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Sonipat News: एसीएस ने 540 एकड़ सेमग्रस्त जमीन पर बिछाई जा रही पाइपलाइन के कार्य का किया शुभारंभ

Tue, 06 Jun 2023 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Tue, 06 Jun 2023 01:00 AM IST
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ACS started the work of pipeline being laid on 540 acres of beans land
फोटो 49- सेम ग्रस्त भूमि का उपचार करने के लिए पाइप लाइन बिछाने के कार्य के शुभारंभ अवसर पर एसीए
गोहाना। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल ने गांव आहुलाना में हरियाणा ऑपरेशनल पायलट प्रोजेक्ट (एचओपीपी) के तहत सेम ग्रस्त भूमि का उपचार करने के लिए पाइपलाइन बिछाने के कार्य का शुभारंभ किया।
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उन्होंने कहा कि सब सरफेस ड्रेनेज तकनीक किसानों की सेमग्रस्त भूमि के लिए रामबाण बनेगी। किसानों को इसका काफी फायदा मिलेगा। गांव की करीब 540 एकड़ जमीन को इस योजना का लाभ मिलेगा।
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एसीएस सुधीर राजपाल ने कहा कि भूमि को सेम ग्रस्त से उपजाऊ बनाने के लिए सब सरफेस ड्रेनेज तकनीक से पाइप लाइन बिछाई जाएगी। राज्य सरकार की एचओपीपी योजना किसानों की सेम ग्रस्त भूमि के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है। भूमि सुधार के मामले में हरियाणा तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसानों को मिलेगा। इस योजना से बंजर व सेम ग्रस्त भूमि को उपजाऊ बनाने के बाद कृषि क्षेत्र में विशेष रूप से वृद्धि होगी। कृषि योग्य बनाने के लिए गांव कथूरा के खेतों में भूमिगत पाइप डालकर पानी को ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इस दौरान निदेशक नरहरि बांगड़, अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी, संयुक्त निदेशक (भू संरक्षण) देवेंद्र सिहाग, एसडीएम आशीष कुमार, उप निदेशक डॉ. अनिल सहरावत, डॉ. देवेंद्र कुहाड़, सरपंच कुलदीप सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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योजना से भूमि हो रही उपजाऊ
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गर्मी के दिनों में भी खेतों में एक से डेढ़ फुट पानी खड़ा रहता था और नमक भी दिखाई देता है, जिसके चलते किसान किसी भी फसल का उत्पादन नहीं कर पा रहे थे। अब इस भूमि में सीजन के अनुसार फसलों का भरपूर उत्पादन हो रहा है। भूमि भी उपजाऊ हो रही है।
2 से 3 मीटर गहराई तक दबाए जाएंगे पाइप

एसीएस ने कहा कि इस तकनीक में 2 से 3 मीटर की गहराई में पाइप दबाए जाते हैं। इन पाइपों में छेद होता है। पाइपों के माध्यम से पानी को एक कुए रूपी गड्ढे में एकत्रित करके उसकी निकासी की जाती है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत खेतों से पानी निकासी के तमाम विकल्प भी अपनाए जा रहे हैं।


मत्स्य पालन को मिलेगा बढ़ावा

इस योजना से मत्स्य पालन को भी जोड़ा जा रहा है। सेमग्रस्त भूमि से निकलने वाले पानी को आसपास जोहड़ बनाकर उसमें डाला जाए, ताकि मछली पालन का कार्य भी हो सके। इससे किसानों को फायदा मिलेगा।

फोटो 49- सेम ग्रस्त भूमि का उपचार करने के लिए पाइप लाइन बिछाने के कार्य के शुभारंभ अवसर पर एसीए

फोटो 49- सेम ग्रस्त भूमि का उपचार करने के लिए पाइप लाइन बिछाने के कार्य के शुभारंभ अवसर पर एसीए

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