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Sonipat News: बाल रामलीला मंचन ... पठन, शब्द पहचान और अक्षर ज्ञान में निपुण बनेंगे नौनिहाल
Fri, 27 Sep 2024 10:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 27 Sep 2024 10:20 PM IST
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सोनीपत। राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षा ग्रहण करने वाले नौनिहाल अब पठन, शब्द पहचान व अक्षर ज्ञान में निपुण बन सकेंगे। इसके लिए स्कूलों में निपुण बाल रामलीला मंचन प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी।
विभिन्न पात्रों के बोले जाने वाले संवाद से नौनिहाल धारा प्रवाह से पठन, शब्द पहचान व अक्षर ज्ञान में निपुण बन सकेंगे। बाल रामलीला का आयोजन 28 अक्तूबर को किया जाएगा, इसके लिए शिक्षक 12 से 27 अक्तूबर तक अभ्यास करवाएंगे।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने निपुण हरियाणा मिशन के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण बाल रामलीला मंचन को लेकर निर्देश जारी किए हैं। प्राथमिक कक्षाओं में निपुण हरियाणा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्राथमिक कक्षाओं में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर कार्य किया जा रहा है। नौनिहालों को भाषा के विभिन्न पहलुओं धारा प्रवाह से पठन, शब्द की पहचान, अक्षर ज्ञान व ध्वनि जागरूकता से परिचित करवाए जाने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। इसके अलावा नौनिहालों को अपने से बड़ों व अन्य बच्चों के साथ बातचीत करने, खुद को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने व आत्मविश्वास से संवाद करने के अवसर दिए जाने की गतिविधियां भी शामिल हैं। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने रामलीला के पांच छोटे दृश्य साझा किए हैं, शिक्षक इनमें से किसी एक दृश्य या कोई अन्य दृश्य को रोल प्ले के लिए चुन सकते हैं। यही नहीं शिक्षक चाहें तो किसी अन्य दृश्य का भी चयन कर सकते हैं।
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यह दिए निर्देश
-निपुण बाल रामलीला मंचन में प्रतिभागिता के लिए पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को अधिक प्रोत्साहित करें।
-बोलने वाले संवाद तीसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की अपेक्षा पहली व दूसरी के बच्चों को अधिक दिए जाएं।
-रोल प्ले के लिए वेशभूषा व रंगमंच की सामग्री बिना किसी लागत के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करवाएं। इसमें अभिभावकों, समुदाय, एसएमसी सदस्यों का सहयोग लें।
-मंचन में भाषा कौशल एवं अभिव्यक्ति को महत्व दें, जिसमें धारा प्रवाह के साथ बोलना व शुद्ध उच्चारण शामिल हों।
-बाल रामलीला मंचन में विद्यार्थियों के माता-पिता, समुदाय के सदस्यों को आमंत्रित किया जाए।
-अध्यापक निपुण रामलीला का करीब पांच मिनट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करें।
-वीडियो को ऑनलाइन शेयर करते समय हैशटैग (#) निपुण हरियाणा, निपुण रामायण या एफएलएन हरियाणा का प्रयोग किया जा सकता है।
-सर्वश्रेष्ठ वीडियो निपुण हरियाणा के आधिकारिक ट्वीटर व फेसबुक पेज पर शेयर किया जाएगा।
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-निपुण भारत मिशन के तहत स्कूलों में निपुण बाल रामलीला मंचन प्रतियोगिता करवाई जाएगी। जिसमें रामलीला के विभिन्न पात्रों के बोले जाने वाले संवाद के माध्यम से प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति के कौशल को विकसित करने और उनमें पढ़ने, सुनने, समझने व लेखन कौशल को विकसित करने में मदद मिलेगी।
मनोज वर्मा, जिला समन्वयक, एफएलएन, सोनीपत
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विभिन्न पात्रों के बोले जाने वाले संवाद से नौनिहाल धारा प्रवाह से पठन, शब्द पहचान व अक्षर ज्ञान में निपुण बन सकेंगे। बाल रामलीला का आयोजन 28 अक्तूबर को किया जाएगा, इसके लिए शिक्षक 12 से 27 अक्तूबर तक अभ्यास करवाएंगे।
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हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने निपुण हरियाणा मिशन के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण बाल रामलीला मंचन को लेकर निर्देश जारी किए हैं। प्राथमिक कक्षाओं में निपुण हरियाणा कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसमें प्राथमिक कक्षाओं में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान पर कार्य किया जा रहा है। नौनिहालों को भाषा के विभिन्न पहलुओं धारा प्रवाह से पठन, शब्द की पहचान, अक्षर ज्ञान व ध्वनि जागरूकता से परिचित करवाए जाने के लिए विभिन्न प्रकार की गतिविधियां भी करवाई जाती हैं। इसके अलावा नौनिहालों को अपने से बड़ों व अन्य बच्चों के साथ बातचीत करने, खुद को रचनात्मक रूप से व्यक्त करने व आत्मविश्वास से संवाद करने के अवसर दिए जाने की गतिविधियां भी शामिल हैं। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने रामलीला के पांच छोटे दृश्य साझा किए हैं, शिक्षक इनमें से किसी एक दृश्य या कोई अन्य दृश्य को रोल प्ले के लिए चुन सकते हैं। यही नहीं शिक्षक चाहें तो किसी अन्य दृश्य का भी चयन कर सकते हैं।
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यह दिए निर्देश
-निपुण बाल रामलीला मंचन में प्रतिभागिता के लिए पहली से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को अधिक प्रोत्साहित करें।
-बोलने वाले संवाद तीसरी से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों की अपेक्षा पहली व दूसरी के बच्चों को अधिक दिए जाएं।
-रोल प्ले के लिए वेशभूषा व रंगमंच की सामग्री बिना किसी लागत के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध करवाएं। इसमें अभिभावकों, समुदाय, एसएमसी सदस्यों का सहयोग लें।
-मंचन में भाषा कौशल एवं अभिव्यक्ति को महत्व दें, जिसमें धारा प्रवाह के साथ बोलना व शुद्ध उच्चारण शामिल हों।
-बाल रामलीला मंचन में विद्यार्थियों के माता-पिता, समुदाय के सदस्यों को आमंत्रित किया जाए।
-अध्यापक निपुण रामलीला का करीब पांच मिनट का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर करें।
-वीडियो को ऑनलाइन शेयर करते समय हैशटैग (#) निपुण हरियाणा, निपुण रामायण या एफएलएन हरियाणा का प्रयोग किया जा सकता है।
-सर्वश्रेष्ठ वीडियो निपुण हरियाणा के आधिकारिक ट्वीटर व फेसबुक पेज पर शेयर किया जाएगा।
-निपुण भारत मिशन के तहत स्कूलों में निपुण बाल रामलीला मंचन प्रतियोगिता करवाई जाएगी। जिसमें रामलीला के विभिन्न पात्रों के बोले जाने वाले संवाद के माध्यम से प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों में अभिव्यक्ति के कौशल को विकसित करने और उनमें पढ़ने, सुनने, समझने व लेखन कौशल को विकसित करने में मदद मिलेगी।
मनोज वर्मा, जिला समन्वयक, एफएलएन, सोनीपत