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प्रॉपर्टी के लिए साथी संग की थी मामा की हत्या, दोनों को उम्रकैद
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प्रॉपर्टी के लिए साथी संग की थी मामा की हत्या, दोनों को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएन भारद्वाज की अदालत ने हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी युवक व उसके साथी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। युवक ने प्रॉपर्टी के लालच में अपने मामा को नशे की गोली खिलाकर यूपी से सोनीपत में लाने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में दीपालपुर रजवाहा के पास शव को फेंककर फरार हो गए।
विदित रहे कि गांव दीपालपुर के बाहर रजवाहे के निकट 8 जनवरी, 2017 की सुबह एक व्यक्ति का शव मिला था। उसके सिर में दो गोलियां मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने गांव दीपालपुर निवासी जगदीश के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस की जांच में शव की शिनाख्त यूपी के जिला बागपत के गांव रठोड़ा निवासी राजेंद्र खोखर उर्फ मिंटू के रूप में हुई थी। बाद में 22 जनवरी, 2017 को बहालगढ़ चौकी के तत्कालीन प्रभारी सुरेश हुड्डा व एएसआई सुमेर की टीम ने एक युवक को अवैध हथियार सहित काबू किया था। युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव सरुरपुर निवासी कैलाश के रूप में हुई थी। पुलिस पूछताछ में कैलाश ने दीपालपुर के पास अपने मामा राजेंद्र खोखर की हत्या करना स्वीकार किया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी गांव जगदेव उर्फ देव उर्फ मजनू के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इस पर पुलिस ने जगदेव को भी काबू कर लिया था। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को एएसजे डीके भारद्वाज की अदालत ने कैलाश व उसके साथी जगदेव को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को उमकैद व 12-12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
प्रॉपर्टी बन गई थी राजेंद्र की जान की दुश्मन
राजेंद्र के माता-पिता व चार भाइयों और दो बहनों की पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस को जब राजेंद्र का शव मिला था तो उसके दाहिने हाथ के अंगुठे पर स्याही लगी मिली थी। इससे पुलिस को शक हो गया था कि मामला प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हो सकता है। जांच में सामने आया था कि राजेंद्र के नाम पर गांव में एक मकान व छह बीघा जमीन तथा बड़ौत में एक प्लाट था। वह अविवाहित था। इसी प्रॉपर्टी को हथियाने के लिए कैलाश ने मामा की हत्या कर दी थी।
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नशीली गोलियां खिलाकर लाए थे सोनीपत
पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद कैलाश ने पुलिस को बताया था कि वह अपने मामा को गांव से वैन में लेकर आए थे। वह 7 जनवरी, 2017 की रात को अपने मामा को लेकर आया था। रास्ते में अपने मामा को नशीली गोलियां खिला दी थी। बहालगढ़ के पास आने के बाद फिर से उसे नशीली गोलियां खिलाई गई थी। जिससे वह बेसुध हो गया था। बाद में दीपालपुर रजवाहे के पास उसे कार से नीचे उतार दिया था और गोली मारकर हत्या कर दी थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीएन भारद्वाज की अदालत ने हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी युवक व उसके साथी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। युवक ने प्रॉपर्टी के लालच में अपने मामा को नशे की गोली खिलाकर यूपी से सोनीपत में लाने के बाद गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में दीपालपुर रजवाहा के पास शव को फेंककर फरार हो गए।
विदित रहे कि गांव दीपालपुर के बाहर रजवाहे के निकट 8 जनवरी, 2017 की सुबह एक व्यक्ति का शव मिला था। उसके सिर में दो गोलियां मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने गांव दीपालपुर निवासी जगदीश के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस की जांच में शव की शिनाख्त यूपी के जिला बागपत के गांव रठोड़ा निवासी राजेंद्र खोखर उर्फ मिंटू के रूप में हुई थी। बाद में 22 जनवरी, 2017 को बहालगढ़ चौकी के तत्कालीन प्रभारी सुरेश हुड्डा व एएसआई सुमेर की टीम ने एक युवक को अवैध हथियार सहित काबू किया था। युवक की पहचान उत्तर प्रदेश के जिला बागपत के गांव सरुरपुर निवासी कैलाश के रूप में हुई थी। पुलिस पूछताछ में कैलाश ने दीपालपुर के पास अपने मामा राजेंद्र खोखर की हत्या करना स्वीकार किया था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथी गांव जगदेव उर्फ देव उर्फ मजनू के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। इस पर पुलिस ने जगदेव को भी काबू कर लिया था। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए शुक्रवार को एएसजे डीके भारद्वाज की अदालत ने कैलाश व उसके साथी जगदेव को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोनों को उमकैद व 12-12 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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प्रॉपर्टी बन गई थी राजेंद्र की जान की दुश्मन
राजेंद्र के माता-पिता व चार भाइयों और दो बहनों की पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस को जब राजेंद्र का शव मिला था तो उसके दाहिने हाथ के अंगुठे पर स्याही लगी मिली थी। इससे पुलिस को शक हो गया था कि मामला प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हो सकता है। जांच में सामने आया था कि राजेंद्र के नाम पर गांव में एक मकान व छह बीघा जमीन तथा बड़ौत में एक प्लाट था। वह अविवाहित था। इसी प्रॉपर्टी को हथियाने के लिए कैलाश ने मामा की हत्या कर दी थी।
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नशीली गोलियां खिलाकर लाए थे सोनीपत
पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद कैलाश ने पुलिस को बताया था कि वह अपने मामा को गांव से वैन में लेकर आए थे। वह 7 जनवरी, 2017 की रात को अपने मामा को लेकर आया था। रास्ते में अपने मामा को नशीली गोलियां खिला दी थी। बहालगढ़ के पास आने के बाद फिर से उसे नशीली गोलियां खिलाई गई थी। जिससे वह बेसुध हो गया था। बाद में दीपालपुर रजवाहे के पास उसे कार से नीचे उतार दिया था और गोली मारकर हत्या कर दी थी।