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कर्मचारी को ड्यूटी आए बिना वेतन देने की शिकायत हुई तो 30 तारीख के महीने में 31 दिन की हाजिरी लगाई

Sun, 14 Jan 2018 01:09 AM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:09 AM IST
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कर्मचारी को ड्यूटी आए बिना वेतन देने की शिकायत हुई तो 30 तारीख के महीने में 31 दिन की हाजिरी लगाई
कर्मचारी को ड्यूटी आए बिना वेतन देने की शिकायत हुई तो 30 तारीख के महीने में 31 दिन की हाजिरी लगाई
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। मुरथल बीडीपीओ कार्यालय का एक नया कारनामा सामने आया है। जहां तैनात एक कर्मचारी को ड्यूटी पर आए बिना वेतन देने की शिकायत अधिकारियों के पास की गई तो उसका अलग से रजिस्टर तैयार करके उपस्थिति दर्ज की गई। उस रजिस्टर में कर्मचारी की उस महीने में 31 तारीख की उपस्थिति दर्ज कर दी गई, जिस महीने में 30 तारीख थी। इसके अलावा जिस दिन कार्यालय की सरकारी छुट्टी थी, उस दिन भी कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज कर दी गई। इस तरह ब्लॉक समिति के भाजपा समर्थित वाइस चेयरमैन पवन शर्मा ने मामले की शिकायत सीएम विंडो पर दर्ज कराई है। वहीं एक ओर आरोप लगाया गया है कि ब्लॉक समिति की मीटिंग में प्रस्ताव पास हुए बिना ही कुराड़ गांव में समिति की ओर से खेल कराना दिखाया गया है, जिसके 50 हजार रुपये से ज्यादा के बिल भी पास करा दिए गए है। इस मामले में जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।
मुरथल ब्लॉक समिति के वाइस चेयरमैन पवन शर्मा ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें कहा गया है कि 22 अगस्त 2016 को ब्लॉक समिति की मीटिंग हुई थी, जिसमें प्रस्ताव पास हुआ था कि ब्लॉक में 2013 से कार्यरत चार कर्मचारियों को आगे भी नौकरी पर जारी रखा जाए। यह प्रस्ताव समिति की मीटिंग में पास हो गया था, लेकिन उनको बाद में पता चला कि एक कर्मचारी की लगातार तैनाती दिखाई गई है और वह ड्यूटी पर नहीं आता है। इसपर वाइस चेयरमैन ने आरटीआई के तहत उपस्थिति रजिस्टर की कॉपी व कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन की जानकारी मांगी। उनको वेतन के बारे में जानकारी नहीं दी गई, लेकिन कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर की कॉपी उपलब्ध करा दी गई। जिसमें केवल तीन कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज थी और यह जानकारी उनको इस सप्ताह ही उपलब्ध कराई गई। लेकिन उनके पास दोबारा से एक अन्य उपस्थिति रजिस्टर की कॉपी भेजी गई, जिसमें केवल एक कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई थी। लेकिन उसकी छानबीन करने पर पता चला कि सितंबर 2016 में जहां 30 दिन होते है, वहीं कर्मचारी की 31 तारीख के दिन भी उपस्थिति दर्ज की गई है। इस तरह 5 जनवरी 2017 को सरकारी छुट्टी थी और अन्य सभी कर्मचारियों की छुट्टी दिखाई गई है तो केवल एक कर्मचारी की उपस्थिति दर्ज की गई है। वाइस चेयरमैन ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक समिति की मीटिंग में पिछले साल कुराड़ गांव में खेल कराने का कोई प्रस्ताव पास नहीं हुआ, लेकिन खेल कराना दिखाकर 50 हजार रुपये से ज्यादा का बिल भी पास कराया गया है। इस मामले में वाइस चेयरमैन ने एक कॉपी डीसी को भी सौंपी है और इसमें जांच की मांग की गई है।
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जिस तरह की बात कही जा रही है, वह पूरी तरह से गलत है। जिस कर्मचारी के ड्यूटी पर नहीं आने की बात कही जा रही है, उसका काम सुबह का होता है और वह सुबह के समय कार्यालय में आता है। इसमें किसी ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है तो उसका जवाब देना मेरा काम है और मैं उस शिकायत का जवाब खुद दे दूंगा।
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-मनीष मलिक, बीडीपीओ मुरथल।
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