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दहशत में 1
Updated Thu, 31 Aug 2017 01:21 AM IST
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सोनीपत। डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह के सिरसा स्थित आश्रम से मुक्त कराने के बाद बालग्राम राई भेजी गई सभी लड़कियां फिलहाल दहशत में है। यहां पहुंची सभी 18 लड़कियों ने बालग्राम में एक ही हाउस में रहने की इच्छा जाहिर की है। जिस पर बालग्राम प्रशासन ने अनुमति दे दी है। बालग्राम प्रशासन ने लड़कियों के लिए बेहतर व्यवस्था करने की बात कही है। वहीं मीडिया से लड़कियों को मिलने पर रोक लगा दी है। मीडिया कर्मियों को अंदर नहीं जाने दिया गया।
सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को सोमवार को हुई सुनवाई में दो अनुयायियों के साथ रेप के मामलों में 20 साल की सजा सुनाई थी। उसके बाद गुरमीत सिंह के सिरसा डेरे को सील करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। डेरे से सेना व स्थानीय प्रशासन की टीम ने 18 लड़कियों को मुक्त कराया था। सभी लड़कियों को मंगलवार रात को बालग्राम राई भेजा गया। लड़कियां रात करीब साढ़े नौ बजे यहां पहुंच गई थी। लड़कियों ने अधिकारियों को यह जरूर बताया कि उन्होंने बवाल के बीच चार दिन दशहत में बड़ी मुश्किल से बिताए।
बालग्राम की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
बालग्राम राई में सिरसा डेरे से 18 लड़कियों के पहुंचने के बाद से ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी थी। पहले से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों के साथ राई थाना के पुलिस कर्मियों को भी यहां तैनात किया गया।
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डेढ़ से 17 साल के बीच सभी लड़कियां
बाल ग्राम राई में पहुंची सभी लड़कियों की उम्र डेढ़ वर्ष से लेकर 17 साल के बीच है। वहां से मुक्त कराई गई अन्य बालिग लड़कियों ने बालग्राम राई आने से मना कर दिया था। वह वहीं पर ठहरी हुई है।
एक ही हाउस में ठहराई गई सभी लड़कियां
डेरे से रात को रोडवेज की बस में सवार होकर पहुंची सभी लड़कियां घबराई हुई थी। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि चार दिन उन्होंने डेरे में दहशत के माहौल में बिताए हैं। बाल ग्राम प्रशासन ने उन्हें अलग-अलग चार हाउसों में रखना चाहता था, लेकिन सभी लड़कियों ने एक ही हाउस में रहने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्हें एक ही हाउस में ठहराया गया है।
तीन बैडरूम का हाउस दिया
बाल ग्राम की लड़कियों को जिस हाउस में ठहराया गया है उसमें बेहतर व्यवस्था की गई है। तीन बैडरूम के हाउस में एक ड्राइंग रूम भी है। लड़कियों को यहां कोई दिक्कत न हो इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
मीडिया को नहीं जाने दिया गया अंदर
बालग्राम राई में मंगलवार रात से ही मीडिया के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई थी। बाल ग्राम प्रशासन ने साफ कहा कि लड़कियों को मीडिया से नहीं मिलवाया जाएगा। वह अभी घबराई हुई है।
डेरा सच्चा सौदा से मुक्त कराई गई बच्चियों को एक ही हाउस में रखा गया है। उन्होंने स्वयं एक ही हाउस में रहने की इच्छा जताई थी। हाउस में बेहतर व्यवस्था की जा रही है।
अनीता सिंह, संयोजक, बाल ग्राम राई
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सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को सोमवार को हुई सुनवाई में दो अनुयायियों के साथ रेप के मामलों में 20 साल की सजा सुनाई थी। उसके बाद गुरमीत सिंह के सिरसा डेरे को सील करने की कार्रवाई शुरू की गई थी। डेरे से सेना व स्थानीय प्रशासन की टीम ने 18 लड़कियों को मुक्त कराया था। सभी लड़कियों को मंगलवार रात को बालग्राम राई भेजा गया। लड़कियां रात करीब साढ़े नौ बजे यहां पहुंच गई थी। लड़कियों ने अधिकारियों को यह जरूर बताया कि उन्होंने बवाल के बीच चार दिन दशहत में बड़ी मुश्किल से बिताए।
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बालग्राम की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई
बालग्राम राई में सिरसा डेरे से 18 लड़कियों के पहुंचने के बाद से ही यहां की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी थी। पहले से नियुक्त सुरक्षा कर्मियों के साथ राई थाना के पुलिस कर्मियों को भी यहां तैनात किया गया।
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डेढ़ से 17 साल के बीच सभी लड़कियां
बाल ग्राम राई में पहुंची सभी लड़कियों की उम्र डेढ़ वर्ष से लेकर 17 साल के बीच है। वहां से मुक्त कराई गई अन्य बालिग लड़कियों ने बालग्राम राई आने से मना कर दिया था। वह वहीं पर ठहरी हुई है।
एक ही हाउस में ठहराई गई सभी लड़कियां
डेरे से रात को रोडवेज की बस में सवार होकर पहुंची सभी लड़कियां घबराई हुई थी। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि चार दिन उन्होंने डेरे में दहशत के माहौल में बिताए हैं। बाल ग्राम प्रशासन ने उन्हें अलग-अलग चार हाउसों में रखना चाहता था, लेकिन सभी लड़कियों ने एक ही हाउस में रहने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्हें एक ही हाउस में ठहराया गया है।
तीन बैडरूम का हाउस दिया
बाल ग्राम की लड़कियों को जिस हाउस में ठहराया गया है उसमें बेहतर व्यवस्था की गई है। तीन बैडरूम के हाउस में एक ड्राइंग रूम भी है। लड़कियों को यहां कोई दिक्कत न हो इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
मीडिया को नहीं जाने दिया गया अंदर
बालग्राम राई में मंगलवार रात से ही मीडिया के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई थी। बाल ग्राम प्रशासन ने साफ कहा कि लड़कियों को मीडिया से नहीं मिलवाया जाएगा। वह अभी घबराई हुई है।
डेरा सच्चा सौदा से मुक्त कराई गई बच्चियों को एक ही हाउस में रखा गया है। उन्होंने स्वयं एक ही हाउस में रहने की इच्छा जताई थी। हाउस में बेहतर व्यवस्था की जा रही है।
अनीता सिंह, संयोजक, बाल ग्राम राई