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नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण पांच साल में नहीं हुआ पूरा, हर महीने चुका रहे डेढ़ लाख किराया

Sat, 17 Apr 2021 11:44 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 11:44 PM IST
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Construction of National Law University was not completed in five years, paying one and a half lakh rent every month
सोनीपत। राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में डॉ. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के भवन पर 92 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उसके बावजूद अभी तक भवन में यूनिवर्सिटी को शिफ्ट नहीं किया जा रहा है और यूनिवर्सिटी किराये के भवन में चलाई जा रही है, जहां करीब डेढ़ लाख रुपये हर महीने किराया चुका जाता है।
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पलड़ी के निजी के भवन में कक्षाएं लगती हैं, वहीं शहर के सेक्टर में वीसी का आवास है और यूनिवर्सिटी के निर्माण में देरी होने पर दोनों के किराये से सरकार के खजाने पर भार पड़ रहा है। अफसरों की लापरवाही से ऐसा हो रहा है और जिस लॉ यूनिवर्सिटी के भवन का निर्माण 2016 में पूरा हो जाना चाहिए था, वह पांच साल देरी के बाद भी पूरा नहीं हो सका। अब जल्द ही यूनिवर्सिटी का भवन प्रशासन को सौंपने का दावा किया जा रहा है।
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2013 में बनी थी योजना, 2014 में काम हुआ था शुरू
राजीव गांधी एजुकेशन सिटी में डॉ. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की योजना 2013 में बनाई गई थी और उसके अगले ही साल काम भी शुरू करा दिया गया था। लॉ यूनिवर्सिटी को 25 एकड़ जमीन पर 92 करोड़ रुपये की लागत से बनाने की बात कही गई। इसके लिए 2013 में सबसे पहले 5 करोड़ रुपये जारी किए गए और इसका काम शुरू हो गया। इसका निर्माण 2016 तक पूरा किया जाना था, जिससे इसमें 2016-17 के लिए एडमिशन करने की योजना थी लेकिन इसकी जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गया। जिन किसानों की जमीन को एजूकेशन सिटी के लिए अधिगृहीत किया गया था, वह 3.5 एकड़ जमीन के मामले को लेकर कोर्ट में चले गए। जिसका मामला अभी तक कोर्ट में विचाराधीन है और इस कारण ही यूनिवर्सिटी को 21.5 एकड़ में बनाना पड़ा। इसके अलावा कई बार सरकार ने यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए बजट नहीं दिया और इसका निर्माण कार्य लटकता चला गया। ठेकेदारों व पीडब्ल्यूडी के बीच भी कई बार बजट को लेकर विवाद हुआ और मजदूरों तक ने काम बंद कर दिया।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण मामला लंबा खिंचता देखकर सरकार ने 2019 में एडमिशन लेकर कक्षाएं चलाने का फैसला लिया। जीटी रोड से 10 किमी दूर पलड़ी गांव में डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा में किराये का भवन लिया गया और उसमें 2019-20 का सत्र शुरू किया गया। इस तरह 92 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी सरकार को डेढ़ लाख रुपये महीना किराये में गंवाने पड़ रहे हैं। यूनिवर्सिटी का भवन ही नहीं, बल्कि वीसी आवास भी किराये के भवन में है, जिसका करीब 28 हजार रुपये हर माह चुकाया जाता है।
यूनिवर्सिटी का निर्माण पांच साल देरी के बाद भी पूरा नहीं, अब जल्द सौंपने का दावा
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का भवन 2016 में पूरा किया जाना था, लेकिन यह विवाद व बजट की कमी के कारण लंबा खिंचता चला गया। यही कारण है कि अब पांच साल देरी से 2021 शुरू होने के बाद भी पीडब्ल्यूडी ने भवन बनाकर यूनिवर्सिटी प्रशासन को नहीं सौंपा है। हर साल शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले दावा किया जाता है कि इस बार का सत्र यूनिवर्सिटी में भवन में शुरू होगा, लेकिन उसके बावजूद भवन को यूनिवर्सिटी प्रशासन को नहीं सौंपा जाता है। इस बार भी दावा किया जा रहा है कि जल्द ही भवन को यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। उसके बावजूद जब तक कार्रवाई पूरी नहीं होती है, तब तक भवन सौंपने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का भवन बनकर तैयार हो गया है। पहले कुछ परेशानी हो गई थी, जिससे भवन निर्माण में देरी हुई है। भवन निर्माण में 92 करोड़ रुपये खर्च हुए है और यह भवन जल्द ही यूनिवर्सिटी प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। - पंकज गौड़, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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