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बारिश में खुली निगम की पोल... 355 कर्मी जुटे थे नालों की सफाई में, फिर भी जलभराव

Thu, 15 Jul 2021 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 12:39 AM IST
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Corporation's poll opened in rain... 355 workers were involved in cleaning the drains, still waterlogged
जिले में बुधवार को मानसून ही पहली बारिश ने लोगों को गर्मी व उमस से राहत दिलाई। हालांकि झमाझम बारिश ने नगर निगम की पोल खोलकर रख दी। एक महीने से नालों की सफाई में 355 कर्मचारियों को लगाया गया था, लेकिन एक घंटे की तेज बारिश से निकासी के दावे फेल हो गए। शहर तालाब बन गया।
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शनि मंदिर अंडरपास में पानी से भर गया। मानसून की बारिश से शहर से लेकर गांवों तक सड़कों व गलियों में कई फुट तक पानी भर गया, जिससे लाखों लोग परेशान हुए। वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को पानी के बीच से निकलना पड़ा। सड़कों पर जाम की स्थिति बनी रही। बारिश के बाद धान की रोपाई ने जोर पकड़ लिया है।
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जिले में हुई 32 एमएम औसत बारिश
मंगलवार को सोनीपत व खरखौदा में हुई बारिश के बाद बुधवार को जिलेभर में मानसून की पहली झमाझम बारिश हुई। सुबह करीब 11 बजे खरखौदा, राई, सोनीपत व गन्नौर ब्लॉक में जमकर मेघा बरसे। शाम तक बूंदाबांदी का दौर चलता रहा, जिससे तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री व न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में हुई औसतन 32 एमएम बारिश से ही नगर निगम की निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। शनि मंदिर अंडरपास एक बाद फिर तालाब बना नजर आया। अंडरपास में करीब छह फुट तक पानी भर गया, जिससे कई वाहन चालकों को परेशानी हुई।
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शहर में यहां हुआ जलभराव
मानसून की बारिश से शहरी क्षेत्रों में लोगों की परेशानी बढ़ गई। शहर में जगह-जगह पानी भर गया। गीता भवन चौक, ककरोई चौक, बहालगढ़ रोड, कामी रोड, गोहाना रोड, वैक्सन कॉलोनी, औद्योगिक क्षेत्र, मॉड टाउन, पुरखास रोड, सेक्टर-14 व 15, अग्रसेन चौक सहित अन्य स्थानों पर पानी भर गया। शहर में नाले की सफाई के लिए एक माह से 355 कर्मी लगा रखे थे। जिनमें 107 पक्के व 248 कच्चे कर्मचारी लगाए गए थे। उसके बावजूद पहली तेज बारिश से ही हालत बेकाबू हो गए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के बाद भी कई गलियों में पानी भर गया था।
बैठक करते रहे अधिकारी, नहीं सुधरे हालात
पानी निकासी को लेकर अधिकारी नालों की सफाई के लिए बैठक करते रहे, लेकिन हालात सुधर नहीं सके। हर जगह पानी भरा दिखाई दिया। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ा। बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव से कई दुपहिया वाहन बंद हो गए। कई जगह जाम की स्थिति बन गई। ककरोई चौक पर काफी दूर तक वाहन फंसे रहे। इसके साथ ही गीता भवन, मामा-भांजा चौक के पास भी जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा।
रामनगर क्षेत्र में घरों के अंदर घुसा पानी
बारिश के बाद रामनगर की तीन नंबर गली में घरों के अंदर पानी घुस गया। बारिश शुरू होते ही गली में पानी भर गया और आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। लोगों ने आरोप लगाया कि बारिश के दौरान हर बार यही समस्या रहती है। आसपास के दर्जनों घरों में बारिश के साथ सीवरेज का पानी भर जाता है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।
खरखौदा में बिगड़े हालात, 74 एमएम हुई बारिश
खरखौदा में बुधवार को 74 एमएम बारिश से जलभराव हो गया। पहले से ही पानी निकासी की समस्या झेल रहे शहर की सड़कों पर तो पानी भरा था। बुधवार को कई सरकारी कार्यालयों में भी पानी भर गया। सबसे ज्यादा बुरे हालात बिजली निगम के सोनीपत मार्ग स्थित कार्यालय के रहे, जिसके हर कमरे में पानी भर जाने से कर्मचारियों को पानी में खड़े होकर काम करना पड़ा। इसके अलावा शहर के रोहतक, सोनीपत व दिल्ली मार्ग सहित सांपला मार्ग पर भी जलभराव हो जाने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं नगरपालिका की तरफ से पानी निकासी के लिए दिल्ली चौक बाईपास पर लगाई गई मोटर के जल जाने से निकासी की समस्या और गहरा गई।
गन्नौर में बढ़ी परेशानी
बारिश के कारण शहर में एक बार फिर जलभराव हो गया। तेज बारिश से शहर के नगरपालिका रोड, रेलवे रोड, बादशाही रोड आदि स्थानों पर जलभराव हो गया। हालांकि हाल में हुई नालों की सफाई की वजह से बारिश के रुकने के बाद सड़कों पर जमा पानी नालों में चला गया।
किसानों को राहत, जोर पकड़ेगा धान रोपाई का काम
बारिश ने किसानों को काफी राहत दी है। बारिश के बाद धान रोपाई का काम तेजी पकड़ सकेगा। अभी तक करीब 32 हजार हेक्टेयर में ही धान रोपाई हो सकी थी। जबकि औसतन हर वर्ष 85 हजार हेक्टेयर में रोपाई व बिजाई होती है। वहीं करीब नौ हजार हेक्टेयर में उगाई गई ज्वार व हरे चारे की फसलों को भी काफी फायदा होगा। जिले में कपास की भी सात हजार हेक्टेयर में बिजाई की गई है। बारिश से किसानों को सिंचाई का खर्च काफी हद तक कम हो गया है। किसान बिना सिंचाई किए ही बाजरे आदि फसलों की बिजाई कर पाएंगे।

जिले में बारिश का आंकड़ा
ब्लॉक बारिश
खरखौदा 74 एमएम
राई 56 एमएम
सोनीपत 30 एमएम
गन्नौर 25 एमएम
गोहाना 05 एमएम
खानपुर 01 एमएम
वर्जन
बारिश से किसानों को काफी फायदा पहुंचा है। धान उत्पादक किसानों के साथ ज्वार, कपास सहित अन्य फसल उत्पादक किसानों का भी सिंचाई का खर्च कम हुआ है। मानसून के अगले कई दिनों तक सक्रिय रहने की संभावना है। इसका लाभ कृषि क्षेत्र को मिलेगा। किसानों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सानों को धान के अलावा अन्य फसल उगाने को भी प्रेरित किया जा रहा है।
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत।
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