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हिंदू गर्ल्स कॉलेज के मैस में ज्यादा पैसे लेकर मिल रहा था खराब खाना, भूख हड़ताल पर बैठी छात्राएं
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:39 AM IST
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हिंदू गर्ल्स कॉलेज के मैस में ज्यादा पैसे लेकर मिल रहा था खराब खाना, भूख हड़ताल पर बैठीं छात्राएं
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत हिंदू गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने वीरवार देर शाम हॉस्टल के मैस में ज्यादा पैसे लेने के बाद भी बेहतर खाना नहीं देने के चलते भूख हड़ताल कर दी। छात्राओं ने रातभर मैस का खाना नहीं खाया और जमकर रोष जताया। छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हॉस्टल में रहने वाली 400 छात्राओं में से करीब 200 छात्राओं ने हड़ताल कर मैस से मिलने वाले खाने व पानी को लेने से इंकार कर दिया।
छात्राओं का आरोप था कि उन्हें जो भोजन दिया जा रहा है, वह निम्न गुणवत्ता का है। यही नहीं उन्हें पीने के लिए भी आरओ का पानी नहीं दिया जाता। जबकि हॉस्टल व मैस के नाम पर मोटी फीस वसूल की जाती है। छात्राओं की हड़ताल शुक्रवार को भी दिन भर जारी रही। कालेज प्रबंधन ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अडिग रहीं। जिसके बाद कालेज प्रबंधन ने एक कमेटी गठित की और छात्राओं की कई मांगों पर सहमति जताई, जिसके बाद ही छात्राओं ने अपनी हड़ताल वापस ली।
शिकायतों पर भी नहीं हो रहा था समाधान
हड़ताल पर बैठी छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में उन्हें जो खाना दिया जाता है वह खराब है। पीने के लिए आरओ का पानी भी नहीं दिया जाता। छात्राएं जिस वाटर कूलर से पानी पीती हैं, उसकी भी लंबे समय से सफाई नहीं की गई। पानी की टंकी में भी गंदगी पड़ी हुई है। इस बारे में कई बार कालेज प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी शिकायत की तरफ ध्यान ही नहीं दिया, जिस कारण उन्हें मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
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वसूली जा रही अतिरिक्त फीस
छात्राओं ने बताया कि कॉलेज की 15 दिसंबर से 10-15 जनवरी तक छुट्टी रहती है। इस दौरान करीब एक माह तक वह सभी अपने घरों में ही रहती हैं। लेकिन कॉलेज प्रबंधन इस माह के लिए भी सभी छात्राओं से हॉस्टल फीस वसूलता है। यहीं नहीं छात्राओं को घर पर रहने के बाद भी मैस के खाने के पैसे चुकाने पड़ते हैं। इसका विरोध करने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कैंटीन से मंगवाए समोसे, कई ने नमकीन चावल बनाकर खाए
हड़ताल पर बैठी छात्राओं ने वीरवार रात को हॉस्टल के मैस से मिलने वाले खाने का विरोध किया और छात्राओं ने खाना नहीं खाया। शुक्रवार को भी छात्राओं ने मैस से मिलने वाले खाने पर सवाल उठाते हुए खाना खाने से इंकार कर दिया। कई घंटे से भूखी छात्राओं में किसी ने कैंटीन से समोसे मंगवाकर भूख मिटाई तो किसी ने कमरे पर जाकर नमकीन चावल बनाकर खाए।
विवाद सुलझाने के लिए गठित की कमेटी
हॉस्टल की छात्राओं के हड़ताल पर चले जाने के बाद कालेज प्रबंधन ने छात्राओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए एक कमेटी का गठन किया। गठित कमेटी ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अडिग रहीं। छात्राओं की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देने के बाद ही छात्राओं ने हड़ताल खत्म की।
इनपर बनी सहमति
-मैस चार्ज कम कर 600 रुपये किया जाएगा।
-अगर हॉस्टल में नहीं रहना है तो एक माह पहले अवगत कराना होगा।
-अगर कोई छात्रा महीने के पहले 10 दिन तक ही हॉस्टल में रहती है तो उसे 10 दिनों का ही चार्ज देना होगा।
-अगर कोई छात्रा 10 दिन से अधिक रुकती है तो उससे पूरे माह की फीस ली जाएगी।
-हॉस्टल छात्राओं के लिए जिम जाने का समय शाम 4.30 से 6.00 बजे तक किया जाएगा।
-शाम की उपस्थिति 4.30 से 5.30 बजे से दर्ज की जाएगी।
-हॉस्टल के छात्र प्रतिनिधियों के साथ प्रतिमाह की 25 तारीख को मासिक बैठक की जाएगी।
-हॉस्टल के बाथरूम में गर्म पानी मिलने का समय सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा।
वर्जन
छात्राओं ने कुछ समस्याएं रखी थीं, जिस पर गहनता से विचार किया गया। इसके लिए एक कमेटी गठित की गई। सभी छात्राओं को आश्वासन दिया गया है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद छात्राएं हड़ताल खत्म कर लौट गई। कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कारगर कदम उठा रहा है।
आरके गुप्ता, प्राचार्य, हिंदू गर्ल्स कालेज, सोनीपत
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अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत हिंदू गर्ल्स कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं ने वीरवार देर शाम हॉस्टल के मैस में ज्यादा पैसे लेने के बाद भी बेहतर खाना नहीं देने के चलते भूख हड़ताल कर दी। छात्राओं ने रातभर मैस का खाना नहीं खाया और जमकर रोष जताया। छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हॉस्टल में रहने वाली 400 छात्राओं में से करीब 200 छात्राओं ने हड़ताल कर मैस से मिलने वाले खाने व पानी को लेने से इंकार कर दिया।
छात्राओं का आरोप था कि उन्हें जो भोजन दिया जा रहा है, वह निम्न गुणवत्ता का है। यही नहीं उन्हें पीने के लिए भी आरओ का पानी नहीं दिया जाता। जबकि हॉस्टल व मैस के नाम पर मोटी फीस वसूल की जाती है। छात्राओं की हड़ताल शुक्रवार को भी दिन भर जारी रही। कालेज प्रबंधन ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अडिग रहीं। जिसके बाद कालेज प्रबंधन ने एक कमेटी गठित की और छात्राओं की कई मांगों पर सहमति जताई, जिसके बाद ही छात्राओं ने अपनी हड़ताल वापस ली।
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शिकायतों पर भी नहीं हो रहा था समाधान
हड़ताल पर बैठी छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में उन्हें जो खाना दिया जाता है वह खराब है। पीने के लिए आरओ का पानी भी नहीं दिया जाता। छात्राएं जिस वाटर कूलर से पानी पीती हैं, उसकी भी लंबे समय से सफाई नहीं की गई। पानी की टंकी में भी गंदगी पड़ी हुई है। इस बारे में कई बार कालेज प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी शिकायत की तरफ ध्यान ही नहीं दिया, जिस कारण उन्हें मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।
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वसूली जा रही अतिरिक्त फीस
छात्राओं ने बताया कि कॉलेज की 15 दिसंबर से 10-15 जनवरी तक छुट्टी रहती है। इस दौरान करीब एक माह तक वह सभी अपने घरों में ही रहती हैं। लेकिन कॉलेज प्रबंधन इस माह के लिए भी सभी छात्राओं से हॉस्टल फीस वसूलता है। यहीं नहीं छात्राओं को घर पर रहने के बाद भी मैस के खाने के पैसे चुकाने पड़ते हैं। इसका विरोध करने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कैंटीन से मंगवाए समोसे, कई ने नमकीन चावल बनाकर खाए
हड़ताल पर बैठी छात्राओं ने वीरवार रात को हॉस्टल के मैस से मिलने वाले खाने का विरोध किया और छात्राओं ने खाना नहीं खाया। शुक्रवार को भी छात्राओं ने मैस से मिलने वाले खाने पर सवाल उठाते हुए खाना खाने से इंकार कर दिया। कई घंटे से भूखी छात्राओं में किसी ने कैंटीन से समोसे मंगवाकर भूख मिटाई तो किसी ने कमरे पर जाकर नमकीन चावल बनाकर खाए।
विवाद सुलझाने के लिए गठित की कमेटी
हॉस्टल की छात्राओं के हड़ताल पर चले जाने के बाद कालेज प्रबंधन ने छात्राओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए एक कमेटी का गठन किया। गठित कमेटी ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्राएं अपनी मांगों पर अडिग रहीं। छात्राओं की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देने के बाद ही छात्राओं ने हड़ताल खत्म की।
इनपर बनी सहमति
-मैस चार्ज कम कर 600 रुपये किया जाएगा।
-अगर हॉस्टल में नहीं रहना है तो एक माह पहले अवगत कराना होगा।
-अगर कोई छात्रा महीने के पहले 10 दिन तक ही हॉस्टल में रहती है तो उसे 10 दिनों का ही चार्ज देना होगा।
-अगर कोई छात्रा 10 दिन से अधिक रुकती है तो उससे पूरे माह की फीस ली जाएगी।
-हॉस्टल छात्राओं के लिए जिम जाने का समय शाम 4.30 से 6.00 बजे तक किया जाएगा।
-शाम की उपस्थिति 4.30 से 5.30 बजे से दर्ज की जाएगी।
-हॉस्टल के छात्र प्रतिनिधियों के साथ प्रतिमाह की 25 तारीख को मासिक बैठक की जाएगी।
-हॉस्टल के बाथरूम में गर्म पानी मिलने का समय सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगा।
वर्जन
छात्राओं ने कुछ समस्याएं रखी थीं, जिस पर गहनता से विचार किया गया। इसके लिए एक कमेटी गठित की गई। सभी छात्राओं को आश्वासन दिया गया है कि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद छात्राएं हड़ताल खत्म कर लौट गई। कॉलेज प्रशासन विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कारगर कदम उठा रहा है।
आरके गुप्ता, प्राचार्य, हिंदू गर्ल्स कालेज, सोनीपत