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सोनीपत के लिए बड़ी उपलब्धि, जिले के सभी ब्लॉक बने सक्षम
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जिले के सभी ब्लॉक बने सक्षम, मिली बड़ी उपलब्धि
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। जिले के सभी ब्लॉक सक्षम घोषित कर दिए गए हैं जो शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। एक ब्लॉक पिछले साल सक्षम हो गया था, जबकि अन्य छह ब्लॉक पंद्रह दिन पहले ही परीक्षा का परिणाम आने के बाद सक्षम घोषित किए गए हैं। इस तरह सभी ब्लॉक में कक्षा 3, 5 व 7 के 80 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक लेकर जिले को सक्षम बनने की उपलब्धि दिलाई है, जिससे यह साफ हो गया है कि जिले में शिक्षा का स्तर इस समय काफी बेहतर है।
छात्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए खुद सीएम मनोहर लाल सक्षम प्रोजेक्ट का संचालन करा रहे हैं। अपने जिले में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए डीईओ जिले सिंह व सीएमजीजीए कुवम मेहता समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने काफी कार्य किया। जिससे वर्ष 2018 में खरखौदा ब्लॉक को सक्षम घोषित कराया गया। वहीं अब 12 फरवरी को सातवें चरण की सक्षम परीक्षा में अन्य छह ब्लॉक सोनीपत, मुंडलाना, गोहाना, कथुरा, गन्नौर व राई में सक्षम परीक्षा कराई गई। जिसका अब परिणाम आने पर सभी ब्लॉक को सक्षम घोषित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह ने बताया कि पिछले कई महीनों से निरीक्षण कार्य में गति, स्कूलों में अधिकारियों की विजिट, नई तकनीकों का प्रयोग कर विद्यार्थियों को सक्षम बनाने की कोशिश की जा रही थी। इस कार्य के लिए 11 जनवरी से 11 फरवरी तक जिले के लगभग 400 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। इसके बाद ही 12 फरवरी को परीक्षा कराई गई थी और नकल विहीन परीक्षा कराने को हर स्कूल में एक एफआई (फील्ड इन्वीजिलेटर), एक बीएड के विद्यार्थी को स्कूल आब्जर्वर व प्रशासनिक अधिकारियों की फ्लाईंग स्कवायड गठित की गई थी।
नीति आयोग की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची
सोनीपत जिले के सक्षम बनने के बाद नीति आयोग द्वारा एक टीम यहां भेजी गई है। यह टीम वीरवार को पहुंची और यह अगले तीन दिन तक जिले के सक्षम घोषित किए गए सभी ब्लाकों के स्कूलों का दौरा करके फीडबैक लेगी। जिससे साफ हो जाएगा कि क्या सही में सक्षम होने लायक स्कूल थे और वह सक्षम कैसे हुए हैं। जिसके बाद नीति आयोग पूरे भारत में इसे लागू करेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। जिले के सभी ब्लॉक सक्षम घोषित कर दिए गए हैं जो शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। एक ब्लॉक पिछले साल सक्षम हो गया था, जबकि अन्य छह ब्लॉक पंद्रह दिन पहले ही परीक्षा का परिणाम आने के बाद सक्षम घोषित किए गए हैं। इस तरह सभी ब्लॉक में कक्षा 3, 5 व 7 के 80 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक लेकर जिले को सक्षम बनने की उपलब्धि दिलाई है, जिससे यह साफ हो गया है कि जिले में शिक्षा का स्तर इस समय काफी बेहतर है।
छात्रों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए खुद सीएम मनोहर लाल सक्षम प्रोजेक्ट का संचालन करा रहे हैं। अपने जिले में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए डीईओ जिले सिंह व सीएमजीजीए कुवम मेहता समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों ने काफी कार्य किया। जिससे वर्ष 2018 में खरखौदा ब्लॉक को सक्षम घोषित कराया गया। वहीं अब 12 फरवरी को सातवें चरण की सक्षम परीक्षा में अन्य छह ब्लॉक सोनीपत, मुंडलाना, गोहाना, कथुरा, गन्नौर व राई में सक्षम परीक्षा कराई गई। जिसका अब परिणाम आने पर सभी ब्लॉक को सक्षम घोषित किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह ने बताया कि पिछले कई महीनों से निरीक्षण कार्य में गति, स्कूलों में अधिकारियों की विजिट, नई तकनीकों का प्रयोग कर विद्यार्थियों को सक्षम बनाने की कोशिश की जा रही थी। इस कार्य के लिए 11 जनवरी से 11 फरवरी तक जिले के लगभग 400 स्कूलों का निरीक्षण किया गया। इसके बाद ही 12 फरवरी को परीक्षा कराई गई थी और नकल विहीन परीक्षा कराने को हर स्कूल में एक एफआई (फील्ड इन्वीजिलेटर), एक बीएड के विद्यार्थी को स्कूल आब्जर्वर व प्रशासनिक अधिकारियों की फ्लाईंग स्कवायड गठित की गई थी।
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नीति आयोग की टीम निरीक्षण के लिए पहुंची
सोनीपत जिले के सक्षम बनने के बाद नीति आयोग द्वारा एक टीम यहां भेजी गई है। यह टीम वीरवार को पहुंची और यह अगले तीन दिन तक जिले के सक्षम घोषित किए गए सभी ब्लाकों के स्कूलों का दौरा करके फीडबैक लेगी। जिससे साफ हो जाएगा कि क्या सही में सक्षम होने लायक स्कूल थे और वह सक्षम कैसे हुए हैं। जिसके बाद नीति आयोग पूरे भारत में इसे लागू करेगा।
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