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सोसाइटी के नाम पर पैसे जमा करा करोड़ों की ठगी करने के आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाई पुलिस
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सोसाइटी के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोपी 5 दिन के रिमांड पर
अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा/सोनीपत। गैब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी यूपी के जिला जौनपुर के गांव दाहिया के रहने वाले राजकुमार तिवारी को प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। इसके बाद कानपुर व गोरखपुर समेत अन्य स्थानों के आरोपियों की भी धरपकड़ शुरू की जाएगी।
विदित रहे कि 7 मार्च, 2018 को गांव फरमाणा निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को बताया था कि करीब पांच साल पहले खरखौदा में गैब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी का कार्यालय बनाया गया था। जिसमें उसे मैनेजर के पद पर रखा गया था। सोसाइटी में हिसार निवासी वीरेंद्र सिंह पटवाल जोन मैनेजर, चीफ जनरल मैनेजर बताने वाले कानपुर निवासी गिरीश शर्मा, सहायक महाप्रबंधक अनुराग शर्मा, चेयरमैन जौनपुर यूपी निवासी राजकुमार तिवारी, चीफ प्रोप्राइटर गोरखपुर निवासी राजेश कुमार पांडे उर्फ अष्ट भुज पांडे, सहायक महाप्रबंधक सुनील तिवारी व चंदन शुक्ला, सीए खुशबू अग्रवाल व सुनील तुषार थे। उसे सोसाइटी के कार्यालय में प्रबंधक, शमशेर को कैशियर, रामबीर को एरिया मैनेजर बनाया गया था। उन्हें बताया गया था कि कंपनी की 11 राज्यों में शाखा है। यहां तक की यूपी सरकार की भी इसमें हिस्सेदारी है। भारत सरकार इसकी निगरानी रख रही है। उन्हें गैब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी में खाते खोलने को कहा गया था। कहा गया था इसमें खाता धारक को मैच्योरिटी पर अच्छी खासी रकम दी जाएगी। साथ ही अन्य लोगों को भी इसमें जोड़ सकते हैं। उन्हें इसका अलग से फायदा मिलेगा। जिस पर बहुत से लोगों ने अपने खाते खुलवा लिए थे। कंपनी ने एक साल तक लोगों को ब्याज व अन्य लाभ दिए थे। बाद में आनाकानी शुरू हो गई थी। बाद में पता लगा कि कंपनी ने अपने कार्यालय बंद कर दिए हैं। साथ ही सोसाइटी फर्जी है। उन्हें जब पता लगा तो खरखौदा पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में तत्कालीन एसपी को शिकायत दी गई थी। जिसके बाद मामला दर्ज हुआ था। आरोपियों ने अकेले खरखौदा क्षेत्र के लोगों से ही करीब एक करोड़ रुपये की ठगी कर रखी है। जांच अधिकारी नवनीत सिंह ने बताया कि आरोपी राजकुमार को हिसार जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी से मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही उसके साथियों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
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सोसाइटी के नाम पर ठगी करने के मामले में आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द अन्य आरोपियों का पता लगाकर उन्हें भी काबू किया जाएगा।
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राजीव कुंडू, थाना प्रभारी खरखौदा।
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अमर उजाला ब्यूरो
खरखौदा/सोनीपत। गैब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी करने के मामले में पुलिस ने आरोपी यूपी के जिला जौनपुर के गांव दाहिया के रहने वाले राजकुमार तिवारी को प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। इसके बाद कानपुर व गोरखपुर समेत अन्य स्थानों के आरोपियों की भी धरपकड़ शुरू की जाएगी।
विदित रहे कि 7 मार्च, 2018 को गांव फरमाणा निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को बताया था कि करीब पांच साल पहले खरखौदा में गैब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी का कार्यालय बनाया गया था। जिसमें उसे मैनेजर के पद पर रखा गया था। सोसाइटी में हिसार निवासी वीरेंद्र सिंह पटवाल जोन मैनेजर, चीफ जनरल मैनेजर बताने वाले कानपुर निवासी गिरीश शर्मा, सहायक महाप्रबंधक अनुराग शर्मा, चेयरमैन जौनपुर यूपी निवासी राजकुमार तिवारी, चीफ प्रोप्राइटर गोरखपुर निवासी राजेश कुमार पांडे उर्फ अष्ट भुज पांडे, सहायक महाप्रबंधक सुनील तिवारी व चंदन शुक्ला, सीए खुशबू अग्रवाल व सुनील तुषार थे। उसे सोसाइटी के कार्यालय में प्रबंधक, शमशेर को कैशियर, रामबीर को एरिया मैनेजर बनाया गया था। उन्हें बताया गया था कि कंपनी की 11 राज्यों में शाखा है। यहां तक की यूपी सरकार की भी इसमें हिस्सेदारी है। भारत सरकार इसकी निगरानी रख रही है। उन्हें गैब ग्राम्य विकास क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी में खाते खोलने को कहा गया था। कहा गया था इसमें खाता धारक को मैच्योरिटी पर अच्छी खासी रकम दी जाएगी। साथ ही अन्य लोगों को भी इसमें जोड़ सकते हैं। उन्हें इसका अलग से फायदा मिलेगा। जिस पर बहुत से लोगों ने अपने खाते खुलवा लिए थे। कंपनी ने एक साल तक लोगों को ब्याज व अन्य लाभ दिए थे। बाद में आनाकानी शुरू हो गई थी। बाद में पता लगा कि कंपनी ने अपने कार्यालय बंद कर दिए हैं। साथ ही सोसाइटी फर्जी है। उन्हें जब पता लगा तो खरखौदा पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में तत्कालीन एसपी को शिकायत दी गई थी। जिसके बाद मामला दर्ज हुआ था। आरोपियों ने अकेले खरखौदा क्षेत्र के लोगों से ही करीब एक करोड़ रुपये की ठगी कर रखी है। जांच अधिकारी नवनीत सिंह ने बताया कि आरोपी राजकुमार को हिसार जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। उसे अदालत में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी से मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। साथ ही उसके साथियों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
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सोसाइटी के नाम पर ठगी करने के मामले में आरोपी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द अन्य आरोपियों का पता लगाकर उन्हें भी काबू किया जाएगा।
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राजीव कुंडू, थाना प्रभारी खरखौदा।