पंजाब की 32 जत्थेबंदियों ने वापसी की तैयारी की खबरों को सिरे से नकार दिया है। लगातार दूसरे दिन कुंडली बॉर्डर पर बैठक कर जत्थेबंदियों ने साफ किया है कि वह घर तो जाना चाहते हैं, लेकिन अधूरी मांगों के साथ नहीं जाएंगे। साथ ही कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की सहमति के बिना यहां से कोई नहीं जाएगा। जत्थेबंदियों ने सरकार को साफ तौर कहा है कि यदि सरकार उनके पत्र में सौंपी गई बाकी मांगों पर आज घोषणा कर देगी तो वह कल ही यहां से चले जाएंगे, लेकिन यदि मांगें पूरी नहीं की गई तो वह यहीं डटे रहेंगे। वहीं, मंगलवार को कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के सभी 41 सदस्य जुटेंगे और बैठक कर आगामी रणनीति बनाएंगे।
सोमवार को जत्थेबंदियों की बैठक के बाद से यह कयास लगाए जाने लगे थे कि चूंकि संसद में कृषि कानून वापसी बिल पास हो गया है तो पंजाब की जत्थेबंदियां वापसी की तैयारी में हैं। ऐसे में सभी 32 जत्थेबंदियों ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार को अचानक बैठक बुलाई। बैठक में के बाद जत्थेबंदियों के प्रमुख अवतार सिंह, मंजीत राय ने साफ किया कि मांगें पूरी होने से पहले वे कहीं नहीं जा रहे। वापसी की तैयारियों की अफवाह एक षड्यंत्र के तहत फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह घर तो जाना चाहते हैं, लेकिन अधूरी मांगों के साथ नहीं जाएंगे। सरकार को सभी 6 मांगों को मानना होगा और इन्हें पूरा करने की घोषणा करनी होगी। इसके बाद ही वह आंदोलन वापस लेने के बारे में विचार करेंगे। जत्थेबंदियों ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की अहम बैठक 4 दिसंबर को जिसमें सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। सरकार के अगले कदम के बाद संयुक्त मोर्चा जो निर्णय लेगा, उसी के अनुसार कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा, दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों में किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिन्हें शीघ्र वापस लेना होगा।