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आदित्य हत्याकांड : नया सीसीटीवी फुटेज सामने
Sat, 20 Dec 2025 02:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 20 Dec 2025 02:09 AM IST
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गन्नौर। गांव सांदल कलां में आदित्य की हत्या के मामले में एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह फुटेज 10-11 दिसंबर की रात का बताया जा रहा है, जिसमें एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार गांव की गली से गुजरती दिखाई दे रही है। पुलिस जांच के अनुसार यह वही कार है, जिसे आरोपी विश्वामित्र ने किराये पर लिया था।
सीसीटीवी फुटेज में यह कार आदित्य के निर्माणाधीन मकान के सामने से गुजरती दिखाई दे रही है। पुलिस का दावा है कि इसी कार में आदित्य का शव रखा गया था और कार को आरोपी विश्वामित्र स्वयं चला रहा था। कार के शीशों पर पर्दे लगे हुए थे, जिससे अंदर का दृश्य बाहर से स्पष्ट नहीं हो रहा था।
पुलिस का कहना है कि विश्वामित्र ने 10 दिसंबर की दोपहर ही आदित्य की हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को कई घंटों तक अपने घर में रखा गया और देर रात उसी स्विफ्ट कार में डालकर बड़वासनी नहर में फेंक दिया गया।
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14 लाख रुपये के लालच में हत्या की आशंका
आदित्य के पिता सोमपाल ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या महज 10-20 हजार रुपये के लिए नहीं बल्कि 14 लाख रुपये के लालच में की गई। बताया कि हाल ही में जमीन बेचकर मिले करीब 25 लाख रुपये में से 14 लाख रुपये आदित्य के खाते में जमा कराए गए थे। आरोप है कि आरोपी विश्वामित्र को आदित्य के खाते में इस रकम की जानकारी थी हालांकि उसे यह नहीं पता था कि घटना से कुछ दिन पहले ही यह राशि खाते से निकलवा ली गई थी।
एक से अधिक लोगों की भूमिका की आशंका
सोमपाल ने बताया कि 10 दिसंबर को जब आदित्य घर से लापता हुआ, उस दौरान उसके ममेरे भाई ने आदित्य के मोबाइल पर कॉल की थी। बातचीत के दौरान पीछे से कई लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे उन्हें इस हत्याकांड में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता का शक है। उन्होंने सवाल उठाया कि अकेला व्यक्ति शव को उठाकर कार में डालकर ठिकाने कैसे लगा सकता है।
घटना में प्रयुक्त कार बरामद
एसएयूजी यूनिट ने पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी बरामद कर ली है। यह कार आरोपी ने किराये पर ली थी। पुलिस के अनुसार इसी कार में आदित्य के शव को डालकर बड़वासनी नहर तक ले जाया गया और वहां शव को नहर में फेंक दिया गया।
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गिरफ्तार आरोपी विश्वामित्र का पांच दिन का पुलिस रिमांड पूरा हो चुका है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेशानुसार उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
- एसीपी ऋषिपाल, गन्नौर
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सीसीटीवी फुटेज में यह कार आदित्य के निर्माणाधीन मकान के सामने से गुजरती दिखाई दे रही है। पुलिस का दावा है कि इसी कार में आदित्य का शव रखा गया था और कार को आरोपी विश्वामित्र स्वयं चला रहा था। कार के शीशों पर पर्दे लगे हुए थे, जिससे अंदर का दृश्य बाहर से स्पष्ट नहीं हो रहा था।
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पुलिस का कहना है कि विश्वामित्र ने 10 दिसंबर की दोपहर ही आदित्य की हत्या कर दी थी। इसके बाद शव को कई घंटों तक अपने घर में रखा गया और देर रात उसी स्विफ्ट कार में डालकर बड़वासनी नहर में फेंक दिया गया।
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14 लाख रुपये के लालच में हत्या की आशंका
आदित्य के पिता सोमपाल ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या महज 10-20 हजार रुपये के लिए नहीं बल्कि 14 लाख रुपये के लालच में की गई। बताया कि हाल ही में जमीन बेचकर मिले करीब 25 लाख रुपये में से 14 लाख रुपये आदित्य के खाते में जमा कराए गए थे। आरोप है कि आरोपी विश्वामित्र को आदित्य के खाते में इस रकम की जानकारी थी हालांकि उसे यह नहीं पता था कि घटना से कुछ दिन पहले ही यह राशि खाते से निकलवा ली गई थी।
एक से अधिक लोगों की भूमिका की आशंका
सोमपाल ने बताया कि 10 दिसंबर को जब आदित्य घर से लापता हुआ, उस दौरान उसके ममेरे भाई ने आदित्य के मोबाइल पर कॉल की थी। बातचीत के दौरान पीछे से कई लोगों की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे उन्हें इस हत्याकांड में एक से अधिक लोगों की संलिप्तता का शक है। उन्होंने सवाल उठाया कि अकेला व्यक्ति शव को उठाकर कार में डालकर ठिकाने कैसे लगा सकता है।
घटना में प्रयुक्त कार बरामद
एसएयूजी यूनिट ने पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार भी बरामद कर ली है। यह कार आरोपी ने किराये पर ली थी। पुलिस के अनुसार इसी कार में आदित्य के शव को डालकर बड़वासनी नहर तक ले जाया गया और वहां शव को नहर में फेंक दिया गया।
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गिरफ्तार आरोपी विश्वामित्र का पांच दिन का पुलिस रिमांड पूरा हो चुका है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेशानुसार उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
- एसीपी ऋषिपाल, गन्नौर