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सीएम के शगुन से दुल्हन बन विदा हो रही बेटियां

Sun, 03 Dec 2017 01:22 AM IST
Updated Sun, 03 Dec 2017 01:22 AM IST
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सीएम के शगुन से दुल्हन बन विदा हो रही बेटियां
सीएम के शगुन से दुल्हन बन विदा हो रही बेटियां
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत।
सीएम के शगुन से दुल्हन बनकर विदा होने वाली बेटियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के पात्र इसका लाभ ले रहे हैं। सरकार की तरफ से हर साल इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं अंतरजातीय विवाह की तरफ भी युवाओं का रुझान बढ़ने लगा है। युवा इस योजना के लिए भी लगातार आवेदन कर लाभ ले रहे हैं।
जिला कल्याण विभाग की तरफ से सभी वर्गों व समाज के व्यक्तियों की बेटियों की शादी में मुख्यमंत्री विवाह-शगुन योजना के तहत आर्थिक सहायता अनुदान राशि प्रदान की जाती है। योजना के तहत अनुसूचित जाति व बीपीएल सूची में शामिल लोगों को 41 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। इसमें से 36 हजार रुपये की राशि आवेदक को विवाह के समय दी जाती है तथा 5 हजार रुपए शादी के 6 माह तक उस समय दी जाती है, जब आवेदक मैरिज सर्टिफिकेट प्रस्तुत करता है। इसमें विधवा महिला को बेटी की शादी के लिए 51 हजार रुपये की राशि दी जाती है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति को छोड़कर सभी वर्गों को 11 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इनमें से 10 हजार रुपये विवाह के समय तथा बकाया एक हजार रुपये 6 माह तक दिए जाते हैं। इसमें सभी वर्ग जिनके पास ढाई एकड़ से कम भूमि हो और एक लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय न हो, उसेे 11 हजार रुपये राशि देने का प्रावधान है। विधवा, तलाकशुदा, निराश्रित महिला की लड़की की शादी में मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत 51 हजार रुपए की राशि दी जाती है। इनमें से 46 हजार रुपये विवाह के समय तथा बकाया 5 हजार रुपये 6 माह तक जब आवेदक मैरिज सर्टिफिकेट प्रस्तुत करेगा तब प्रदान की जाती है। प्रार्थी की एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय हो। बीपीएल आवेदक के लिए आय प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए एक माह पहले आवेदन करना होता है। शादी का पंजीकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए वर-वधु का आयु, जाति, रिहायशी प्रमाण-पत्र, विधवा होने पर पति की मृत्यु का प्रमाण-पत्र, आधार, आधार से जुड़ा बैंक खाता, आवेदनकर्ता के हस्ताक्षर, वर-वधु का पासपोर्ट साइज फोटो, बीपीएल होने पर प्रमाण-पत्र, कृषि भूमि का प्रमाण पत्र आवश्यक है।
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अंतरजातीय विवाह के आवेदकों की संख्या भी बढ़ी
अंतरजातीय विवाह करने वाले आवेदकों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। अंतरजातीय विवाह करने पर पात्र को एक लाख एक हजार रुपये की राशि दी जाती है। इसमें दंपति में एक का अनुसूचित जाति जन जाति से होना अवश्य है। साथ ही हरियाणा का रिहायशी प्रमाण पत्र होना चाहिए। इसमें शादी के रजिस्ट्रेशन के बाद 51 हजार व एक साल बाद 50 हजार रुपये की राशि दी जाती है।
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मुख्यमंत्री विवाह शुगन योजना के लिए वितरित राशि
- वर्ष 2015-16 में 1412 पात्रों को 3 करोड़ 37 लाख 42 हजार रुपये वितरित किए।
-वर्ष 2016-17 में 1575 पात्रों को 4 करोड़ 27 लाख 30 हजार रुपये दिए गए।
- वर्ष 2017-18 के चालू वित्त वर्ष में अब तक 741 पात्रों को दो करोड़ 19 लाख दिए गए हैं।

अंतरजातीय विवाद शगुन योजना में वितरित राशि
- वर्ष 2015-16 में 11 पात्रों को 5 लाख 50 हजार दिए।
- वर्ष 2016-17 में 24 पात्रों को 13 लाख 68 हजार रुपये दिए गए।
- वर्ष 2017-18 के चालू वित्त वर्ष में अब तक 33 पात्रों को 16 लाख 69 हजार रुपये दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना और अंतरजातीय विवाद शगुन योजना के लिए पात्र लोग लगातार लाभ ले रहे हैं। इस पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। इसमें ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। जिसके बाद बैंक खाते में ही राशि दी जाती है।
केएम पांडुरंग, उपायुक्त, सोनीपत
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