{"_id":"66f4af751b3b04924a079dd7","slug":"assistant-agricultural-engineer-held-a-meeting-to-manage-stubble-with-baler-machine-sonipat-news-c-197-1-snp1003-125106-2024-09-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: बेलर मशीन से पराली प्रबंधन करने को सहायक कृषि अभियंता ने ली बैठक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: बेलर मशीन से पराली प्रबंधन करने को सहायक कृषि अभियंता ने ली बैठक
Thu, 26 Sep 2024 06:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 26 Sep 2024 06:18 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। कृषि एवं किसान विभाग के सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने बुधवार को उप निदेशक कार्यालय में बेलर मशीन मालिकों की बैठक ली। उन्होंने किसानों को बेलर से धान फसल के अवशेषों को बेल बनाकर उन्हें बेचने में आ रही परेशानी को दूर करने के लिए सलाह दी। उन्होंने किसानों की मुलाकात केएस एग्रो फतेहाबाद के मालिक सतपाल से करवाई और इसमें सतपाल ने जिले से 40 हजार मीट्रिक टन पराली खरीदने का आश्वासन दिया।
सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने कहा कि अब किसानों की पराली की गांठों को बेचने की समस्या खत्म हो जाएगी और किसान बिना किसी परेशानी के पराली की गांठों को बेच सकेंगे। इसके साथ ही रूट्स फाउंडेशन से सुनील ने भी फसल अवशेष प्रबंधन के कार्य में किसानों की मदद करने के लिए आश्वासन दिया। सहायक कृषि अभियंता ने बेलर मालिकों से अपील की कि वह अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा फसल अवशेषों का बेल बनाकर प्रबंधन करें और फसल अवशेषों में आग न लगने दें। उन्होंने किसानों से कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग की तरफ से प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसान पंजीकरण करवाएं। इस दौरान कृषि विकास अधिकारी डॉ. मनोज व कनिष्ठ अभियंता डॉ. संदीप मौजूद रहे।
विज्ञापन
सहायक कृषि अभियंता डॉ. नवीन हुड्डा ने कहा कि अब किसानों की पराली की गांठों को बेचने की समस्या खत्म हो जाएगी और किसान बिना किसी परेशानी के पराली की गांठों को बेच सकेंगे। इसके साथ ही रूट्स फाउंडेशन से सुनील ने भी फसल अवशेष प्रबंधन के कार्य में किसानों की मदद करने के लिए आश्वासन दिया। सहायक कृषि अभियंता ने बेलर मालिकों से अपील की कि वह अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा फसल अवशेषों का बेल बनाकर प्रबंधन करें और फसल अवशेषों में आग न लगने दें। उन्होंने किसानों से कहा कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए कृषि विभाग की तरफ से प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाने के लिए ज्यादा से ज्यादा किसान पंजीकरण करवाएं। इस दौरान कृषि विकास अधिकारी डॉ. मनोज व कनिष्ठ अभियंता डॉ. संदीप मौजूद रहे।
विज्ञापन