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कक्षा छह की छात्रा से करता था दुष्कर्म, हुई 12 साल की कैद
Sonipat
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:15 AM IST
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Jail
- फोटो : demo
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थाना सदर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली छठी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 12 साल की सजा सुनाई है। दोषी युवक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामले में पीड़िता की मां भी आरोपी थी, लेकिन उसे सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
थाना सदर क्षेत्र की निवासी एक नाबालिग ने 19 मई 2015 को महिला थाने में शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि उसके पिता फौजी हैं और वह छठी कक्षा में शहर के एक स्कूल में पढ़ती थी। पीड़िता के अनुसार रोहतक के आसन निवासी संदीप का उनके घर पर आना-जाना था। आरोप था कि उसकी मां के घर से बाहर जाने के बाद संदीप उसके साथ दुष्कर्म करता था। 20 अप्रैल 2014 से ही वह दुष्कर्म करता आ रहा है।
पीड़िता के अनुसार इस बारे में जब उसने मां को बताया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद वह अपनी दादी के पास रहने लगी और उनको पूरी बात बताई। इसके बाद दादी के साथ ही वह महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और पीड़िता का मेडिकल कराया गया। जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी संदीप और पीड़िता की मां को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने संदीप को दोषी करार दिया तथा पीड़िता की मां को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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थाना सदर क्षेत्र की निवासी एक नाबालिग ने 19 मई 2015 को महिला थाने में शिकायत दी थी। इसमें उसने बताया था कि उसके पिता फौजी हैं और वह छठी कक्षा में शहर के एक स्कूल में पढ़ती थी। पीड़िता के अनुसार रोहतक के आसन निवासी संदीप का उनके घर पर आना-जाना था। आरोप था कि उसकी मां के घर से बाहर जाने के बाद संदीप उसके साथ दुष्कर्म करता था। 20 अप्रैल 2014 से ही वह दुष्कर्म करता आ रहा है।
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पीड़िता के अनुसार इस बारे में जब उसने मां को बताया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद वह अपनी दादी के पास रहने लगी और उनको पूरी बात बताई। इसके बाद दादी के साथ ही वह महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और पीड़िता का मेडिकल कराया गया। जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी संदीप और पीड़िता की मां को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनगीत कौर की अदालत ने संदीप को दोषी करार दिया तथा पीड़िता की मां को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
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