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Sonipat News: बीज दुकानों पर छापा डालकर लिए 61 सैंपल
Thu, 30 Oct 2025 01:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 30 Oct 2025 01:22 AM IST
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फोटो :34: सोनीपत में बीज की दुकानों पर सैंपल लेने पहुंचे कृषि विभाग के अधिकारी। संवाद
सोनीपत। रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही कृषि विभाग अब फसल की गुणवत्ता पर बेहतर रखने की पहल शुरू कर दी है। किसानों को उच्च गुणवत्ता का बीज उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से विभाग ने बुधवार को सोनीपत और गोहाना क्षेत्र में एक साथ छापे डालकर बीज के सैंपल लिये। टीम ने 61 बीज सैंपल एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए राज्य प्रयोगशाला में भेजा गया है।
कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि अगर किसी सैंपल की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य किसानों को भरोसेमंद बीज उपलब्ध कराना और नकली या निम्न गुणवत्ता वाले बीजों की बिक्री पर पूर्ण अंकुश लगाना है।
रबी सीजन में बढ़ी बीज की मांग
जिले में रबी सीजन के दौरान करीब दो लाख हैक्टेयर भूमि में खेती होती है। इनमें सबसे अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की बिजाई करीब 1.44 लाख हैक्टेयर में की जाती है। इसके अलावा किसान सरसों, चना और मक्का जैसी फसलों की भी खेती करते हैं। अक्तूबर के अंत और नवंबर के पहले पखवाड़े में बीज की मांग चरम पर होती है। इसके बाद खाद और अन्य कृषि सामग्री की डिमांड बढ़ जाती है।
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कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वह बीज या खाद खरीदते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य लें। कच्चे बिल पर कृषि सामग्री खरीदने से बचें, ताकि किसी गड़बड़ी की स्थिति में कार्रवाई की जा सके।
रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही विभाग की टीमें सक्रिय हैं। बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। बुधवार को 61 सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
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कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि अगर किसी सैंपल की गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य किसानों को भरोसेमंद बीज उपलब्ध कराना और नकली या निम्न गुणवत्ता वाले बीजों की बिक्री पर पूर्ण अंकुश लगाना है।
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रबी सीजन में बढ़ी बीज की मांग
जिले में रबी सीजन के दौरान करीब दो लाख हैक्टेयर भूमि में खेती होती है। इनमें सबसे अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की बिजाई करीब 1.44 लाख हैक्टेयर में की जाती है। इसके अलावा किसान सरसों, चना और मक्का जैसी फसलों की भी खेती करते हैं। अक्तूबर के अंत और नवंबर के पहले पखवाड़े में बीज की मांग चरम पर होती है। इसके बाद खाद और अन्य कृषि सामग्री की डिमांड बढ़ जाती है।
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कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वह बीज या खाद खरीदते समय विक्रेता से पक्का बिल अवश्य लें। कच्चे बिल पर कृषि सामग्री खरीदने से बचें, ताकि किसी गड़बड़ी की स्थिति में कार्रवाई की जा सके।
रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही विभाग की टीमें सक्रिय हैं। बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। बुधवार को 61 सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत