। पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।
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सोनीपत। कैलाशपुर के पास टीडीआई ग्रीन सिटी के दो हिस्सों को मिलाने के लिए सड़क बनाने का ठेका कृष्ण राठी ने ले रखा था। सडक़ निर्माण का कार्य जबरन किया जा रहा है। अस्पताल में पहुंचे कैलाशपुर के लोगों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार अब तो गुंडागर्दी पर उतार आया था। कई लोगों के प्लॉट से जबरन सडक़ बनाने के साथ ही खेतों से मिट्टी तक उठा लेता था। रिटायर्ड फौजी व उसके परिवार ने दंबगई का विरोध किया तो बाप-बेटे को जान गंवानी पड़ी। हमले में आरोपी ठेकेदार के पुलिस के सामने सरेंडर करने की चर्चा भी रही, हालांकि पुलिस ने इससे इंकार कर दिया।
कैलाशपुर के पास टीडीआई ग्रीन बिल्डर द्वारा फ्लैट बनाए गए हैं। टीडीआई के बीच किसानों की जमीन पर प्लॉट काटने से कई लोगों ने प्लॉट खरीद लिए थे। आंवली के नरेंद्र ने भी यहां प्लॉट खरीद रखा है। जिससे टीडीआई ग्रीन दो हिस्सों में बंट गई है। इसके दोनों हिस्सों को जोडने के लिए कंपनी की तरफ से कृष्ण को सडक़ बनाने का ठेका दिया गया है। आरोप है कि ठेका मिलने के बाद से कृष्ण जबरदस्ती लोगों के प्लॉट के बीच सडक़ बना रहा है। वह कई लोगों के प्लॉट के बीच मिट्टी डाल चुका है। हालांकि उसकी दंबगई के चलते लोग उसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहे थे। रिटायर्ड फौजी होने के चलते नरेंद्र मलिक उससे नहीं घबराया। जब सोमवार को नरेंद्र मलिक व उसके बेटों ने विरोध किया तो कृष्ण ने अन्य के साथ मिलकर उन पर गोली चला दी। हमले में टीडीआई ग्रीन के पास खेतों में बने ट्यूबवेल के पास नरेंद्र को गर्दन, कमर व हाथ पर चार गोली मारी गई। वहीं उसके बेटे विक्रम को दो गोली मारी। दूसरे बेटे विकास ने भागकर जान बचाई। बताया जा रहा है कि कृष्ण राठी के पास लाइसेंसी पिस्टल थी।
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खड़ी फसल से उठा लेता था मिट्टी
सामान्य अस्पताल पहुंचे कैलाशपुर के लोगों ने बताया कि ठेेकेदार की गुंडागर्दी इस कदर बढ़ गई थी कि वह लोगों की गेहूं की फसल के बीच से ही सडक़ के लिए मिट्टी उठा लेता था। कोई विरोध करता तो वह हथियार दिखाकर डरा देता था। कुछ लोगों ने बताया कि चार दिन पहले खेत से जब जबरन मिट्टी उठाई जा रही थी कि किसान वहां पहुंच गए थे। उन्होंने विरोध किया था तो इस पर भी ठेेकेदार पिस्टल लेकर आ गया था। लोगों ने वहां से भागने में ही भलाई समझी थी।
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अस्पताल में रही सरेंडर की चर्चा
सामान्य अस्पताल में पहुंचे लोगों के बीच चर्चा थी कि वारदात को अंजाम देने के बाद कृष्ण राठी ने पुलिस के पास पहुंचकर सरेंडर कर दिया है। हालांकि इस बारे में पुलिस ने सिरे से नकार दिया। थाना प्रभारी ने कहा कि किसी ने सरेंडर नहीं किया है। पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।