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लिंगानुपात में अव्वल पुरखास की तीन बेटियों को किया सम्मानित
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लिंगानुपात में जिले में अव्वल पुरखास की तीन बेटियों को किया सम्मानित
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत गांव पुरखास ने इस बार जिले में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। इस गांव में एक हजार बेटों के पीछे बेटियों की संख्या 1327 है। गांव की इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को गांव की तीन बेटियों को डेढ़ लाख रुपये देकर सम्मानित किया गया। यह तीनों लड़कियां राजकीय स्कूल में पढ़ती हैं पिछले साल दसवीं की परीक्षा में अव्वल स्थान पर रही हैं।
सीएमओ डॉ. जेएस पुनिया ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिले में सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। जिले के 21 गांवों में अब बेटियों की संख्या बेटों से अधिक हो गई है। ऐसे में सरकार की योजना के अनुसार जिला गांव में बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा हुई है वहां डेढ़ लाख रुपये का इनाम वहां की शैक्षणिक क्षेत्र में अव्वल आने वाली बेटियों को दिया जाता है।
डॉ. पुनिया ने बताया कि योजना के तहत पांच हजार से अधिक जनसंख्या के गांवों को शामिल किया गया और इनमें वही गांव लिए गए जहां पिछले एक वर्ष में 100 या इससे अधिक डिलीवरी हुई है। इस श्रेणी में 22 गांव शामिल हुए और इन गांवों में पुरखास सबसे अव्वल मिला। पुरखास गांव में एक हजार लड़कों के मुकाबले बेटियों की संख्या 1327 है। उन्होंने बताया कि गांव की इसी उपलब्धि को देखते हुए पिछले शैक्षणिक सत्र में गांव में दसवीं कक्षा में अव्वल आने वाली तन्नू को 75 हजार रुपये, काफिया को 45 हजार रुपये व कविता को 30 हजार रुपये प्रदान किए गए। इस दौरान पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डॉ. आदर्श शर्मा, गांव पुरखास धीरान के सरपंच यशपाल, मुख्य अध्यापिका सरोजनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत गांव पुरखास ने इस बार जिले में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। इस गांव में एक हजार बेटों के पीछे बेटियों की संख्या 1327 है। गांव की इस उपलब्धि पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुधवार को गांव की तीन बेटियों को डेढ़ लाख रुपये देकर सम्मानित किया गया। यह तीनों लड़कियां राजकीय स्कूल में पढ़ती हैं पिछले साल दसवीं की परीक्षा में अव्वल स्थान पर रही हैं।
सीएमओ डॉ. जेएस पुनिया ने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जिले में सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं। जिले के 21 गांवों में अब बेटियों की संख्या बेटों से अधिक हो गई है। ऐसे में सरकार की योजना के अनुसार जिला गांव में बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा हुई है वहां डेढ़ लाख रुपये का इनाम वहां की शैक्षणिक क्षेत्र में अव्वल आने वाली बेटियों को दिया जाता है।
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डॉ. पुनिया ने बताया कि योजना के तहत पांच हजार से अधिक जनसंख्या के गांवों को शामिल किया गया और इनमें वही गांव लिए गए जहां पिछले एक वर्ष में 100 या इससे अधिक डिलीवरी हुई है। इस श्रेणी में 22 गांव शामिल हुए और इन गांवों में पुरखास सबसे अव्वल मिला। पुरखास गांव में एक हजार लड़कों के मुकाबले बेटियों की संख्या 1327 है। उन्होंने बताया कि गांव की इसी उपलब्धि को देखते हुए पिछले शैक्षणिक सत्र में गांव में दसवीं कक्षा में अव्वल आने वाली तन्नू को 75 हजार रुपये, काफिया को 45 हजार रुपये व कविता को 30 हजार रुपये प्रदान किए गए। इस दौरान पीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डॉ. आदर्श शर्मा, गांव पुरखास धीरान के सरपंच यशपाल, मुख्य अध्यापिका सरोजनी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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