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वर्चस्व के लिए शुरू हुई जंग में बह रहा खून, दोनों पक्षों के पांच लोगों की गई जान

Wed, 05 Jun 2019 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2019 12:25 AM IST
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वर्चस्व के लिए शुरू हुई जंग में बह रहा खून, दोनों पक्षों के पांच लोगों की गई जान
गोहाना। गांव भैंसवाल कलां के दो परिवारों में वर्चस्व के लिए शुरू हुई जंग में लगातार खून बह रहा है। अब तक दोनों पक्षों के पांच लोगों की जान जा चुकी है। बलबीर से पहले उसके बेटे प्रवीन की हत्या की जा चुकी है। वहीं दूसरे पक्ष से तीन युवकों की हत्या का आरोप बलबीर पक्ष के युवकों पर है। तीनों की यूपी के मुजफ्फरनगर में हत्या कर उनके शवों को उनकी कार में डालकर गंगनहर में फेंक दिया गया था। तीनों की हत्या के आरोप में बलबीर का छोटा बेटा व उसका भतीजा अपने साथियों के साथ जेल में है। गांव में लगातार हो रही हत्याओं से दहशत बढ़ती जा रही है।
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गांव भैंसवाल कलां में बुजुर्ग बलबीर की सोमवार रात को हत्या कर दी गई। दोनों परिवारों में अब तक पांच जान जा चुकी हैं। दोनों परिवारों में गांव में अपना वर्चस्व स्थापित करने को लेकर अक्सर झगड़ा रहता था। दोनों पक्ष आपस में छोटी-छोटी बातों पर भिड़ जाते थे। ग्रामीणों ने दबी जुबान से बताया कि दोनों पक्षों की रंजिश के बारे में सभी को पता था। रंजिश अपने चरम पर तब पहुंची जब 20 अप्रैल, 2017 में बलबीर के बेटे प्रवीन उर्फ बिट्टू की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई। उसके बाद दोनों पक्षों की रंजिश अधिक बढ़ गई। जिसमें प्रवीन की हत्या में कई युवकों को जेल हो गई थी। बलबीर की हत्या में आरोपी कृष्ण के बेटे प्रदीप पर भी प्रवीन की हत्या का आरोप लगा था। वह जमानत पर बाहर आया था।
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कृष्ण पक्ष के तीन युवकों की दो साल बाद अप्रैल में ही कर दी गई हत्या
हमलावरों की गोली का शिकार हुए बलबीर के बेटे प्रवीण की हत्या के मामले में कृष्ण के बेटे प्रदीप पर भी आरोप लगा था। इस वर्ष अप्रैल माह में प्रदीप के साथ उनके परिवार का ही रवि व अक्षय गांव से हरिद्वार घूमने के लिए स्कार्पियो गाड़ी में सवार होकर गए थे। तीनों मुजफ्फरनगर के गांव बुआड़ा कलां के समीप 17 अप्रैल को नहर के अंदर गाड़ी में मृत मिले थे। स्कार्पियो के अंदर ड्राइविंग सीट पर किसी का शव नहीं मिला था, लेकिन सीट के पास एक ड्राइविंग लाइसेंस मिला था। गाड़ी लॉक थी। गंगनहर पटरी की ईंटों की रेलिंग तो टूटी हुई थी, लेकिन कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त नहीं था। जिससे शक गहरा गया था। बाद में तीनों की हत्या का खुलासा हुआ था। मृतकों में प्रदीप व रवि दोनों पर प्रवीन हत्याकांड में नामजद हुए थे और जमानत पर थे।
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प्रदीप, रवि और अक्षय की हत्या में बलबीर का बेटा व भतीजा हो चुके गिरफ्तार
प्रवीन हत्याकांड में गांव भैंसवाल का ही नवीन मलिक गवाह है। गवाही को लेकर प्रदीप व रवि की नवीन मलिक के साथ कई बार कहासुनी हुई थी। यूपी की मुजफ्फरनगर पुलिस ने खुलासा किया था कि नवीन को शक था कि प्रदीप व रवि उसकी हत्या कर सकते हैं। जिस पर प्रवीन के भाई व बलबीर के बेटे जितेंद्र उर्फ सीटू व परिवार के सतपाल सिंह व हरिओम ने प्रवीन की हत्या का बदला लेने के लिए नवीन मलिक से मिलकर दस लाख रुपये की सुपारी देकर प्रदीप व रवि की हत्या की साजिश रची थी। बाद में प्रदीप व रवि के साथ अक्षय की भी हत्या कर शव गंगनहर में फेंक दिए गए थे।
कृष्ण और बलबीर में ज्यादा बढ़ गई रंजिश
बलबीर के बेटे प्रवीन तथा बाद में कृष्ण के बेटे प्रदीप व दो अन्य की हत्या होने से दोनों पक्षों में रंजिश ज्यादा बढ़ गई थी। आरोप है कि कृष्ण के परिवार ने तीनों की हत्या की रंजिश में बदला लेने को अब बलबीर की हत्या की है।

प्रवीन को मारी गई थी 12 गोलियां
बलबीर के पिता पर जहां 8 फायरिंग की गई वहीं प्रवीन पर 12 फायर किए गए थे। घटना के समय वह अपने चचेरे भाई देवेंद्र के घर में था। प्रवीन की मौके पर ही मौत हो गई थी। बेटे की हत्या में भी बिमला गवाह थी। अब पति की मौत के बाद भी बिमला ने ही पुलिस को शिकायत दी हैं और इस मामले में भी वह गवाह हैं।
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