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लाखों रुपये खर्च करके भी सड़कों पर भरा पानी, अधिकारियों की खुली पोल
Updated Wed, 21 Jun 2017 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोहाना/गन्नौर/खरखौदा।
जिले में पहली तेज बारिश ने उन अधिकारियों की पोल खोलकर रख दी जो पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर होने का दावा करते थे। पानी निकासी के लिए नालों की सफाई पर लाखों रुपया खर्च जरूर कर दिया गया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। बारिश होते ही सड़कों पर कई फुट पानी भर गया।
गोहाना में जिले की सबसे कम 16 एमएम बारिश हुई, लेकिन उसके बावजूद वहां जलभराव हो गया। जलभराव से गोहाना में जींद रोड पर आरयूबी से वाहन नहीं निकल सके। घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया। वाहन चालकों के लिए आवागमन ठप रहा और मंगलवार सुबह नौ बजे से ही ट्रैफिक का दबाव बढ़ता चला गया। इससे जींद रोड, बरोदा रोड और महावीर चौक के अलावा महमुदपुर रोड पर जाम की भी स्थिति बनी रही।
बारिश से बिजली निगम कार्यालय की छत टपकी
गन्नौर में बरसात की वजह से शहर की कई कॉलानियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। नालों की पर्याप्त सफाई न होने से शहर की मुख्य सड़कों पर पानी आ गया। गन्नौर में सबसे ज्यादा 94 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, बारिश से गढ़ी झंझारा रोड स्थित बिजली निगम के दफ्तर की छत टपकने लगी। वर्षों पुराना भवन होने के कारण उसका लेंटर जर्जर हो गया है, जिसके गिरने का डर भी कर्मचारियों को सताने लगा। वहां छत टपकने से रिकॉर्ड भी भीग गया। बिजली निगम के अधिकारियों ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को देकर भवन को बदलने की मांग की है। जलभराव की समस्या को देखते हुए एसडीएम सुरेंद्र दून ने शहर का दौरा किया। उन्हें अनाज मंडी में जलभराव मिला, जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निकासी के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रेन नंबर-6 का भी निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
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बारिश से राहत, बिजली कटों से परेशानी
खरखौदा में बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं शहरवासियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। 45 एमएम बारिश से शहर के निचले हिस्सों में पानी जमा हो गया। वहां सोमवार रात को तेज हवा आई तो बिजली गुल हो गई। बिजली की आपूर्ति दोपहर 12 बजे के करीब शुरू हुई। इस बीच इनवर्टर भी जवाब दे गए।
नालों की सफाई पर लाखों खर्च, फिर भी सड़कों पर भरा पानी
अधिकारियों के दावों की खुली पोल, लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी
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गोहाना/गन्नौर/खरखौदा।
जिले में पहली तेज बारिश ने उन अधिकारियों की पोल खोलकर रख दी जो पानी निकासी की व्यवस्था बेहतर होने का दावा करते थे। पानी निकासी के लिए नालों की सफाई पर लाखों रुपया खर्च जरूर कर दिया गया, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। बारिश होते ही सड़कों पर कई फुट पानी भर गया।
गोहाना में जिले की सबसे कम 16 एमएम बारिश हुई, लेकिन उसके बावजूद वहां जलभराव हो गया। जलभराव से गोहाना में जींद रोड पर आरयूबी से वाहन नहीं निकल सके। घरों और दुकानों में भी पानी घुस गया। वाहन चालकों के लिए आवागमन ठप रहा और मंगलवार सुबह नौ बजे से ही ट्रैफिक का दबाव बढ़ता चला गया। इससे जींद रोड, बरोदा रोड और महावीर चौक के अलावा महमुदपुर रोड पर जाम की भी स्थिति बनी रही।
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बारिश से बिजली निगम कार्यालय की छत टपकी
गन्नौर में बरसात की वजह से शहर की कई कॉलानियों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। नालों की पर्याप्त सफाई न होने से शहर की मुख्य सड़कों पर पानी आ गया। गन्नौर में सबसे ज्यादा 94 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, बारिश से गढ़ी झंझारा रोड स्थित बिजली निगम के दफ्तर की छत टपकने लगी। वर्षों पुराना भवन होने के कारण उसका लेंटर जर्जर हो गया है, जिसके गिरने का डर भी कर्मचारियों को सताने लगा। वहां छत टपकने से रिकॉर्ड भी भीग गया। बिजली निगम के अधिकारियों ने इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को देकर भवन को बदलने की मांग की है। जलभराव की समस्या को देखते हुए एसडीएम सुरेंद्र दून ने शहर का दौरा किया। उन्हें अनाज मंडी में जलभराव मिला, जिस पर उन्होंने मौके पर मौजूद जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निकासी के निर्देश दिए। उन्होंने ड्रेन नंबर-6 का भी निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
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बारिश से राहत, बिजली कटों से परेशानी
खरखौदा में बारिश से जहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं शहरवासियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। 45 एमएम बारिश से शहर के निचले हिस्सों में पानी जमा हो गया। वहां सोमवार रात को तेज हवा आई तो बिजली गुल हो गई। बिजली की आपूर्ति दोपहर 12 बजे के करीब शुरू हुई। इस बीच इनवर्टर भी जवाब दे गए।
नालों की सफाई पर लाखों खर्च, फिर भी सड़कों पर भरा पानी
अधिकारियों के दावों की खुली पोल, लोगों को झेलनी पड़ी परेशानी