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चार साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी को दस साल कैद
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चार साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के दोषी को दस साल कैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को दस साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मूलरूप से यूपी के बनारस का रहने वाला एक युवक अपने परिवार के साथ सदर थाना क्षेत्र के गांव में किराए पर रहता था। युवक ने 18 मार्च, 2018 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि सदर थाना क्षेत्र की एक फैक्टरी में नौकरी करता था। उसके साथ ही यूपी के गाजीपुर के गांव करंडा का रहने वाला मंगलेश भी उसके पड़ोस में किराए पर रहता था। वह भी उसकी कंपनी में काम करता था। उसने बताया था कि 17 मार्च, 2018 की देर शाम उसकी चार साल की बेटी घर के बाहर खेलने गई थी। इसी दौरान टॉफी देने के बहाने मंगलेश बच्ची को अपने कमरे में ले गया था। आरोपी ने कमरे में ले जाने के बाद बच्ची से दुष्कर्म किया था। बच्ची नीचे से रोती हुई अपनी मां के पास पहुंची थी। उसकी हालत देखकर उसकी मां ने उसके पिता को अवगत कराया था। बच्ची ने बताया था कि मंगलेश उसे कमरे में ले गया था। जिसके बाद बच्ची का पिता उसे तुरंत सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा था। सदर थाना पुलिस ने मंगलेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया था। उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया था। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ.सुनीता ग्रोवर की अदालत ने मंगलेश को दोषी करार दिया है। उसे दस साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुनीता ग्रोवर की अदालत ने चार वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को दस साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
मूलरूप से यूपी के बनारस का रहने वाला एक युवक अपने परिवार के साथ सदर थाना क्षेत्र के गांव में किराए पर रहता था। युवक ने 18 मार्च, 2018 को सदर थाना पुलिस को बताया था कि सदर थाना क्षेत्र की एक फैक्टरी में नौकरी करता था। उसके साथ ही यूपी के गाजीपुर के गांव करंडा का रहने वाला मंगलेश भी उसके पड़ोस में किराए पर रहता था। वह भी उसकी कंपनी में काम करता था। उसने बताया था कि 17 मार्च, 2018 की देर शाम उसकी चार साल की बेटी घर के बाहर खेलने गई थी। इसी दौरान टॉफी देने के बहाने मंगलेश बच्ची को अपने कमरे में ले गया था। आरोपी ने कमरे में ले जाने के बाद बच्ची से दुष्कर्म किया था। बच्ची नीचे से रोती हुई अपनी मां के पास पहुंची थी। उसकी हालत देखकर उसकी मां ने उसके पिता को अवगत कराया था। बच्ची ने बताया था कि मंगलेश उसे कमरे में ले गया था। जिसके बाद बच्ची का पिता उसे तुरंत सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचा था। सदर थाना पुलिस ने मंगलेश के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लिया था। उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया था। मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ.सुनीता ग्रोवर की अदालत ने मंगलेश को दोषी करार दिया है। उसे दस साल कैद व 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
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